: भाजपा प्रत्याशी करन भूषण ने हनुमानगढ़ी में टेका माथा
Thu, May 2, 2024
धर्म सम्राट श्रीमहंतज्ञान दास महाराज का लिया आशीर्वाद, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास के नेतृत्व में संतों ने किया जोरदार स्वागत
नन्दनी गौ माता का आशीर्वाद लेते भाजपा प्रत्याशी करन भूषण व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास जी महाराज
धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज का आशीर्वाद लेते करन,साथ में महंत संजय दास जी, महंत बलराम दास जी, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास जी
करन भूषण सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट करते महंत बलराम दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास व आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मणकिला के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण
पिता के आशीर्वाद से समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना मेरा लक्ष्य: करन भूषण सिंह
अयोध्या। उत्तर प्रदेश का कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र जिस पर लोकप्रिय नेता सांसद बृजभूषण शरण सिंह के फैसले का सभी राजनैतिक दलों को बेसब्री से इंतजार था, जिस पर आज पूर्ण विराम लग ही गया। लोकप्रिय सांसद ने इस बार अपनी सीट पर अपने बेटे को प्रत्याशी बनाया है। पूरे लोकसभा क्षेत्र के युवाओं के सबसे लोकप्रिय करन भूषण सिंह इस बार भाजपा के प्रत्याशी घोषित हुए है। इस बहुचर्चित सीट से प्रत्याशी की घोषणा होते ही पूरे क्षेत्र में एक गजब की उत्साह का संचार हो गया। करन भूषण सिंह प्रत्याशी बनते ही अपने पिता सांसद बृजभूषण शरण सिंह का आशीर्वाद लेते ही रामनगरी अयोध्या पहुंचे।करन भूषण सबसे पहले अयोध्या के राजा के रुप में विराजमान प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी में अपना माथा टेका इसके बाद शीर्ष श्रीमहंत धर्म सम्राट ज्ञानदास जी महाराज का आशीर्वाद लेने पहुंचे। भाजपा प्रत्याशी करन भूषण सिंह अपने पिता की विरासत को अपने दिल में आत्मसात इस कदर किये है कि संतों ने कहा जैसे नेता जी का दिल अयोध्या के लिए, संतों के लिए रहता है वही प्रकार करन का भी दिल संतों व अयोध्या के प्रति देखकर संत भावुक हो गये। श्रीमहंत धर्म सम्राट ज्ञानदास जी महाराज ने कहा कि नेताजी बृजभूषण सिंह का नाम उनके बेटे करन भूषण रोशन करेंगे। जनता के सुख दुख के साथी है करन युवाओ की पहचान है करन भूषण सिंह। तो वही संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास ने आशीर्वाद देते हुए कहा है करन भूषण सिंह की ऐतिहासिक जीत होगी। हनुमानजी महाराज व गुरुदेव भगवान का आशीर्वाद सदैव नेताजी के परिवार के साथ है। करन भूषण सिंह का रामनगरी में वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास के नेतृत्व में जोरदार स्वागत हुआ। अपने स्वागत से गदगद भाजपा प्रत्याशी उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ अध्यक्ष करन भूषण सिंह ने कहा संतों का आशीर्वाद सदैव मेरे परिवार के साथ रहा है, आगे भी रहेंगा। उन्होंने कहा कि पिता जी व संतों के आशीर्वाद से समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना मेरा लक्ष्य है। इसके बाद करन भूषण सिंह आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किला पहुंचे जहां पर वे मां सरयू का आचमन कर किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण का आशीर्वाद लिये। इस मौके पर महंत बलराम दास, महंत इन्द्रदेव दास, लक्ष्मणकिला के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण, अनिल दास, सरवन दास, विराट दास सांसद प्रतिनिधि सोनू सिंह, ब्लाक प्रमुख आजाद विक्रम सिंह, चेयरमैन सत्येंद्र सिंह, अखंड प्रताप सिंह,अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत व कार्यकर्ता मौजूद रहें।
: नेताजी की मृत्यु के बाद समाजवादी पार्टी उनकी नीतिओ को भूल गयी: अभय सिंह
Tue, Apr 30, 2024
कार्यक्रम में जुटी समर्थकों की भीड़ देख गोसाईगंज विधायक अभय सिंह दिखे गदगद
