: श्री जानकी जीवन सरकार के 16 वें प्रकाशोत्सव पर निकली विशाल शोभायात्रा
Thu, Mar 14, 2024
मोक्षदायिनी सरयू मैया में 2100 दीपों से हुआ दीपदान, मां सरयू की उतारी गई आरती
अयोध्या।दर्शन भवन मंदिर से श्री जानकी जीवन सरकार के 16 वें प्रकाशोत्सव पर पीठाधीश्वर महंत डॉक्टर ममता शास्त्री के संयोजन में गाजे-बजे और हाथी घोड़े के साथ निकली भव्य शोभायात्रा। अयोध्या के प्रमुख मार्गों से होते हुए शोभायात्रा। मां सरयू के पावन तट पर पहुंची जहां मोक्षदायिनी सरयू मैया को 2100 दीपों से दीपदान किया गया। उसके उपरांत मां सरयू की आरती उतारी गई। आरती पूजन अर्चन के बाद शोभा यात्रा पुनः दर्शन भवन आश्रम पहुंची जहां नर्मदेश्वर भगवान शिव का श्रृंगार हुआ। दर्शन भवन के युगल सरकार फूल बंगले में विराजे। फूल बंगले की मनोरम झांकी देख सभी लोग मंत्र मुक्त हो गए। देर रात तक नियमित रूप से विविध कार्यक्रम प्रारंभ हुए। शोभा यात्रा की अनुपम छटा देख कर के लोग मार्गों पर पुष्प वर्षा कर रहे थे गाजे-बाजे के साथ कलाकार डमरु का ऐसा अनुपम वादन कर रहे थे कि देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए वही मोर पंख में कलाकारों का नृत्य देखकर अयोध्या के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी मुदित और भावविभोर हो गए।
द्वितीय दिवस का कार्यक्रम गौ माता के पूजन से प्रारंभ हुआ और संध्याकालीन ठाकुर श्री जानकी जीवन सरकार फूल बंगले की झांकी में विराजे पूरा मंदिर परिसर विविध प्रकार के फूलों से सजाया गया और सरकार को छप्पन भोग लगाया गया और उसके बाद वह प्रसाद सभी भक्तों में वितरण किया गया। डॉक्टर ममता शास्त्री ने बताया कि यह कार्यक्रम अनंत श्री विभूषित ब्रह्मलीन ब्रह्मचारी महंत विश्वनाथ दास शास्त्री गुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से किया जाता है। जिसका समापन नर्मदेश्वर भगवान के पूजन और जेवनार गायन से संपन्न होगा। जिसमें अयोध्या के सभी साधु संत महंत गृहस्थ नेमी प्रेमी श्री जानकी जीवन सरकार के प्रसाद को पाएंगे।कार्यक्रम में शुकदेव दास ,विजय कुमार ,अशोक कुमार मिश्र एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट , राघवजी , अनन्या , वैदेही बाबू शाश्वत बाबू के साथ मुख्य यजमान श्रीमती संजू गुप्ता एवं जगदीश गुप्ता मुख्य आयोजक कौशल किशोर सिंह बेगूसराय सहित दर्शन भवन से जुड़े देश के विभिन्न कोने से श्रद्धालु भक्त पधार कर उत्सव में भागीदार बन रहे है।
: अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन चला रही दर्जनों सेवा प्रकल्प:रामकुमार भूतड़ा
Tue, Mar 12, 2024
कहा, माहेश्वरी सेवा सदन एक लाख लाेगाें के लिए प्रतिदिन कराती है भाेजन की व्यवस्था
साै कराेड़ रूपये की लागत से बन रहा सरस्वतीदेवी शिवकिशन दम्मानी भवन, डेढ़ साल में बनकर हाे तैयार, तीन साै कमरे, सत्संग और वैंक्वेट हाल, मंदिर, भाेजनालय, गाैशाला की होगी व्यवस्था
अयाेध्या। रामलला की पावन जन्मभूमि अयोध्याधाम में श्रीअखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर के तत्वाधान में सरस्वतीदेवी शिवकिशन दम्मानी भवन का भूमिपूजन-शिलान्यास का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस समाराेह में लाेकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा अपने मंत्रिमंडल-विधायकाें संग सम्मिलित हुए। जिन्हाेंने विधि-विधान पूर्वक सरस्वतीदेवी शिवकिशन दम्मानी भवन की नींव रखी। श्रीअखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर के अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा ने सभी अतिथियों का आभार जताते हुए प्रेसवार्ता में कहा कि श्रीरामलला की जन्मस्थली पर संस्था की तरफ से सरस्वतीदेवी शिवकिशन दम्मानी भवन का भूमिपूजन-शिलान्यास किया गया। यह भवन साै कराेड़ रूपये की लागत से बन रहा है। जाे डेढ़ साल में बनकर तैयार हाे जायेगा। इसमें तीन साै कमरे, सत्संग और वैंक्वेट