Wednesday 7th of October 2026

ब्रेकिंग

विश्व हिंदू रक्षा परिषद की धर्म संसद में 12 प्रस्ताव पारित; 5 नवंबर से 5 दिसंबर तक देशभर में चलेगा जनजागरण अभियान

सरेठी-कुशमाहा समेत कई गांवों में बेखौफ अवैध प्लाटिंग!“अयोध्या में खेत बने प्लॉटिंग का मैदान, नियमों को ठेंगा!”

छावनी की लंबित विकास योजनाओं को जल्द शुरू कराने की मांग, सीईओ ने जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण का दिया भरोसा

गांधी पार्क से कचहरी तक निकला पैदल मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे किया मांग

महंत सुनील दास ने श्रीमहंत बृजमोहन दास पर कार्यों में बाधा डालने का लगाया आरोप, समिति अध्यक्ष ने किया समर्थन; प्रशासन से

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: अनादिकाल से चल रही,झूलन की परंपरा : रामदास जी

बमबम यादव

Wed, Jul 30, 2025
अनादिकाल से चल रही,झूलन की परंपरा : रामदास जी प्रसिद्ध पीठ श्री करुणानिधान भवन मंदिर में झूलनोत्सव का छाया उल्लास, मंदिर कलाकारों द्धारा प्रस्तुत किया जा रहा गीत संगीत अयोध्या। प्रतिष्ठित पीठ श्री करुणानिधान भवन मंदिर के पीठाधीश्वर महंत रामदास जी महाराज की अध्यक्षता व अधिकारी रामनारायण दास जी के संयोजन में झूलनोत्सव का उल्लास छाया है। महंत रामदास जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में अनादिकाल से झूलन की परंपरा चली आ रही है। उस परंपरा का हम सब आज भी निर्वाहन कर रहे हैं। हम संत, महंत अपने-अपने मंदिरों में युगल सरकार को झूलन पर पधराकर झूला झुलाते हैं। साथ ही साथ अनेकानेक झूलन के पद्य गाकर भाव के अंतरंग में आनंदित भी होते हैं।अधिकारी रामनारायण दास ने कहा कि सर्वप्रथम प्रभु श्रीराम व मां जानकी के लिए मणिपर्वत पर झूले का आयोजन किया गया था। तब से प्रतिवर्ष श्रावण शुक्ल तृतीया को मणिपर्वत झूला मेले का आयोजन किया जाता है। इस दिन हम संत-महंत अपने मंदिरों के देव विग्रहों को पालकी पर बिठाकर गाजे-बाजे, हाथी घोड़ा संग मणिपर्वत ले जाते हैं और झूला झुलाते है। हरियाली तीज के दिन मणिपर्वत पर झूला पड़ने के साथ ही ऐतिहासिक झूला मेले का शुभारंभ हो जाता है। इसी दिन अयोध्या के मठ- मंदिरों में भी झूला पड़ जाता है। जो श्रावण शुक्ल पूर्णिमा रक्षाबंधन तक अपने चरमोत्कर्ष पर रहता है। मंदिरों में सायंकाल झूलन झांकी सजती है, जिसका सिलसिला देररात्रि तक चलता है। अनेकानेक नामचीन कलाकार अपने गायन-वादन से झूलनोत्सव में चार-चांद लगाते हैं। संत, महंत अपने-अपने मंदिरों युगल सरकार को झूला झुलाते हैं। साथ ही कलाकारों को नेग- न्यौछावर भी भेंट करते हैं। झूलन महोत्सव का कार्यक्रम पूरे 15 दिनों तक अपने चरम पर रहता है। अधिकारी राम नारायण दास जी ने कहा कि झूलन में विराजमान युगल सरकार का दर्शन करने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है।उन्होंने कहा कि झूलन का समापन रक्षाबंधन के दिन समारोह पूर्वक किया गया। जिसमें रामनगरी के संतों महंतो व कलाकारों का सम्मान किया गया।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें