: शिवादास और सुखदेव बने श्रीहनुमानगढ़ी के पुजारी
Sun, Mar 16, 2025
शिवादास और शुकदेवदास बने हनुमानगढ़ी के पुजारीहनुमानगढ़ी से सागरिया पट्टी के दो युवा नागा को पट्टी की पंचायती बैठक में सर्वसम्मत से चुना गया पुजारीधर्मसम्राट श्री महंत ज्ञानदास महाराज की अध्यक्षता में हुई सागरिया पट्टी की बैठकश्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या की पूरे विश्व में एक विशिष्ट पहचान है, हनुमानगढ़ी श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़ा की प्रधान पीठ है: श्रीमहंत ज्ञानदासअयोध्या। रामनगरी की प्रधानतम पीठ श्रीहनुमानगढ़ी की सागरिया पट्टी की तरफ से दो युवा नागाओं को हनुमानजी के सेवा पूजन का दायित्व सौंपा गया। यह दायित्व पट्टी की पंचायती बैठक में सर्वसम्मत से लिया गया। यह पुजारपना समयावधि के हिसाब से क्रम चलता रहता है। पट्टी सागरिया के समयावधि पर धर्मसम्राट श्री महंत ज्ञानदास जी महाराज के आसान पर पट्टी की पंचायती बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मत से सभी नागा संतों ने चरण पादुका से बाबा लक्ष्मण दास जी महाराज के यहां से शिवा दास व बाबा रामसेवक दास जी महाराज के यहां से सुखदेव दास को हनुमानजी महाराज का सेवा पूजन का दायित्व सौंपा गया बकायदा लिखापढ़ी करके पुजारी नियुक्त किया गया। इसके दोनो नवनियुक्त पुजारी को हनुमानजी महाराज के समक्ष ले जाकर दंडवत कराके महावीरी से अभिषेक किया गया। पट्टी के बैठक में पट्टी के दो युवा संतों शिवा दास और सुखदेव दास को हनुमानगढ़ी का पुजारी नियुक्त किया गया। यह बैठक अखाड़ा परिषद के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे धर्मसम्राट महंत ज्ञानदास की अध्यक्षता में हुई जिसमें पट्टी के सैकड़ों संतों की मौजूदगी रही।पुजारी नियुक्त के समय श्री महंत ज्ञानदास जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या की पूरे विश्व में एक विशिष्ट पहचान है। हनुमानगढ़ी श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़ा की प्रधान पीठ है। हनुमानगढ़ी और यहां के संतों का सम्मान त्याग और तपस्या के साथ घर्म की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि किसी भी संत की पहचान उसके वेश, तिलक और आचरण से होती है। हमें इसको हमेशा उच्च स्तर पर बनाए रखना है। हमें किसी भी सूरत पर अपने पहचान से समझौता नहीं करना चाहिए।
श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज ने कहा कि कभी कभार कुछ संत शाम के स्नान के बाद बिना तिलक आश्रम से निकलते हैं। यह किसी भी दशा में उचित नहीं है। हमें हर हाल में तिलक धारण करके ही आश्रम से निकलना चाहिए। तिलक ही बताता है कि हम हनुमानगढ़ी के संत है। हमें आदर पाने के लिए पीठ के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करना होगा। अखाड़े के सारे नियम संतों के सम्मान और सुरक्षा के लिए ही आचार्यों ने बनाए है। पंचायती बैठक में मौजूद सभी वरिष्ठ नागा संत व युवा नागा संतों का धर्मसम्राट श्री महंत ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास महाराज ने आभार प्रकट किया। सभी का स्वागत परम्परागत तरीकें से श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के उत्तराधिकारी हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास महाराज व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने सयुंक्त रुप से किया। बैठक में तीनों अनियों के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास, बाबा सरोज दास, संकट मोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास, गद्दनशीन महंत प्रेमदास के उत्तराधिकारी महंत डाक्टर महेश दास, बाबा रामप्रसाद दास, महंत बलराम दास,इंद्रदेव दास पहलवान, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, नागा रामदास, महंत सुरेंद्र दास, बाबा लक्ष्मण दास, विवेक दास, सरवन दास, पुजारी अनिल दास,अम्बिका दास, विराट दास, मोहन दास, अंकित दास महंत संजयदास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