हाल, मंदिर, भाेजनालय, गाैशाला आदि की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज विश्वविख्यात समाज है। समाजसेवा व धार्मिक कार्याें में यह समाज सबसे आगे रहा है। उद्याेग-व्यापार में समाज का बहुत बड़ा शेयर है। अयाेध्या-बद्रीनाथ समेत अन्य धार्मिक स्थलाें पर हम अन्नक्षेत्र चला रहे हैं। हम सेवा के सभी प्रकल्प चलाते हैं। सेवा का हमने नया इतिहास बनाया है। देश में कुल 11 जगह हमारा संगठन चल रहा है। पुष्कर, वृंदावन, हरिद्वार समेत अन्य जगहाें पर समाज की शाखाएं चल रही हैं। जहां सेवा प्रकल्प के कार्य भी चल रहे हैं। इसके अलावा नासिक, महाराष्ट्र, अयाेध्या आदि जगहाें पर हमारा कार्य चल रहा है। प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक कुंभ में अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन एक लाख लाेगाें के लिए भाेजन की व्यवस्था उपलब्ध कराता है। अंत में उन्होंने कहा कि भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह में समाज के लाेगाें का सराहनीय याेगदान रहा। जाे यहां पर आए और कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन सबकाे बहुत-बहुत साधुवाद है। इस माैके पर केशरीचंद तापड़िया, हरिओम राय, विष्णु देव पाण्डेय भी माैजूद थे।
: शिद्दत से शिरोधार्य हुए रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य
Tue, Mar 12, 2024
मंदिर आंदोलन में उनकी गणना अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में हाेती थी, रामजन्मभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्याैछावर कर दिया: विश्वेश प्रपन्नाचार्य
अयाेध्या। श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के महानायक, शलाका पुरुष एवं ऐतिहासिक पीठ सुग्रीवकिला पूर्वाचार्य श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य महाराज काे संताें ने पांचवी पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया। पुण्यतिथि पर संत-महंताें द्वारा मंदिर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। संताें ने साकेतवासी महंत के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस माैके पर सुग्रीवकिला के वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि उनके गुरूदेव विद्वान संत रहे। विद्वता में उन्हें महारथ हासिल था। उनकी गणना विद्वान संताें में हाेती थी। वह विलक्षण प्रतिभा के धनी संत हाेने के साथ-साथ गाै और संत सेवी रहे। उन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। गुरूदेव का सपना था, श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का। जाे श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े रहे। उस आंदोलन में उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर आंदोलन में उनकी गणना अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में हाेती थी। रामजन्मभूमि के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्याैछावर कर दिया। उनका सपना पूरा हुआ। श्रीरामजन्मभूमि पर दिव्य, भव्य, नूतन मंदिर बनकर तैयार हो गया, जिसमें श्रीरामलला सरकार विराजमान हुए। भव्य राममंदिर निर्माण ही गुरूदेव काे सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर काफी संख्या में संत-महंत, भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया। सुग्रीवकिला के उत्तराधिकारी स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य महाराज द्वारा आए हुए संत-महंत तथा भक्तगणों का स्वागत-सत्कार किया गया। पुण्यतिथि पर महंत रामकुमार दास, महंत अवधकिशाेर शरण, महंत गणेशानंद दास, महंत उद्धव शरण, महंत जयराम दास, महंत राममिलन शरण, महंत प्रियाशरण, महंत प्रियाप्रीतम शरण, महंत गंगादास, महंत सच्चिदानंद दास, महंत प्रेमनारायण दास, नागा कृष्णकुमार दास, रामायणी गाेवर्धन दास, संतदास, सूरज दास, विवेक दास, रामायणी रामशरण दास आदि संत-महंत, भक्तगण उपस्थित रहे।