Saturday 22nd of August 2026

ब्रेकिंग

गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

जानकी घाट  स्थित चारुशिला मंदिर में संतों ने की बैठक, अध्यक्षता चारुशिला मंदिर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम-सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी का पंचामृत से अभिषेक; दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालों ने मोहा मन

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व व श्रृंगी ऋषि आश्रम

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: रामराज्य स्थापना के संकल्प को लेकर हिंदू धाम में हो रही श्री राम कथा

बमबम यादव

Sun, Apr 14, 2024

व्यासपीठ से ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती महाराज कर रहे रामकथा

रामकथा में भजन गाते श्री राम कथा के संयोजक वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत राघवेश दास वेदांती महाराज

रामराज्य स्थापना को लेकर मैहर, अमरकंटक के बाद 5 जून से हरिद्वार में होगी कथा

अयोध्या। राम नगरी परिक्रमा मार्ग स्थित हिंदूधाम में श्री राम मंदिर निर्माण के पहले 16 वर्षों तक निर्माण में आने वाली बढ़ाओ को दूर करने के लिए ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती महाराज ने भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर श्री राम कथा कही और फैसला आने के बाद भारत में रामराज्य की स्थापना के संकल्प को लेकर श्री राम कथा कह रहे है। अयोध्या के बाद मैहर, अमरकंटक और उसके बाद 5 जून से हरिद्वार में कथा होगी। छठवें दिवस की कथा में ब्रह्मर्षि वेदांती जी महाराज ने बताया कि हनुमान जी महाराज ने श्री राम जी की मुदिका माता जानकी को दी और बताया कि मैं प्रभु श्री राम का दूत हूं। प्रभु ने मुझे भेजा है। मुद्रिका की विशेषता बताते हुए श्री महाराज जी ने बताया वह मुद्रिका बोलती थी लेकिन  फिर भी माता जानकी का संदेह दूर नहीं हुआ तब उन्होंने कहा कि मैं कैसे विश्वास कर लू, की श्री राम ने तुम्हें लंका में भेजा है पता लगाने के लिए, तब हनुमान जी महाराज ने उस कथा का वर्णन किया जिसको प्रभु श्री राम और मां सीता के अलावा कोई और नहीं जानता था। वह कथा थी इंद्र के बेटे जयंत की जो कौवा का रूप धर कर माता सीता के पैर में चोंच से घाव किया था।
श्री महाराज जी ने बताया कि हनुमान जी महाराज ने श्री राम जी के बताए हुए कई वृतांतों का वर्णन किया जिसको माता सीता के अलावा कोई नहीं जानता था फिर सीता माता का संदेह दूर हुआ। हनुमान जी महाराज ने फल खाने की इच्छा जताई तब माता ने कहा कि पुत्र वाटिका की रक्षा में बहुत बलवान हैं और तुम इतने छोटे से हो कैसे उनका सामना करोगे तब हनुमान जी महाराज ने अपने विकराल रूप को दिखाया उसके उपरांत जब माता जानकी को भरोसा हो गया तब उन्होंने फल खाने की अनुमति दी। श्री महाराज जी ने बताया कि हनुमान जी महाराज जिस पेड़ से फल खाते थे उसको तोड़ देते थे क्योंकि वह प्रभु को पहले भोग लगाते थे फिर वह फल प्रसाद हो जाता था और अगर उसे फल को रक्षास खा लेते तो उनको भी प्रसाद का फल मिल जाता यही कारण है कि वह वृक्षों को तोड़ दिया करते थे। विशाल बंदर को देखकर रखवाले लंकेश के दरबार में पहुंचे वहां से अक्षय कुमार आया हनुमान जी महाराज ने उसका वध कर दिया, श्री महाराज जी ने अक्षय कुमार के वध कि कथा विस्तार और कथा के विश्राम बेला पर आरती उतारी गई,प्रसाद वितरण किया गया। आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत श्री महाराज जी के शिष्य श्री राम कथा के संयोजक वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत राघवेश दास वेदांती महाराज ने किया। कथा में मुख्य रूप से आचार्य सत्येन्द्र दास वेदांती, वरुण दास सहान्तांशु रामजी उपाध्याय, पंडित  हिमांशु शास्त्री, राजेश तिवारी, अयोध्या दास सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें