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: सत्य स्वरूप परमात्मा का ध्यान ही उत्तम भक्ति: आचार्य धरणीधर

बमबम यादव

Mon, Mar 6, 2023

अयोध्या। बेनीगंज फेस तीन में चल रहे श्रीमद् भागवत में आचार्य धरणीधर जी महाराज ने गोपी गीत का संगीतमय प्रवचन किया। महाराज श्री ने गोपी गीत की अद्भुत व्याख्या सुनाते हुए कहा कि गोपी गीत श्री मद् भागवतजी का हृदय है जिसे  सुनने मात्र से मनुष्य का कल्याण हो जाता है इसलिए जिस भी व्यक्ति को अपने मानव जीवन के कल्याण की इच्छा हो उसे प्रति दिन गोपी गीत का पाठ करना या सुनाना अवश्य चाहिए।अतः भगवान श्री कृष्ण ज्ञान के देवता हैं और माता रुक्मिणी  लक्ष्मी यानि धन की देवी हैं ।रुक्मिणी का भाई रुक्मि,  रुक्मिणी का  विवाह शिशुपाल के साथ करना चाहता था। शिशुपाल यानि, शिशु या बच्चा, पाल यानि पालन करना, आचार्य धरणीधर जी ने कहा कि जो मनुष्य अपने घर परिवार के पालन पोषण में हीं अपनी सारी अक्ल और कमाई लगाता है ।उसके जीवन से  भगवान् लक्ष्मी रुपी रुक्मिणी का हरण कर लेते हैं। इसलिए हर मानव का यही धर्म है कि अपने धन रुपी लक्ष्मी को नारायण के चरणों में निवेदित कर अपने धन का सदुपयोग कर लक्ष्मी और नारायण दोनों का अनुदान वरदान प्राप्त कर अपने मानव जीवन को धन्य बनावें।कथा  के मध्य में दूल्हा और दुल्हन के रूप में भगवान श्री कृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह की सुन्दर झांकी भी प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर मुख्य यजमान हरीराम पाण्डेय,हरी प्रसाद पाण्डेय अयोध्या प्रसाद पाण्डेय, शैलेन्द्र पाण्डेय, आदेश पाण्डेय,डा.दिलीप सिंह,जय शंकर पाण्डेय, ग्राम प्रधान छट्ठू पाण्डेय,भास्कर मिश्र सहित बड़ी संख्या में कथा प्रेमी मौजूद रहें।

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