: बजाज आलियांज ने उन्नत बीमा सेवाओं के लिए अयोध्या में खोला कार्यालय
Tue, Feb 20, 2024
अयोध्या में हम वित्तीय सुरक्षा बढ़ाएंगे और नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेंगे:तपन सिंघल
अयोध्या। भारत की अग्रणी प्राइवेट जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में से एक, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस ने आज अयोध्या में अपना नया कार्यालय खोला। प्रदेश के अग्रणी बीमाकर्ता के लिए अयोध्या में ऑफिस खोला जाना कंपनी के राणनीतिक विस्तार और राज्य में बीमा अंतर को पाटने तथा साथ ही साथ इसके आर्थिक विकास को और मजबूत करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्व पटल पर छाये धार्मिक शहर अयोध्या अब समग्र भारतीय अर्थव्यवस्था में अभिन्त्र भूमिका निभाने जा रहा है। ऐसे में अब बजाज आलियांज का लक्ष्य अपने नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करके अपोध्या के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है।भव्य राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में रोजाना लाखों भक्त और पर्यटक आ रहे हैं और इस सूरत में अयोध्या एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर चुका है। इन परिस्थितियों ने अयोध्या और आसपास के इलाकों में हॉस्पिटेलिटी, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्बर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में व्यक्तियों, परिवारों और व्यवसायों के लिए बीमा सलुशन की डिमांड जनरेट करेगा और ऐसे में बजाज आलियांज अपने विभिन्न प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के जरिये इन उभरती जरूरतों को पूरा कर अयोध्या के चहुंमुखी आर्थिक विकास में में योगदान देने वाला है। नए कार्यालय के उद्घाटन बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ तपन सिंघल ने किया। श्री सिंघल ने कहा कि, "भारत इस समय तेजी से आर्थिक विकास की ओर अग्रसर है और ऐसे में बीमा उद्योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में उत्तर प्रदेश इस विकास में सबसे आगे है और यह राज्य देश की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला राज्य है। विकास की इस चहुमुखी यात्रा में अयोध्या एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है।उन्होंने कहा कि हम अयोध्या में एक बदलाव लाना चाहते हैं। यूपी में हमारी पहले से ही दमदार उपस्थिति है और नए कार्यालय के खुल जाने से हमें विश्वास है कि विशेष रूप से अयोध्या में हम वित्तीय सुरक्षा बढ़ाएंगे और नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेंगे। हम अपने ग्राहकों की विविध बीमा जरूरतों को पूरा करने, उन्हें सम्मान के साथ चिंता मुक्त जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए समर्पित हैं।
: शेफ विष्णू मनोहर ने बनाया 7000 किलो ‘श्रीराम भोग हलुवा’
Tue, Feb 20, 2024
निर्वाणी अनि अखाड़ा हनुमानगढ़ी के नागा संतों ने रामभक्तों को खिलाया श्रीराम भोग हलवा
श्री हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में बना 7000 किलो ‘श्रीराम भोग हलुवा’ बनाकर नया कीर्तिमान बनाया
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की पावन नगरी में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा होते ही पूरी नगरी का भौगोलिक धरातल जागृत हो गया है। चारों तरह लोग रामभक्तों की सेवा विविध आयामों से कर रहें है। पूरी अयोध्या में देश के विभिन्न राज्यों का पकवान प्रसाद के रुप में वितरण हो रहा है। इसी क्रम में प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रागंण में आज सुबह सात बजे मंत्रोच्चार एवं शंखनाद की गुंजती ध्वनी में चूल्हे का पूजन किया गया। उसके बाद ‘कारसेवा से पाकसेवा’ इस परिकल्पना से प्रेरित रामनाम लिखा हूआ विशेष वस्त्र परिधान किए विष्णू मनोहर ने श्रीराम भोग हलुवा बनाने कि प्रक्रिया का प्रारंभ किया। इस दौरान भक्तों ने 11 बार अखंड रामरक्षा का पठा किया। भक्ती से भरे इस माहौल में 10 फिट , 10 फिट व्यास की कढ़ाही में 700 किलो सूजी, 800 किलो घी, 1120 किलो चीनी, 4500 लीटर पानी (मिनरल