: गुजरात से रामनगरी पदयात्रा करते अयोध्या पहुंचे सौकड़ों रामभक्त
Thu, Mar 13, 2025
गुजरात से रामनगरी पदयात्रा करते अयोध्या पहुंचे सौकड़ों रामभक्त
स्वामी नारायण सम्प्रदाय के सैकड़ों अनुयायी 16 सौ किलोमीटर की पदयात्रा करके रामलला के दरबार पहुंचे
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने किया स्वागत, कहा रामभक्तों के लिए चल रहा स्वर्णिम कालभगवान रामलला के विराजमान होने की खुशी में हम सब पदयात्रा करते अयोध्या आये है: सीपी स्वामीअयोध्या। भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद पूरे देश में रामभक्तों में उल्लास अपने चरम पर है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में भगवान रामलला के विराजमान होने की खुशी में गुजरात के भावनगर के समीप गड़पुर धाम से परमपूज्य आचार्य अजेन्द्र प्रसाद जी महाराज की आज्ञा व आशीर्वाद से तथा सम्रग धर्मकूल के आशीर्वाद से स्वामी धनश्याम बल्लभ दास, सत्य प्रकाश दास ( सीपी स्वामी) के संयोजन में स्वामी नारायण सम्प्रदाय के करीब पांच सौ अनुयायी हरि भक्त रामनगरी अयोध्या व छपिया पदयात्रा करते पहुंचे। यह यात्रा 43वें दिन अयोध्या पहुंची। अयोध्या पहुंचने पर हरि भक्तों रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई,जहां पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने हरिभक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद हनुमानगढ़ी व मां सरयू का दर्शन पूजन किये। स्वामी नारायण सम्प्रदाय के हरि भक्तों का दो दिवसीय कार्यक्रम अयोध्या में है,जिसमें कल यानि शुक्रवार को रामनगरी के विशिष्ट संत धर्मचार्य हरि भक्तों का अभिनन्दन करेगें। कार्यक्रम के संयोजक सीपी स्वामी ने कहा कि भगवान रामलला के विराजमान होने की खुशी में हम सब पदयात्रा करते अयोध्या आये है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा 1600 किलोमीटर की रही जिसमें हम 43वें दिन अयोध्या पहुंचे है,जहां पर हमारा स्वागत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय जी ने किया। सीपी स्वामी ने कहा कि परमपूज्य आचार्य अजेन्द्र प्रसाद जी महाराज की आज्ञा व आशीर्वाद ये यात्रा पूरी हुई है।
: जय शाह पहुंचे अयोध्या, भगवान रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन कर भाविभोर हुए
Thu, Mar 13, 2025
जय शाह पहुंचे अयोध्या, भगवान रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन कर भाविभोर हुए
जय शाह ने की हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना, ICC के चेयरमैन बनने के बाद पहुंचे अयोध्यासंकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास का लिया आशीर्वाद, पुजारी हेमंत दास ने स्मृति चिन्ह भेंट कर किया स्वागतअयोध्या। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पुत्र जय शाह आईसीसी के चेयरमैन बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे।उन्होंने भगवान रामलला सहित राम मंदिर का दर्शन कर निर्माण की बारीकियों को देखा।इसके बाद वे हनुमानगढ़ी पहुंवे जहां उन्होंने दर्शन-पूजन और परिक्रमा की।अपनी इस धार्मिक यात्रा के दौरान वे पूरी तरह भाव विभोर दिखाई पड़े। हनुमानगढ़ी में जय शाह ने संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास का आशीर्वाद लिया तो पुजारी हेमंत दास ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन के दौरान जय शाह ने कहा कि अयोध्या आकर उनकी आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ी है। उन्होंने अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की और इसे देश की आस्था का केंद्र बताया। इस मौके पर महंत संजय दास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव भी मौजूद रहें।