: रामलला का दर्शन कर भावविभोर हुई मध्य प्रदेश सरकार
Tue, Mar 5, 2024
सीएम मोहन ने वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास का लिया आशीर्वाद, पूछा कुशलक्षेम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में कैबिनेट के सदस्यों ने रामलला का किया दर्शन-पूजन
योगी सरकार के मंत्री समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने किया मध्यप्रदेश सरकार का भव्य स्वागत
अयोध्या।मध्य प्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में उनका मंत्रिमंडल सोमवार को श्रीरामलला का दर्शन करने अयोध्या पहुंचा। 63 सदस्यीय डेलिगेशन सुबह महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंचा। योगी सरकार के मंत्री ने किया स्वागत
योगी सरकार में कृषि मंत्री व अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही व संगठन की तरफ से संसाद लल्लू सिंह ने मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश व उनके कैबिनेट मंत्रियों, अधिकारियों को माला पहनाया एवं अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया। वहीं सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने उनके स्वागत में लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मध्यप्रदेश से आए अतिथियों की सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि "हमारा सबका सौभाग्य है, हमने आज श्रीरामलला के दर्शन किये, मध्य प्रदेश और अयोध्या का सम्बंध 2000 साल पुराना है, जब मध्य प्रदेश से सम्राट विक्रमादित्य ने अयोध्या आकर भगवान श्रीरामजन्मभूमि का पुनरुद्धार करवाया था। आज 500 वर्षो बाद फिर से एक अवसर आया है, जब भगवान श्रीरामलला का 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा हुई, यह तारीख इतिहास में दर्ज हो गई है। अब अयोध्या अलौकिक नगर के रूप में स्थापित हो गयी है। हमने यहां आकर भगवान श्रीरामलला से आशीर्वाद लिया, जिससे हम गरीबों की सेवा कर सकें।
उन्होंने कहा कि हम यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध करेंगे कि यहां मध्य प्रदेश वासियों के लिए एक स्टेट भवन बने। इससे मध्य प्रदेश के दर्शनार्थियों को सुविधा प्राप्त होगी। सप्तपुरियों में वर्णित अयोध्या मोक्षदायिनी नगरी है, यहां आकर हम सभी को अलौकिक अनुभूति हो रही है। सीएम मोहन ने हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास का आशीर्वाद लिया और कुशलक्षेम पूछा।
: सन्तों के प्रति कृतज्ञ हूँ जिनके कारण भारत की लुप्त हो रही यज्ञ परम्परा सुरक्षित है: मोहन यादव
Tue, Mar 5, 2024
श्री लक्षचण्डी महायज्ञ में शामिल हुए मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव,लिया संतों का आशीर्वाद, महायज्ञ की परिक्रमा भी की
अयोध्या। यज्ञ सम्राट महामण्डलेश्वर स्वामी श्री प्रखर जी महाराज के पावन सनिध्य एवं श्रीमज्जद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ० स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज के संयोजकत्व में गोला घाट, सरयू तट पर चल रहे श्री लक्षचण्डी महायज्ञ, श्री लक्षगणपति महायज्ञ एवं श्री राम यज्ञ के विशाल प्रांगण में 1700 कर्मनिष्ठ विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा दुर्गासप्तशती पाठ, गणपत्यथर्वशीर्ष पाठ एवं पुरुष सूक्त पाठों का कम जारी है, महायज्ञ की विराट 100 कुण्डीय यज्ञशाला में यज्ञाचार्य पं० लक्ष्मीकान्त दीक्षित के आचार्यत्व में प्रातः के समय पूजन एवं सायं के समय हवन कुण्ड में आहुतियाँ, पूर्व की भाँति प्रदान की जा रही हैं, साथ ही श्रौत यज्ञ के अन्तर्गत मित्रविन्दाष्टि यज्ञ, दो अग्निहोत्र वैदिक ब्राह्मणों द्वारा किया जा रहा है। महायज्ञ के ज्ञान मण्डपम् (प्रवचन पण्डाल) में सन्त सम्मेलन एवं वृन्दावन से पधारे कृष्ण चन्द्र ठाकुर महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा चल रही हैं। आज महायज्ञ में मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमन्त्री मोहन लाल यादव पहुंचे। यहाँ पर आकर उन्होंने यज्ञशाला की परिक्रमा एवं संतों का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मैं महाराजश्री जैसे सन्तों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ जिनके कारण भारत की लुप्त हो रही यज्ञ परम्परा सुरक्षित है एवं आज की युवा पीढ़ी के लिए इस तरह के आयोजन प्रेरणाश्रोत हैं। मैं अपने को धन्य मानता हूँ कि आज इस पावन पुण्यभूमि में उपस्थित हो सका।