अयोध्या।राजसभा चुनाव में भाजपा प्रत्यासी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर चर्चाओं में आये गोसाईगंज विधायक अभय सिंह ने मंगलवार को तारुन ब्लाक के सरायशेख महमूद स्थित राम सूचित महाविद्यालय में अपने समर्थकों की भारी भीड़ जुटाकर अपना बर्चस्व बरकरार रखा। उन्होंने कहाकि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने उनके जेल में रहते हुये समाजवादी पार्टी से उन्हें टिकट दिया था।जिसका अहसान मैं और मेरा परिवार कभी नही भुला सकता हैं, लेकिन नेता जी की मौत के बाद उनकी नीतियों का पालन पार्टी में नही हो रहा है। श्री सिंह ने कहा कि नेता जी अपने कार्यकर्ताओं के लिए परछाई की तरह खड़े रहते थे। लेकिन समाजवादी पार्टी किसानों नौजवानों जेल में बंद पार्टी विधायको के लिए कोई लड़ाई नही लड़ रही हैं। अभय सिंह ने अपने विरोधियों पर अधिकारियों से मिलकर अपने ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाने का आरोप लगाया। कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रामनाथ कोविंद व द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर दलित समाज का सम्मान किया है।जिसके लिए मैं मोदी योगी व अमितशाह का शुक्रगुजार हूँ। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव पूजन पाण्डेय व संचालन जमुना वर्मा ने किया। कार्यक्रम को शकुंतला निषाद,अनिल भारती, त्रिभुवन प्रजापति,इंद्रजीत यादव,शिव पूजन यादव,राकेश सिंह, राजमणि यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख विजय प्रताप सिंह, ने संबोधित किया।
: महंत विजयराम दास योगीराज को संतो ने किया नमन
Fri, Apr 26, 2024
अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साधुशाही परंपरानुसार बालयोगी रामदास को कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की दी मान्यता
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या से बाल्यकाल से वैराग्य का जीवन प्रारंभ करने वाले भजनानंदी संत, मां सरयू के पावन तट पर विराजमान सिद्धपीठ करतलिया आश्रम के साथ भारत और नेपाल में स्थित दर्जनों आश्रमों के पीठाधीश्वर महंत विजयराम दास योगीराज महराज को संतो ने नमन किया।
करतलिया बाबा आश्रम में गुरुवार को एक महंताई समाराेह के दरम्यान अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साधुशाही परंपरानुसार महंत बालयोगी रामदास को कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की मान्यता दी। साथ ही साथ महज्जरनामा पर हस्ताक्षर भी किया। आश्रम के महंत रहे विजयराम दास योगीराज महाराज का कुछ दिनाें पहले साकेतवास हाे गया था। जिस पर राम दास बालयोगी चेला स्व. महंत विजयराम दास योगीराज की ताजपाेशी की गई। योगीराज बाबा ने अपने जीवनकाल में ही पंजीकृत वसीयत द्वारा सुयाेग्य शिष्य रामदास बालयोगी काे अपना उत्तराधिकारी नामित कर दिया था। गुरुवार को योगीराज बाबा का तेरहवीं भंडारा भी रहा। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में महंताई समाराेह का आयोजन हुआ, जिसमें संताें व सद् गृहस्थाें ने रामदास बालयोगी काे करतलिया बाबा आश्रम मंदिर का महंत एवं सर्वराहकार घाोषित किया। महंत रामदास बालयोगी ने कहा कि वह अपने समस्त दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करते आ रहें है और आगे भी रहते रहेंगे। साथ ही मंदिर की सम्पूर्ण सम्पत्तियाें काे अक्षुण्ण बनाए रखने का आजीवन सतत प्रयत्न करते रहेंगे। अंत में बालयोगी जी ने आए हुए संताें का अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत-सत्कार किया। महंताई समाराेह में मणिरामदास छावनी उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्येजय शरण, खाकी अखाड़ा के महंत जी, महंत सीताराम दास त्यागी,हनुमत सदन महंत अवधकिशाेर शरण, धर्मसम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के शिष्य संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, सरपंच रामकुमार दास, महंत बलराम दास, महंत परशुराम दास, महंत विनोद दास, महंत आनंद दास, डाड़िया महंत गिरीश दास, महंत अर्जुन दास, महंत रामनारायण दास, महंत पुरूषाेत्तम दास, महंत रामकिशाेर दास, महंत धर्मदास, महंत विजयराम दास, महंत कन्हैया दास सहित योगीराज बाबा के गुजरात, राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश के सौकड़ों शिष्य आदि उपस्थित रहे।