: साधना शुचिता और वैराग्य के अमृतपुंज अयोध्या में शिद्दत से शिरोधार्य हुए हनुमानजी
Wed, Apr 24, 2024
हनुमान जयंती पर हनुमान बाग मंदिर में हुआ विशेष पूजन अर्चन, लगा भगवान को भोग, हनुमानबाग में सायं गोधुरिया बेला में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया
आदित्य भवन पर स्थापित हुए पंचमुखी हनुमानजी, हुआ विधिवत पूजन प्राण प्रतिष्ठा में संतो का हुआ अभिनन्दन
अयोध्या। रामनगरी में मंगलवार को हनुमान जी के जयंती श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। वैसे तो हनुमान जयंती बहुत बड़े पैमाने पर कार्तिक में मनाई जाती है लेकिन चैत्र की भी जयंती हनुमानजी का मठ मंदिरों में मनाई गई।
रामनगरी में अपनी सेवा समर्पण के रुप में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले आदित्य भवन चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आज समारोह पूर्वक समापन हुआ। वैदिक आचार्यों द्धारा सुंदर कांड व नवाह परायण पाठ किया गया। इसके बाद पंचमुखी हनुमानजी का भव्य प्राण प्रतिष्ठा हुआ। आये संतों का स्वागत अभिनन्दन भी किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर विशेष रुप से सजाया गया था।आदित्य भवन से जुड़े हरिओम राय ने बताया कि श्री महारुद्र यज्ञ एवं मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 19 अप्रैल से शुरु हुआ था। जिसका समापन आज पंचमुखी हनुमानजी के प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुआ। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संतों का अभिनन्दन भी हुआ।
तो वही वासुदेवघाट स्थित हनुमानबाग में सायं गोधुरिया बेला में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिर के महंत जगदीश दास ने बताया कि अयोध्या में सिर्फ हनुमानबाग में गोधूरिया बेला में बजरंगबली का प्राकटोत्सव मनाया जाता है। हनुमानबाग मंदिर समेत अयोध्या के विभिन्न मठ मंदिरों में हनुमान जयंती का यह पर्व पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। साधना शुचिता और वैराग्य के अमृतपुंज भगवान महाबीर की आध्यात्मिक स्थली श्रीअयोध्याजी के मर्यादित आश्रमों में सिद्धपीठ श्रीहनुमानबाग गरीबों मजलूमों की सेवा कर अपने परिकल्पना को परिलक्षित कर रहा है। हनुमान बाग रामनगरी के प्रतिष्ठित मंदिरों में शुमार है। वर्तमान परम्परावाहक म. श्रीजगदीशदासजी महाराज उक्त विरासत को समेटे हुए गौसेवा सन्तसेवा एवं आश्रम संचालन से सम्पूर्ण विश्व में सनातन ध्वजा लहरा रहे हैं। कार्यक्रम में पुजारी योगेंद्र दास,सुनील दास, रोहित शास्त्री,नितेश शास्त्री मौजूद रहे।
: हनुमानगढ़ी तो मेरा घर,हनुमानजी मेरे आराध्य:बृजभूषण शरण सिंह
Tue, Apr 23, 2024
सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने हनुमानजी के दरबार में माथा टेका, संतो ने किया जोरदार स्वागत
सांसद का स्वागत करते महंत बलराम दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास व सरवन दास
सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कुश्ती की पहचान देश विदेश में बढ़ाया, पहलवानों का सम्मान व स्वाभिमान भी बढ़ाया: महंत संजय दास
अयोध्या। रामनगरी की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी मल्य विद्या का भी गढ़ है। जहां से एक से बढकर एक नागी गिरामी पहलवानों ने देश में ही नही विदेशों में भी अपने पहलवानी का लोहा मनवाया है। उसी गढ़ श्री हनुमानगढ़ी में आज सांसद बृजभूषण शरण सिंह का स्वागत संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज के ननेतृत्व में नागा साधुओं ने किया है। महंत संजय दास ने कहा सांसद बृजभूषण शरण सिंह नेताजी ने कुश्ती की पहचान और कुश्ती को बढ़वा देश विदेश में बढ़ाया है बल्कि पहलवानों का सम्मान व स्वाभिमान भी सांसद जी ने बढ़ाने का काम किया है।