सन्त सम्मेलन में श्री प्रखर परोपकार मिशन संस्कृत एकेडमी के डॉयरेक्टर डॉ० सज्जन प्रसाद तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरुदेव की कृपा से ही हम लोग भगवान श्रीराम जी की पावन जन्मभूमि में इस तरह के दुर्लभ आयोजन देख पा रहे हैं, बड़े सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर हर किसी को नहीं मिलते एवं बार-बार भी नहीं मिलते। आचार्य डॉ० सुभाष तिवारी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूज्य महाराजश्री पर माता भगवती की विशेष कृपा है, जो इस तरह के वृहद आयोजनों के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व का मंगल करते हैं। उन्होंने कहा कि मार्कण्डेय पुराण के अन्तर्गत दुर्गा सप्तशती के पाठों में वह शक्ति है, जिससे असम्भव से असम्भव कार्य भी सिद्ध हो जाते हैं। यहाँ इस विराट यज्ञ में तो माता दुर्गा जी की प्रसन्नता के लिए एक लाख पाठों का मन्त्रोच्चार किया जा रहा है, निश्चित रूप से इसके परिणाम से भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व लाभान्वित होगा। सम्मेलन को माता चिदानन्दमयी जी, डॉ० परमेश्वर दत्त शुक्ल एवं श्रीश दत्त शुक्ल जी ने भी सम्बोधित किया। सन्त सम्मेलन के अवसर पर सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के मीमांसा विभाग के प्रो० कमलाकान्त त्रिपाठी जी द्वारा लिखित पुस्तक 'शाश्वत धर्म' का विमोचन, पूज्य डॉ० स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज जी के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर सर्वश्री राजेश अग्रवाल, दर्शन गुप्ता, प्रवीन नेमानी, विकास मित्तल, आंचल मित्तल, गौरव मित्तल, डॉ० जी०सी० पाठक, अनिल अरोड़ा, श्रीमती निरुपमा अग्रवाल, श्रीमती आशा कानोडिया, विजय कानोडिया, डूंगर सिंह राठौर, रघुनाथ सिंह, अनिल गर्ग, किरण गर्ग, मुनि गर्ग, कपिष्क मेहता, राजकुमार जिन्दल, राघवेन्द्र मिश्र, सिब्बू मिश्र, इन्दू शुक्ला, राजीव तिवारी, नीति तिवारी, दिनेश मिश्रा, सीताराम बडोनी, गौरीशंकर भारद्वाज, प्रेमाराम चौधरी आदि भक्तजन उपस्थित रहे।
: बाहुबली विधायक अभय सिंह ने किया रामलला का दर्शन,हुए भावुक
Sun, Mar 3, 2024
हनुमानगढ़ी पर संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास का लिया आशीर्वाद
अयोध्या। गोसाईगंज से सपा के विधायक अभय सिंह रामलला का दर्शन करने के दौरान भावुक हो गए। वे अपने आंसुओ को रोक नही पाए और फफक कर रो पड़े। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि विधायकों को दर्शन करने के लिए प्रतिबंधित करना बहुत ही दुर्भाग्य की बात थी। बहुत से विधायकों को बहुत दुख और कष्ट हुआ था जब उनको दर्शन करने जाने से रोक दिया गया था। हालांकि शनिवार को दर्शन करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात नहीं किया, लेकिन गुरुवार को उन्होंने अपने आवास पर बात करते हुए कहा था कि भगवान हमारे आराध्य व पूज्य
रामलला का दर्शन करने के दौरान भावुक दिखते अभय सिंह । हैं। दर्शन करने के लिए प्रतिबंध बहुत ही दुर्भाग्य की बात थी। राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के कारण चर्चा में आने के बाद इस बीच उन्होंने अपने शोशल मीडिया अकाउंट पर रामलला की कई तस्वीरें भी साझा की हैं।इसके बाद विधायक अभय सिंह हनुमानगढ़ी में हनुमानजी के दरबार पहुंचे जहां पर संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास का विधायक ने लिया आशीर्वाद। इस मौके पर महंत संजयदास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव भी मौजूद रहें।