वाटर), 21 किलो इलायची पाउडर, 21 किलो जायफल पाउडर, 250 दर्जन केले का उपयोग कर श्रीराम भोग हलुवा बनाया गया, जिसमें, 200 किलो के करीब सूखे मेवे जैसे काजू, किशमिश, बादाम आदि का इस्तेमाल किया गया। श्रीराम भोग हलवा तैयार होने में चार घंटे लगे। उसके बाद, हनुमानगढी अयोध्या धाम के गद्दीनशीन श्री महंत प्रेमदास महराज, अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, महंत रामचरण दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास, प्राचार्य महंत डा महेश दास, महंत रामशंकर दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, मामा दास व मुख्तार अजय श्रीवास्तव, वडोदरा गुजराथ के मिलिंदजी वैद्य और अन्य महानुभावों की उपस्थिति में देवी अन्नपूर्णा का पूजन किया गया। छत्रपती श्री शिवाजी महाराज जयंती के उपलक्ष में राम मंदिर के गुरुजी राघवेन्द्र देशपांडे ने शिवाजी महाराज को अपने संबोधन द्वारा आदरांजली अर्पित की। गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेम दास महाराज ने श्री विष्णू मनोहर जी को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास जी ने कहा विष्णू मनोहर जी ने श्रीरामलल्ला चरणों में 7000 हजार किलो का भोग चढाकर अपनी सेवा श्रीरामजी के चरणों में अर्पित की है, ये बधाई के पात्र है भगवान की कृपा इन पर सदैव बनी रहें।हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास महाराज ने कहा कि श्रीरामजी की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात अयोध्या में श्रीराम भक्तों की भीड उमड रही है। श्रीरामलला के दर्शन पाकर भक्तजन पुनित हो रही है। इन भक्तों को आज श्रीराम भोग हलुवे का प्रसाद पाकर बेहद प्रसन्नता मिल रही है। विष्णू मनोहर जी की पूरी टीम बधाई के पात्र है।
: त्याग, तपस्या, वैराग्य की प्रतिमूर्ति थे गुरुदेव: महंत गाेविंद दास
Tue, Feb 20, 2024
प्रतिष्ठित पीठ श्रीपरमहंस आश्रम के साकेतवासी महंत विष्णुदेव दास महाराज काे संताें ने किया नमन
अयोध्या । अयाेध्याधाम में कटरा माेहल्ला स्थित प्रतिष्ठित पीठ श्रीपरमहंस आश्रम के साकेतवासी महंत विष्णुदेव दास महाराज काे संताें ने नमन किया। महाराजश्री का विगत 7 फरवरी को 95 वर्ष की अवस्था में साकेतवास हाे गया। साेमवार काे उनका तेरहवीं संस्कार रहा। इस अवसर पर संताें ने साकेतवासी महंत के प्रति अपनी भाव पुष्पांजलि अर्पित की। तेरहवीं पर मंदिर में विशाल भंडारा प्रस्तावित रहा, जिसमें काफी संख्या में संत-महंत एवं भक्तगणाें ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रीपरमहंस आश्रम के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत गाेविंद दास महाराज ने कहा कि हमारे गुरूदेव विलक्षण प्रतिभा के धनी संत थे। जाे भजनानंदी संत हाेने के साथ-साथ गाै और संत सेवी रहे। वह त्याग, तपस्या, वैराग्य की प्रतिमूर्ति थे। जिनकी गणना विद्वान संताें में हाेती थी। उन्हें विद्वता में महारथ हासिल था। उन्होंने सेवा काे ही अपना धर्म माना। आजीवन सेवा के कार्याें में लगे रहे। जिन्हाेंने मठ का सर्वांगीण विकास किया। गुरूदेव महाराज के बारे में जितना कहा जाए वह कम ही हाेगा। वह अब हमारे बीच में नही हैं। उनकी कमी बहुत ही खल रही है। महाराजश्री की यश और कीर्ति हमेशा हम सबके साथ रहेगी। भविष्य में उस रिक्त स्थान की पूर्ति कभी नही की जा सकती है। अंत में पीठ के वर्तमान ने आए हुए संत-महंताें काे अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत-सत्कार किया। इस माैके पर नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, मानस भवन महंत अर्जुन दास, डाड़िया महंत महंत गिरीश दास, श्रीरामप्रिया कुंज महंत महंत उद्धव शरण, श्रीरामकृृष्ण मंदिर के पीठाधिपति महंत गणेशानंद दास, सरयूकुंज पीठाधीश्वर महंत राममिलन शरण, श्रीरामाश्रम पीठाधीश्वर महंत जयराम दास वेदांती, हनुमत सदन महंत अवधकिशाेर शरण, सीताराम निवास के आचार्य सत्येंद्र दास वेदांती, श्रीरामचरित मानस विद्यापीठ महंत कमलादास रामायणी, अयाेध्यानाथ मंदिर महंत भरत प्रपन्नाचार्य, महंत रामलाेचन शरण, स्वामी गयाशरण, प्रियेश दास, संतदास, सूरज दास, आदि संत-महंत, भक्तगण माैजूद रहे।