भारतीय कुश्ती संघ को बुलंदियों पर पहुंचाया है इसलिए हम सबको नेता जी पर गर्व है। आज सांसद बृजभूषण शरण सिंह कुश्ती संघ में नही है फिर भी भारतीय कुश्ती में सांसद बृजभूषण शरण सिंह का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा आने वाले पहलवान नेता जी के कार्यों का यशगान करेंगे। हनुमानगढ़ी सांसद जी का अपना घर है। आज वो हनुमानगढ़ी आये तो हम सब उनका स्वागत कर रहें है। स्वागत में संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत बलराम दास व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास व पहलवान मनीरामदास ने रामदरबार व रामनामा भेंट कर किया। स्वागत के क्रम में वेदपाठी बटुकों ने वेदमंत्रों पढ़कर सांसद जी का स्वागत किया। स्वागत के बाद नेताजी अपने चिरपरिचित अंदाज से सभी नागा साधुओं का कुशलक्षेम पूछा व महंत सत्यदेव दास का हाल जाना। इसके बाद बृजभूषण शरण सिंह ने हनुमानजी के दरबार में माथा टेका। स्वागत से अभीभूत सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि हनुमानगढ़ी तो मेरा घर है,हनुमानजी में आराध्य है। मै जब भी अयोध्या से गुजरता हूँ तो हनुमानजी के दरबार में हाजिरी जरूर लगाता हूँ। हनुमानजी की कृपा मेरे ऊपर सदैव रहती है। स्वागत में पहलवान इंन्ददेव दास, पहलवान मनीरामदास, उपेंद्र दास, पुजारी अनिल दास, सरवन दास, विराट दास,महंत संजय दास जी के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव, अमरजीत सिंह काका, सांसद जी के प्रतिनिधि सोनू सिंह, जेडी सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
: अयोध्या में पहली बार 4डी मंदिर से “लक्ष्मी-नारायण“ के दर्शन का अवसर
Sun, Apr 21, 2024
कलर्स ने स्थापित किया अद्भुत मंदिर
अयोध्या। प्रभु श्री राम की पावन नगरी आयोध्या में पहली बार ऐसी धार्मिक स्थापना हुई है जिसने आराधना और पारलौकिक अनुभव को एक नई गतिशीलता प्रदान की है। कलर्स टीवी चैनल ने अपने दर्शकों को ’लक्ष्मी नारायण’ के दिव्य दर्शन देने के लिए राम की पैड़ी घाट पर एक नवीन और बहु-आयामी 4डी एंगेजमेंट मंदिर की स्थापना की है, ताकि लोगों को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के अद्भुत दर्शन का विविध अनुभव प्राप्त हो सके। इस अद्भुत 4डी मंदिर की स्थापना के बाद, अयोध्या आने वाले तीर्थयात्रियों और प्रयात्रियों को पहली बार भगवान लक्ष्मी-नारायण के अनोखे दर्शन करने का अनुभव मिलेगा। इस मनमोहक मंदिर के रूप में, एक विशाल 12 फीट का 4डी लक्ष्मी नारायण मंदिर निर्मित किया गया है और दर्शक इसका आनंद 20 अप्रैल से 23 अप्रैल तक केवल राम की पैड़ी घाट पर उठा सकते हैं। इस बात पर दृढ़ विश्वास रखते हुए कि “हर घर में लक्ष्मी नारायण का वास है“, कलर्स का आगामी पौराणिक शो ’लक्ष्मी नारायण’ 22 अप्रैल से सोमवार से शुक्रवार तक रात 10 बजे प्रसारित होगा, और यह अपने दर्शकों को सुख, सामर्थ्य और संतुलन का खजाना हासिल करने की कुंजी प्रदान करेगा, तथा उन्हें अपने घरों में समृद्धि का स्वागत करने के लिए प्रेरित करेगा। शो दर्शकों को ’लक्ष्मी’ और ’नारायण’ के दिव्य अवतार की यात्रा से रूबरू कराएगा, जिसमें उन्हें उनकी अनसुनी कथाओं के दर्शन होंगे, जहां वे स्वयं परमेश्वर होने के बावजूद समकालीन चुनौतियों और आकांक्षाओं से गुजरते हैं, जिससे दर्शकों को आज की आधुनिक दुनिया के लिए प्रासंगिक अनुभव प्राप्त होगा। भव्यता का परिचायक बनने वाले सेट डिजाइन और श्रेष्ठ वी.एफ.एक्स के साथ, इस शो में श्रीकांत द्विवेदी और शिव्या पठानिया क्रमशः भगवान नारायण और देवी लक्ष्मी की भूमिका में हैं।बहुत से लोगों के लिए, अयोध्या की यात्रा एक आनंदमय अनुभव होती है। इस विशेष दिन पर, कई लोगो ने अपने धार्मिक समूहों के साथ लक्ष्मी नारायण के 4क् मंदिर का अनुभव लिया । एडी डांस एकेडमी ने एक विशेष धार्मिक नृत्य प्रस्तुत किया, और अयोध्या के पुलिस अधिकारी भी लक्ष्मी नारायण का विशेष दर्शन किया। आयोध्या के निवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ी खुशी की बात है कि उनकी धरती पर ऐसी एक विशिष्ट स्थापना हुई है जो धार्मिक परंपरा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग करती है। यह स्थान न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का संरक्षण करेगा, बल्कि नवीन आरामदायक तरीकों से पवित्र अनुभव भी प्रदान करेगा।