: संस्कृत शिक्षा को योगी आदित्यनाथ सरकार ने दी संजीवनी
Fri, Apr 7, 2023
पहली बार माध्यमिक संस्कृत बोर्ड का किया गया गठन: प्राचार्य डा महेश दास
योगी सरकार ने संस्कृत को जन जन की भाषा बनाने के लिए संस्कृत विद्यालयों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की
भाषा को सीखने के इच्छुक लोग उठा सकते है प्रशिक्षण का लाभ, अब घर बैठे ही टोल फ्री नंबर पर सीख सकते है संस्कृत
अयोध्या। वर्षों से सरकारों के उपेक्षा का शिकार रही देववाणी संस्कृत भाषा को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने संजीवनी दी है। सरकार ने इसके प्रोत्साहन के लिए रोजगार परक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की हैं। इसको लेकर रामनगरी के संतों व संस्कृत अध्यापकों ने हर्ष जताया। रामनगरी की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी के हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज के शिष्य डा महेश दास महाराज ने हर्ष जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार माध्यमिक संस्कृत बोर्ड का गठन किया गया है। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के जरिये आधुनिक विषयों का समावेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने संस्कृत को लोकप्रिय भाषा बनाने के उद्देश्य से कई कदम उठाये हैं। अब कोई घर बैठे ही आनलाइन संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर सकता है। इसके लिए सरकार ने टोल फ्री नंबर जारी किया है। यह पहली सरकार है जिसने माध्यमिक संस्कृत बोर्ड का गठन किया है। साथ शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए मानदेय पर तैनाती की है। डा महेश दास जी ने कहा कि इसमें कोई दो राय नही कि पिछले कुछ वर्षों से संस्कृत सियासी उपेक्षा ओर कान्वेंट स्कूलों के बढ़ते वर्चस्व की वजह से संस्कृत के प्रति विद्यार्थियों की रुचि घटी है। एक वजह विज्ञान और आधुनिक विषयों का विकल्प न होना भी माना जा सकता है। यही वजह रही कि अनिवार्य विषय के रूप में संस्कृत की बाध्यता खत्म होते ही आगे की शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों की तादाद में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने संस्कृत को जन जन की भाषा बनाने के लिए संस्कृत विद्यालयों में 15 से 25 दिन के प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। इस भाषा को सीखने के इच्छुक लोग प्रशिक्षण लेकर लाभ उठा सकते हैं। यदि कोई घर बैठे संस्कृत सीखना चाहता है तो वह घर बैठे ही टोल फ्री नंबर पर संस्कृत सीख सकता है।
संस्कृत शिक्षकों की भारी कमी को देखते हुए सरकार ने मानदेय पर नियुक्ति की है । ग्रैच्युटी और मृतक आश्रित सेवा योजन का प्रावधान कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गयी है।
: रामकाज करने वाले सेवक का श्रीरामाश्रम पीठाधीश्वर ने किया सम्मान
Fri, Apr 7, 2023
अयाेध्या। दिल्ली के पूर्व विधायक व दिल्ली स्टडी ग्रुप अध्यक्ष डॉ. विजय जाैली का संताें की तरफ से श्रीरामाश्रम पीठाधीश्वर महंत जयराम दास वेदांती महाराज ने सम्मान किया। श्री जाैली राममंदिर जलाभिषेक कार्यक्रम का आमंत्रण देने श्रीरामाश्रम रामकाेट पहुंचे थे। वहां महंत जयराम दास की अगुवाई में संताें ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर उनका स्वागत-सम्मान किया। इस अवसर पर महंत जयराम दास ने कहा कि दुनिया के 155 देशों व 7 महाद्वीपाें की नदियों-समुद्राें का जल प्रवासी भारतीयों ने अयाेध्या में निर्माणाधीन राममंदिर जलाभिषेक के लिए भेजा है। इसमें डॉ. जाैली के तीन साल का अथक प्रयास है, जिसके लिए उनकी पूरी टीम लगी रही। उन्होंने इतने बड़े पैमाने पर दुनिया के देशाें एवं महाद्वीपाें की नदियों-समुद्रों से जल एकत्र किया है। जिससे आगामी 23 अप्रैल को निर्माणाधीन राममंदिर का जलाभिषेक किया जायेगा। इसके लिए उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत साधुवाद है। उनके द्वारा राममंदिर जलाभिषेक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए संताें काे आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रभु श्रीराम ने रामकाज के लिए नल-नील और गिलहरी का सम्मान किया था। ठीक उसी प्रकार जितने भी रामकाज करने वाले लोग हैं। उनका सम्मान हाेना चाहिए। "राम काज कीन्हें बिनु, माेहि कहां विश्राम"रामचरितमानस की यह चाैपाई डॉ. विजय जाैली तथा उनकी पूरी टीम पर सटीक बैठती है। जिन्हाेंने रामकाज के लिए कार्य किया और उसकाे पूरा करके दिखाया। एक संघ चालक हाेने के नाते मैंने संघ और संताें की तरफ से रामकाज करने वाले सेवक पूर्व विधायक डॉ. विजय जाैली का सम्मान किया है।
: महंत लक्ष्मण दास जी अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत रहे: महामंडलेश्वर महंत गिरीश दास
Fri, Apr 7, 2023
कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने डाड़िया मंदिर पीठाधिपति महामंडलेश्वर महंत गिरीश दास का लिया आशीर्वाद
अयाेध्या। प्रसिद्ध पीठ डाड़िया मंदिर के पूर्वाचार्य महंत लक्ष्मण दास महाराज काे पुण्यतिथि पर संताें ने शिद्दत से याद किया। मंदिर प्रांगण में एक श्रद्धांजलि सभा आयाेजित हुई, जिसमें अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साकेतवासी महंत के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। संताें ने उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। इस माैके पर डाड़िया मंदिर के वर्तमान पीठाधिपति महामंडलेश्वर महंत गिरीश दास महाराज ने कहा कि उनके गुरूदेव संत और गाै सेवी थे। वह अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत रहे। रामनगरी के सभी संत-महंत उनका आदरपूर्वक सम्मान करते थे। उन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। सेवा काे अपना धर्म माना। जीवनभर कई सेवा प्रकल्पाें से जुड़े रहे। हमेशा गरीब, असहाय, निरीह, दीन-हीन व दुखी लाेगाें की मदद किया। पूर्वाचार्य आजीवन मठ की उत्तराेत्तर समृद्धि में लगे रहे। उनका अनुसरण कर मैं आगे बढ़ रहा और आश्रम के विकास में कृत-संकल्पित हूं। मठ में गाै, संत, विद्यार्थी व अतिथि सेवा सुचार रूप से चल रही है। पुण्यतिथि पर काफी संख्या में संत-महंत, भक्तगणाें ने प्रसाद पाया। वर्तमान महंत ने आए हुए संत-महंत एवं विशिष्टजनाें का स्वागत-सत्कार किया। इस अवसर पर मणिरामदास छावनी उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह, विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य, दिगंबर अखाड़ा महंत सुरेश दास, महंत रामानंद दास, लक्ष्मणकिला धीश महंत मैथिलीरमण शरण, रामवल्लभाकुंज अधिकारी राजकुमार दास, नाका हनुमानगढ़ी महंत रामदास, सियारामकिला महंत करूणानिधान शरण, मंगलभवन महंत रामभूषण दास कृपालु, विधायक पुत्र अमल गुप्ता, महापाैर ऋषिकेश उपाध्याय, जिपं अध्यक्ष प्रतिनिधि राेहित सिंह, महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, महंत विवेक आचारी, महंत जनार्दन दास, महंत मनीष दास, महंत शशिकांत दास, महंत रामजी शरण, स्वामी छविराम दास, महंत गंगादास, महंत अवधकिशाेर शरण, महंत रामलाेचन शरण, महंत अवनीश दास, महंत भूषण दास आदि उपस्थित रहे।