: सनातन धर्म के सद्ग्रन्थों को अध्यात्मदीप कहा गया: रत्नेशप्रपन्नाचार्य
Wed, Oct 30, 2024
सनातन धर्म के सद्ग्रन्थों को अध्यात्मदीप कहा गया: रत्नेशप्रपन्नाचार्यसरायराशी पूरा बाजार में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर व्यासपीठ से हनुमत कथा की अमृत वर्षा हो रहीअयोध्या। श्रीराम नाम को भी दीप कहा गया है ,सनातन धर्म के सद्ग्रन्थों को अध्यात्मदीप कहा गया है ।दीपावली पर हम दीप जलाकर बाहर -भीतर दोनों तरफ़ उजियारा कर लें।उक्त बातें जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेशप्रपन्नाचार्य जी ने हनुमत कथा के पंचम दिवस कही। सरायराशी पूरा बाजार में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर व्यासपीठ से हनुमत कथा की अमृत वर्षा कर रहें आचार्य रत्नेशप्रपन्नाचार्य जी ने कहा कि दीपावली का पर्व ज्योति का पर्व है। यह अपने भीतर सुषुप्त चेतना को जगाने का अनुपम पर्व है। यह हमारे आभामंडल को विशुद्ध और पर्यावरण की स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देने का पर्व है। भगवान महावीर ने दीपावली की रात जो उपदेश दिया उसे हम 'प्रकाश पर्व' का श्रेष्ठ संदेश मान सकते हैं। भगवान महावीर की यह शिक्षा मानव मात्र के आंतरिक जगत को आलोकित करने वाली है। तथागत बुद्ध की अमृतवाणी 'अप्प दीवो भव। आचार्य श्री ने कहा कि अर्थात्, 'आत्मा के लिए दीपक बनो' वह भी इसी भावना को पुष्ट कर रही है। इतिहासकार कहते हैं कि जिस दिन ज्ञान की ज्योति लेकर नचिकेता यमलोक से मृत्युलोक में अवतरित हुए वह दिन भी दीपावली का ही दिन था। यद्यपि लोकमानस में दीपावली एक सांस्कृतिक पर्व के रूप में अपनी व्यापकता सिद्ध कर चुका है। रामानुजाचार्य जी ने कहा कि यह बात सच है कि मनुष्य का रुझान हमेशा प्रकाश की ओर रहा है। अंधकार को उसने कभी न चाहा, न कभी मांगा। 'तमसो मा ज्योतिर्गमय। भक्त की अंतर भावना अथवा प्रार्थना का यह स्वर भी इसका पुष्ट प्रमाण है। 'अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलें। इस प्रशस्त कामना की पूर्णता हेतु मनुष्य ने खोज शुरू की। उसने सोचा कि वह कौन-सा दीप है, जो मंजिल तक जाने वाले पथ को आलोकित कर सकता है। अंधकार से घिरा हुआ आदमी दिशाहीन होकर चाहे जितनी गति करे, सार्थक नहीं हुआ करती। प्रकाश ऊर्जा का एक रुप होता है जिसकी उपस्थिति द्वारा हम वस्तुओं को देखते है। वेद में यह स्पष्ट उल्लेख है कि हमारी माँग उस परमात्मा तक पहुँचे इसके लिए एक प्रकाश का सहारा लिया जाना आवश्यक है, एक ज्योति को माध्यम बनाना जरूरी है, क्योंकि प्रकृति से, ईश्वर से कोई भी याचना तब तक स्वीकार नहीं होती जब तक याचक अपना संबंध पहले प्रकाश से नहीं जोड़ लेता। प्रकाश मनुष्य और ईश्वर के बीच का संदेशवाहक है। इस मौके पर शिव प्रताप सिंह,प्रमोद कुमार सिंह “आशु” ,गोपाल सिंह,नन्दन सिंह, उदय प्रताप सिंह ,गोविंद सिंह सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: रामचरितमानस पर आधारित झांकियों ने मोहा मन
Wed, Oct 30, 2024
रामचरितमानस पर आधारित झांकियों ने मोहा मनदीपोत्सव पर साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक के लिए निकली 18 मनमोहक झांकियांपुत्रेष्टि यज्ञ से लेकर प्रभु के राजतिलक तक की कथाओं का हुआ प्रदर्शनअयोध्या। प्रभु श्रीराम की नगरी में आठवें दीपोत्सव का भव्य आयोजन हर साल की तरह इस बार भी सजीव और रंगीन झांकियों के साथ मनाया जा गया। साकेत महाविद्यालय से राम कथा पार्क तक निकाली गई 18 विशेष झांकियां इस दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण बनी रहीं। झांकियों को झंडी दिखाते हुए योगी सरकार में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के साथ विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, मेयर गिरीश पति त्रिपाठी व अन्य मौजूद रहे। इन झांकियों में रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया , जिससे लाखों श्रद्धालु भावविभोररहे। झांकियों के दृश्य को हर कोई अपने मोबाइल में कैद करता दिखा। इस दौरान रामपथ पर रंग गुलाल उड़ने के साथ जमकर आतिशबाजी भी हुई।