: संत-धर्माचार्यों ने उदयनिधि स्टालिन काे दिया एक सप्ताह का समय
Tue, Sep 19, 2023
सनातन धर्म पर कटाक्ष करने वालाें का विनाश निश्चित है: महंत संजयदास
कहा- वह मांगे माफी, नही ताे संत तमिलनाडु के लिए करेंगे कूच
सनातन धर्म पर अमर्यादित टीका-टिप्पणी बंद नही हुई, ताे देश के हम सभी संत-धर्माचार्य आने वाले समय में करेंगे विराेध प्रदर्शन, राष्ट्रपति से मिलेंगे और संसद भवन का भी करेंगे घेराव
अयाेध्या। अयाेध्याधाम की आचार्य पीठ तपस्वीजी की छावनी, रामघाट में साेमवार काे धर्मसंसद का आयाेजन किया गया। धर्मसंसद में 29 प्रांताें के संत-धर्माचार्य सम्मिलित रहे, जिसमें सभी संत-धर्माचार्यों ने एक साथ हुंकार भरते हुए कहा कि सनातन धर्म पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले तमिलनाडु मुख्यमंत्री के पुत्र उदयनिधि स्टालिन माफी मांगे। इसके लिए हम उन्हें एक सप्ताह का समय देते हैं। अगर वह माफी नही मांगते हैं। ताे देश के हम सभी संत-धर्माचार्य तमिलनाडु के लिए कूच करेंगे। धर्मसंसद की अध्यक्षता करते हुए तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि सनातन धर्म काे मानने वाले लाेगाें काे अपमानित करने का काम किया जा रहा। संवैधानिक पदों पर बैठे लाेग असंवैधानिक बयान दे रहे हैं। हम सब सनातन धर्म के पवित्र मार्ग पर चलने वाले लाेग हैं। हम किसी धर्म के विराेधी नही हैं। लेकिन यदि कोई हमारे सनातन धर्म पर कुठाराघात करेगा। ताे हम चुप बैठने वाले नही हैं। देश के 120 कराेड़ सनातनी अभी जिंदा हैं। जाे सनातन धर्म पर अमर्यादित टिप्पणी, निंदा करने वालाें काे सत्ता से हटाने व भगाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा हम संत-धर्माचार्यों ने धर्मसंसद में निर्णय लिया है कि सनातन धर्म पर अमर्यादित बयान देने वाला डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन एक सप्ताह के अंदर माफी नही मांगता है। ताे हम सभी संत-धर्माचार्य तमिलनाडु के लिए कूच कर वहां विरोध प्रदर्शन करेंगे। संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि जाे भी लाेग सनातन धर्म की निंदा व कटाक्ष कर रहे हैं। उन्हें पता नही सनातन धर्म सबकी जननी है। सनातन धर्म पर कटाक्ष करने वालाें का विनाश निश्चित है। उसे काेई राेक नही सकता है। यदि सनातन धर्म पर अमर्यादित टीका-टिप्पणी बंद नही हुई। ताे देश के हम सभी संत-धर्माचार्य आने वाले समय में विराेध प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए राष्ट्रपति से मिलेंगे और संसद भवन का घेराव करेंगे। इसलिए सनातन धर्म की निंदा करने वाले लाेग अभी से चेत जाएं। वह जल्द से जल्द माफी मांग लें। नही ताे उनका भी हश्र कालनेमि की तरह हाेगा। श्रीनिर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन, ए राजा, स्वामी प्रसाद माैर्या जैसे लाेगाें द्वारा सनातन धर्म पर लगातार गलत बयानबाजी किया जा रहा है। जिसे कत्तई बर्दाश्त नही किया जायेगा। धर्मसंसद में हनुमानबाग के महंत जगदीश दास, हनुमानगढ़ी बसंतिया पट्टी के महंत रामचरण दास, सरपंच रामकुमार दास, महंत नंदराम दास, हनुमानगढ़ी के पुजारी वरिष्ठ हेमंत दास, पहलवान राजेश दास, मामा दास आदि समेत सैंकड़ो संत-धर्माचार्य माैजूद रहे।
: जीवन में सत्संग करना है तो संत के पास जाएं : गणेश दास
Wed, Sep 13, 2023
काठिया मंदिर में हो रही रामकथा की अमृत वर्षा, व्यासपीठ से श्री अवधबिहारी कुंज पीठाधीश्वर श्रीमहंत गणेश दास महाराज कह रहें रामकथा
अयोध्या। रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ काठिया मंदिर, वासुदेवघाट में चल रही अमृतमयी श्रीरामकथा का भक्तगणों को रसास्वादन कराते हुए ख्यातिलब्ध कथाव्यास व श्री अवधबिहारी कुंज पीठाधीश्वर श्रीमहंत गणेश दास महाराज ने कहा कि जीवन में सत्संग करना है तो संत के पास जाएं। परमात्मा बड़े ही दयालु हैं। भगवान की कृपा से ही सत्संग मिलता है। अगर भगवान की कृपा न हो, तो संत की भी कृपा नही हो सकती है। संत भगवान के आभूषण और स्वरूप हैं। संतों की वाणी अमृत के समान है। इनके पास परमात्मा स्वयं दौड़े चले आते हैं। संत के बिना भगवान की शोभा नही है। भगवान कहते हैं कि संत मेरे हृदय में निवास करते हैं और मैं उनके हृदय में सत्संग के बिना विवेक नहीं होता व राम जी की कृपा के बिना वह सत्संग नहीं मिलता है। सत्संगति आनंद एवं कल्याण की जड़ है। दुष्ट भी सत्संगति पाकर सुधर जाते हैं। जैसे पारस के स्पर्श से लोहा सुंदर सोना बन जाता है। जा पर कृपा राम की होई । ता पर कृपा करहिं सब कोई ॥ कथाव्यास ने कहा कि ब्राह्मणों के चरणों में हमारा पूज्य भाव होना चाहिए। ब्राह्मणों की उत्पत्ति भगवान नारायण के श्रीमुख से उत्पत्ति भगवान नारायण के श्रीमुख से हुई है। ब्राह्मण की तृप्ति से भगवान भी तृप्त होते हैं। साधु का जीवन पवित्र है। वह अनेक सद्गुणों का भंडार होता है। जो संसार के छिद्रों को भरता है। संत समाज को चलता फिरता तीर्थराज प्रयाग कहा गया है। जहां त्रिवेणी गंगा, | जहां त्रिवेणी गंगा यमुना और सरस्वती का संगम होता है। श्रीरामकथा में श्रीब्रह्मपीठाधीश्वर काठिया परिवाराचार्य अनंत विभूषित स्वामी रामरतन दास महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। इससे पहले यजमान द्वारा व्यासपीठ की भव्य आरती उतारी गई। अंत में उपस्थित श्रोतागणों को कथा का प्रसाद वितरित हुआ। इस अवसर पर कथा के आयोजक परिवार कैलाश चंद्र अग्रवाल, रामशरण अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, सांवरमल अग्रवाल समेत काफी संख्या में साधु-संत व भक्तगण अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कर अपना जीवन धन्य बना रहे थे।
: हनुमानगढ़ी का होगा भव्य सौंदर्यीकरण, लगेगा एक्सीलेटर व लिफ्ट: महंत संजयदास
Wed, Sep 13, 2023
संकट मोचन सेना के तत्वावधान में हुआ भंडारा
संतों का आशीर्वाद लेते भक्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व व वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास के संयोजन में हुआ विशाल भंडारा
अयोध्या। रामनगरी की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी में शीर्ष श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के उत्तराधिकारी संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने बताया कि अयोध्या जी में भगवान श्री राम का दिव्य भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। इसी के साथ भगवान श्री हनुमानजी के मंदिर का भी भव्य सौंदर्यीकरण हनुमानगढ़ी अखाड़े के द्धारा होगा जो पूज्य गद्दी नशीन जी महाराज के पावन सानिध्य में होगा। इसका सारा खर्चा अखाड़ा करेंगे।
हनुमानगढ़ी गद्दी नशीन श्री महंत प्रेम दास जी महाराज की कृपा पात्र शिष्य महंत डॉ महेश दास महाराज ने बताया कि हनुमानगढ़ी के सौंदर्यीकरण में सरकारी रुपया नही लिया जायेगा इसमें जो भी खर्चा आयेगा उसे पूज्य गुरुदेव भगवान श्रीगद्दी नशीन जी महाराज के दिशानिर्देशन में अखाड़ा करेंगे। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी का ऐतिहासिक सौंदर्यीकरण होगा। इसी कड़ी में आज संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने के नेतृत्व में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसका संयोजन संकट मोचन सेना के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने किया। इसमें हनुमानगढ़ी के नागा साधु संतों ने प्रसाद पाया। महंत संजयदास ने बताया कि वैसे तो श्री ज्ञान अन्न क्षेत्र के माध्यम से नित्य प्रतिदिन हनुमानगढ़ी के निकास द्धार पर संकट मोचन सेना के तत्वावधान में प्रसाद वितरण किया जाता है। जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद पाते है। उन्होंने कहा कि आज उनके परम प्रिय शिष्य जोगेन्द्र सिंह मुजफ्फरनगर द्धारा भड़ारे का आयोजन किया गया था। जिसमें संतो का विशेष सम्मान किया गया। इस मौके पर निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास, हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य व गद्दी नशीन श्री महंत प्रेम दास जी महाराज की कृपा पात्र शिष्य महंत डॉ महेश दास, महंत इन्द्रदेव दास, राजेश पहलवान, महंत सत्यदेव दास, महंत हरिभजन दास, महंत पवन दास, अजीत दास, अभिषेक दास, कृष्ण कांत दास, शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।