: मां सरयू की 5100 बत्ती की हुई महा आराती, उमड़ी भक्तों की भारी भीड़
Tue, Aug 22, 2023
दिव्य मां सरयू आरती सेवा समिति के अध्यक्ष करतलिया बाबा आश्रम महंत बाल योगी रामदास के तत्वावधान में 5100 बत्ती की हुई महाआराती
विगत 10 वर्षों से संस्था रजिस्टर्ड कराकर संस्था द्वारा आरती कराया जा रहा
अयोध्या।दिव्य मां सरयू आरती सेवा समिति के अध्यक्ष करतलिया बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर महंत बाल योगी रामदास के तत्वावधान में मां सरयू की दिव्य फूल बंगले की झांकी सजाई गई और 5100 बत्ती महाआरती व प्रसाद वितरण कर पूरे सरयू में अद्वितीय दीपदान किया गया जिसमें पूरा सरयू तट दीपों से रोशन हो गया। महंत बाल योगी रामदास ने कहा कि दिव्य मां सरजू आरती सेवा संस्थान के तत्वाधान में नित्य प्रतिदिन आरती के क्रम में आज मां सरयू जी की महाआरती किया गया। जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। यह आरती पूज्य बाबा जी के जमाने से आरती का नित्य प्रतिदिन आयोजन किया जाता है। महंत रामदास जी विगत 10 वर्षों से संस्था रजिस्टर्ड कराकर संस्था द्वारा आरती कर रहें है। कच्चे घाट पर भी आरती को देखने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं।
: श्री हनुमान बाग मंदिर के झूलनोत्सव की बिखरी छटा
Tue, Aug 22, 2023
श्रीमहंत जगदीश दास महाराज के पावन सानिध्य में संत साधक भगवान को रजत के हिंडोले पर झूला रहें झूलन
अयोध्या। राम नगरी का प्रसिद्ध सावन झूला मेला शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरंभ हो गया। मंदिरों से गाजे- बाजे के साथ बड़े-बड़े रथ पर भगवान के विग्रह की पालकी यात्रा निकाली गई। मणि पर्वत जाकर मंदिरों के चल विग्रह को पेड़ों की डालों पर पड़े झूले पर प्रतीक रूप में झुलाया गया। इसी के साथ अयोध्या के हजारों मंदिरों में एक साथ झूले पड़ गए। इसे अनादिकाल से परंपरागत रूप मनाया जाता है। भगवान श्रीराम माता जानकी द्वारा सावन मास में की गई आनंद विहार की लीलाओं को आधार मानकर यह उत्सव मंदिरों में होता है। इसी के साथ अयोध्या के मंदिरों में झूलनोत्सव शुरुवात हो गई। यह उत्सव रक्षाबंधन तक यानी सावन पूर्णिमा तक चलेगा।
रामनगरी का अति प्राचीन प्रसिद्ध मंदिर श्री हनुमान बाग मंदिर में श्री महंत जगदीश दास महाराज की अध्यक्षता में भव्य झूलन महोत्सव भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में भव्य झूले में बिहार करते श्री भगवान श्री सीताराम की अनुपम छटा का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। रजत के हिंडोले में भगवान को संत साधक झूला रहें झूलन। इस महोत्सव की भव्यता हनुमान बाग मंदिर की साज सज्जा और भी आनंदित कर रही है। पूरा मंदिर रंग बिरंगे लाइट के झालरों से सजा हुआ है। पूरा हनुमान बाग मंदिर दुल्हन की तरह सजा हुआ है। हर तरह महोत्सव की आनंद में संत साधक गोता लगा रहें। महोत्सव की देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री आदि कर रहें है।
इसी प्रकार रामनगरी के कनक भवन, दशरथ राज महल बड़ा स्थान, जानकी महल ट्रस्ट, कोशलेश सदन, श्रीमणिराम छावनी, सियाराम किला, वेद मंदिर, लक्ष्मणकिला, जानकीघाट बड़ास्थान, श्यामा सदन, वैद्यजी मंदिर, रंगमहल, लवकुश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रावण झूलनोत्सव की धूम है।
: अशर्फी भवन में बह रही रामकथा की रसधार, संत साधक लगा रहें गोता
Tue, Aug 22, 2023
जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज भगवान श्री राम के जीवन चरित्र की कथा श्रवण करा रहें
श्री खंडेलवाल वैश्य निष्काम सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही नवदिवसीय रामकथा
अयोध्या। श्रावण झूलन उत्सव के उपलक्ष में श्री खंडेलवाल वैश्य निष्काम सेवा समिति द्वारा आयोजित नवदिवसीय श्री राम कथा में व्यास पीठ पर विराजमान जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज ने भगवान श्री राम के जीवन चरित्रों का श्रवण कराते हुए कहां अयोध्या की शोभा पहले से ही दिव्य थी भगवती जगत जननी मां सीता जी के आ जाने से और भी दिव्य हो गई। सभी नारियों में श्रेष्ठ मां सीता को पत्नी रूप में पाने के बाद भी प्रभु श्री राम माता पिता की सेवा में नित्य लगे रहते हैं प्रभु के इस वात्सल्य भाव को देखकर सभी प्रजाजन भगवान श्रीराम को अपने राजा के रुप में देखना चाहते थे। सभी अयोध्या वासियों ने महाराज दशरथ से जेष्ट पुत्र राम को राजगद्दी पर बिठाने के लिए प्रार्थना की महाराज दशरथ ने प्रजाजनों के मन की बात को समझ कर सभा के मध्य में जेष्ट पुत्र राम के राज्याभिषेक की घोषणा की सभी अयोध्यावासी अत्यधिक प्रसन्न हो गए। भगवान राम राज्याभिषेक की तैयारी में जुट गए। कुटिल मंथरा ने महारानी कैकेयी के मन को कलुषित कर दिया। प्रातः काल महाराज दशरथ उठकर के कैकेयी महल की ओर प्रवेश किए कोप भवन में केकई को देखकर के महाराज दशरथ दुखी हो गए और पूछने लगे देवी भरत से भी अधिक प्रिय आप के पुत्र राम का आज राज्य अभिषेक है और आप इस कोपभवन में क्यों दुखी हैं। कुसंग के प्रभाव से श्रेष्ठ जनों की बुद्धि भी कलुषित हो जाती है महारानी केकई ने राजा दशरथ से दो वरदान मांग लिए प्रथम वरदान से राम की जगह अपने पुत्र भरत को राजगद्दी और दूसरे वरदान से 14 वर्ष के लिए भगवान श्रीराम को वनवास। कैकेयी के वचनों को सुनकर महाराज दशरथ मूर्छित होकर जमीन पर गिर गए। सुमंत जी ने भगवान श्रीराम को बुलाया अपने पिता की हालत को देख कर के भगवान राम दुखी हो कर रोने लगे। बहुत पूछने के बाद भी जब महाराज दशरथ ने भगवान श्री राम से कुछ नहीं कहा तब पास में खड़ी हुई मां के कई से भगवान ने पूछा हे मां पिता श्री की इस स्थिति का कारण क्या है पुत्र मोहमें लिप्त केकई ने प्रभु राम से कहा हे राम मेरे दो पुराने वरदान। प्रभु श्रीराम के वन गमन की बात को सुनकर अयोध्यावासी रुदन करने लगे देश के विभिन्न प्रांतो से पधारे भक्तों के नेत्रों से भी अश्रुपात होने लगा। सभी भक्त भाव विभोर हो गए।