इस भव्य शोभायात्रा में साकेत महाविद्यालय के छात्रों ने पुत्रेष्टि यज्ञ से लेकर श्रीराम के राजतिलक तक के विभिन्न प्रसंगों को बड़े ही सुंदर ढंग से झांकियों के रूप में प्रस्तुत किया। इन झांकियों में न केवल श्रीराम के जीवन के महत्वपूर्ण अध्यायों का दर्शन कराया, बल्कि इनमें शामिल कलाकारों के अभिनय ने दृश्य को और भी जीवंत बना दिया। झांकियों के बीच-बीच में लोक कलाकार अपने अभिनय से कथा को दर्शकों के सामने पेश कर रहे हैं, जिससे दर्शकों का अनुभव और भी खास हो रहा है। झांकियों का यह सफर साकेत महाविद्यालय से शुरू होकर अयोध्या के प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए राम कथा पार्क तक पहुंचा जहांहां, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इन झांकियों का स्वागत किया और प्रभु श्रीराम, माता सीता और भइया लक्ष्मण के स्वरूपों का अयोध्या आगमन पर उनका वंदन-अभिनंदन किया। इस महोत्सव में साकेत महाविद्यालय की 18 झांकियों में से 11 झांकियां सूचना विभाग की ओर से और 7 झांकियां पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थी। पर्यटन विभाग द्वारा सजाई गई झांकियों में तुलसीदास रचित रामचरितमानस के सात अध्यायों- बालकांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदर कांड, लंका कांड और उत्तर कांड पर आधारित सुंदर दृश्य प्रस्तुत किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को रामायण के विभिन्न प्रसंगों का सार समझाने में सहायक हैं। इस आठवें दीपोत्सव में श्रीराम की शिक्षा, सीता-राम विवाह, वन गमन, भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, अशोक वाटिका, हनुमान का लंका गमन, शक्तिबाण लगने से लक्ष्मण का मूर्छित होना, रावण वध, अयोध्या आगमन और दीपोत्सव पर आधारित झांकियों का विशेष प्रदर्शन किया गया।
: पुष्पक विमान से पहुंचे प्रभु श्रीराम, सीएम ने खींचा रथ
Wed, Oct 30, 2024
पुष्पक विमान से पहुंचे प्रभु श्रीराम, सीएम ने खींचा रथमुख्यमंत्री ने अपने हाथों से किया प्रभु श्रीराम का राजतिलकअयोध्या। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रभु राम और लक्ष्मण के साथ रथ पर सवार हुए। इस रथ को स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खींचा, इसके बाद सहयोग के लिए उनके मंत्रीगण सूर्यप्रताप शाही व उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी साथ आ गए। सीएम योगी ने जहां राम दरबार की अगवानी की वहीं अपने हाथों से श्रीराम का राजतिलक किया। इसके साथ ही सीता, लक्ष्मण, हनुमान समेत अन्य का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। राजतिक के बार सीएम योगी ने राम दरबार की आरती उतारी।इस दौरान रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा जिस तरह की भव्यता आज अयोध्या में है वैसी ही भव्यता काशी और मथुरा में हो। देश की हर धार्मिक नगरी में उत्सव जैसा माहौल हो। उन्होंनेकहा कि हम भेदभाव नहीं करते। हम भाषा, जाति और मजहब के नाम पर भेदभाव नहीं करते। राजा राम के गद्दी में बैठने के बाद जो हुआ था वही कर रहे हैं। आज उसी तर्ज पर श्रेष्ठ भारत जन्मा है। सीएम योगी ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या एक नया इतिहास रच रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूरी दुनिया में राम के नाम को जाना है। हमारी संस्कृति को जाना है। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म एक ऐसा धर्म है जिसने सभी को अपने सीने से लगाया। यह धर्म किसी से नफरत नहीं करता है। सीएम योगी ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पहले राम के नाम प्रश्न खड़ा करती थीं। अब पूरी दुनिया राम को मान रही है।