Wednesday 20th of May 2026

ब्रेकिंग

रिश्तों और निवेश को लेकर उठे कई सवाल कारोबारी तनाव, साझेदारी विवाद और मानसिक दबाव की चर्चाओं के बीच निष्पक्ष जांच की

ज्येष्ठ के दूसरे मंगलवार पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

आईएमए की आड़ में बदनाम अस्पताल संचालक ने ओढ़ी ईमानदारी की चादर, सोशल मीडिया से पोस्ट गायब होते ही तेज हुई चर्चाएं

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भक्तों की सेवा में जुटे महंत संजय दास ने ORS व जूस का वितरण; श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखी

बंगाल ने पहली बार खुलकर ली सांस, श्रेय अमित शाह को: बृजभूषण शरण सिंह

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: शिद्दत से शिरोधार्य हुए रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य

बमबम यादव

Tue, Mar 4, 2025
शिद्दत से शिरोधार्य हुए रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य
मंदिर आंदोलन में उनकी गणना अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में हाेती थी, रामजन्मभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्याैछावर कर दिया: विश्वेश प्रपन्नाचार्य
अयाेध्या। श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के महानायक, शलाका पुरुष एवं ऐतिहासिक पीठ सुग्रीवकिला पूर्वाचार्य श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य महाराज काे संताें ने छठवीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया। पुण्यतिथि पर संत-महंताें द्वारा मंदिर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। संताें ने साकेतवासी महंत के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस माैके पर सुग्रीवकिला के वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि उनके गुरूदेव विद्वान संत रहे। विद्वता में उन्हें महारथ हासिल था। उनकी गणना विद्वान संताें में हाेती थी। वह विलक्षण प्रतिभा के धनी संत हाेने के साथ-साथ गाै और संत सेवी रहे। उन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। गुरूदेव का सपना था, श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का। जाे श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े रहे। उस आंदोलन में उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर आंदोलन में उनकी गणना अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में हाेती थी। रामजन्मभूमि के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्याैछावर कर दिया। उनका सपना पूरा हुआ। श्रीरामजन्मभूमि पर दिव्य, भव्य, नूतन मंदिर बनकर तैयार हो गया, जिसमें श्रीरामलला सरकार विराजमान हुए। भव्य राममंदिर निर्माण ही गुरूदेव काे सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर काफी संख्या में संत-महंत, भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया। सुग्रीवकिला के उत्तराधिकारी स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य महाराज द्वारा आए हुए संत-महंत तथा भक्तगणों का स्वागत-सत्कार किया गया।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें