Friday 21st of August 2026

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गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

जानकी घाट  स्थित चारुशिला मंदिर में संतों ने की बैठक, अध्यक्षता चारुशिला मंदिर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम-सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी का पंचामृत से अभिषेक; दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालों ने मोहा मन

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व व श्रृंगी ऋषि आश्रम

सुचना

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: शिद्दत से शिरोधार्य हुए रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य

बमबम यादव

Tue, Mar 4, 2025
शिद्दत से शिरोधार्य हुए रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य
मंदिर आंदोलन में उनकी गणना अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में हाेती थी, रामजन्मभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्याैछावर कर दिया: विश्वेश प्रपन्नाचार्य
अयाेध्या। श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के महानायक, शलाका पुरुष एवं ऐतिहासिक पीठ सुग्रीवकिला पूर्वाचार्य श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य महाराज काे संताें ने छठवीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया। पुण्यतिथि पर संत-महंताें द्वारा मंदिर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। संताें ने साकेतवासी महंत के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस माैके पर सुग्रीवकिला के वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि उनके गुरूदेव विद्वान संत रहे। विद्वता में उन्हें महारथ हासिल था। उनकी गणना विद्वान संताें में हाेती थी। वह विलक्षण प्रतिभा के धनी संत हाेने के साथ-साथ गाै और संत सेवी रहे। उन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। गुरूदेव का सपना था, श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का। जाे श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े रहे। उस आंदोलन में उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर आंदोलन में उनकी गणना अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में हाेती थी। रामजन्मभूमि के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्याैछावर कर दिया। उनका सपना पूरा हुआ। श्रीरामजन्मभूमि पर दिव्य, भव्य, नूतन मंदिर बनकर तैयार हो गया, जिसमें श्रीरामलला सरकार विराजमान हुए। भव्य राममंदिर निर्माण ही गुरूदेव काे सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर काफी संख्या में संत-महंत, भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया। सुग्रीवकिला के उत्तराधिकारी स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य महाराज द्वारा आए हुए संत-महंत तथा भक्तगणों का स्वागत-सत्कार किया गया।

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