: आज से शुरू होगा श्रीराम जन्मोत्सव, तैयारियां पूरी
Tue, Mar 21, 2023
अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा के अंतर्गत 300 किलोमीटर की परिधि के उभरते हुए खिलाड़ी और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगिताओं में मिलेगा मौका
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला जन्मोत्सव को भव्यता के साथ मनाने की तैयारी की है। मंगलवार को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर अयोध्या के सैकड़ों संत-महंत व हजारों राम भक्त के साथ रामकोट की परिक्रमा कर श्रीराम जन्मोत्सव का शुभारंभ करेंगे। परिक्रमा को विक्रमादित्य महोत्सव और श्री राम जन्मोत्सव समिति संयुक्त रूप से संपन्न कराएगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 22 मार्च से श्रीराम जन्मोत्सव के आयोजन में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय सात दिवसीय खेल प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी रखा गया है। खेल प्रतियोगिताओं में प्रमुख रूप से खो-खो, तलवारबाजी, कबड्डी, आत्या पात्या, नौकायान, वॉलीबॉल और दंगल आदि का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान के विभिन्न प्रसंगों पर कथा, कवि सम्मेलन, संगीत व भजन का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी नए उभरते कथा वाचकों स्थानीय कवियों और संगीतज्ञ को प्राथमिकता दी जाएगी। अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा के अंतर्गत लगभग 300 किलोमीटर की परिधि के उभरते हुए खिलाड़ी और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगिताओं में मौका मिलेगा। कार्यक्रम भजन संध्या स्थल, राम की पैड़ी पर आयोजित होंगे। श्रीराम जन्मोत्सव समिति के सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि 22 मार्च को सुबह 6 बजे से शुरू होने वाली साइकिल रेस और मैराथन दौड़ के दौरान देवकाली से नयाघाट तक के हाइवे पर 6 किलोमीटर में एक लेन को लगभग 2 घंटे के लिए बंद किया जाएगा। 21 किलोमीटर की रेस में लता मंगेशकर चौराहे से साकेत पेट्रोल पंप, बड़ी देवकाली, रीडगंज चौराहा, चौक, धारा रोड, अफीम कोठी के रास्ते 14 कोसी परिक्रमा मार्ग, लक्ष्मण घाट होते हुए अयोध्या के सरयू घाट स्थित आरती स्थल पर समाप्त होगी। इसमें पांच अलग-अलग स्थानों पर कैंप भी लगाए जाएंगे जहां पर प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के हाथ में एक मोहर लगेगी। मैराथन में तीन हजार युवक-युवतियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। चंपत राय ने बताया कि राम जन्मभूमि पर श्री राम जन्मोत्सव को लेकर सुरक्षा के कारण कोई नया आयोजन नहीं किया जाएगा। पूर्व से होने वाले आयोजन ही इस वर्ष भी किए जाएंगे। भगवान के दरबार को सुंदर सजाया जाएगा। भव्य आरती का भी आयोजन होगा। प्रसाद श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, शरद शर्मा मौजूद रहें।
: समावेशी विकास व समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सरकार की प्राथमिकता : डा. ममता पाण्डेय
Tue, Mar 21, 2023
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 10 महिलाएं सुषमा स्वराज अवार्ड से सम्मानित
अयोध्या। विभिन्न समाजिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दस महिलाओं को भाजपा ने सहादतगंज स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुषमा स्वराज अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री डा ममता पाण्डेय रही। महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री डा ममता पाण्डेय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समावेशी विकास, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने कई योजनाएं दी है। मिशन शक्ति का सकारात्मक असर व्यापक रुप से पड़ा है। गांवों में मजदूर के रुप में काम करने वाली अथवा शिक्षा, व्यापार व खेल व अन्य क्षेत्र में अपनी क्षमता से पूरे विश्व को अवगत कराने वाली पथ प्रदर्शक महिला। सरकार ने सभी के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। समाज के लिए विशेष योगदान देने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। इसके लिए भाजपा द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ंको सुषमा स्वराज अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है। महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन कर रही है। कोविड काल में जनता की सेवा में महिलाएं भी पीछे नहीं रही। मेडिकल स्टाफ, नर्स के रुप में उनके योगदान को कौन भूल सकता है। महानगर अध्यक्ष आशा गौड़ ने कहा कि उज्जवला योजना से लेकर सरकार कई योजनाएं है जो महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने में सहायक हुई है। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार कटिबद्ध है। इस अवसर पर आरएसएस स्वयंसेवक आभा सिंह, सहायक नगर आयुक्त अंकिता शुक्ला, स्वच्छता मिशन के लिए मंजुला झुनझुनवाला, समाजसेवी भारती सिंह, शिक्षिका डा अनामिका त्रिपाठी, ग्रामीण क्षेत्र में काम करने के लिए समाजसेवी शिवांगी सिंह, सरोज सोनी, योग के लिए सीमा तिवारी, श्यामा सिंगारी व फिजियोथेरेपिस्ट प्रियंका त्रिपाठी को एवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष देवकाली माया सिंह, करिअप्पा अनीता द्विवेदी, पूरा रुबी सिंह, अयोध्या दया मिश्रा, महानगर महामंत्री प्रतिमा शुक्ला प्रमुख रुप से उपस्थित रही।
: शिद्दत से शिरोधार्य हुए बाबा गोमती दास व श्री रघुनन्दनशरण जी महाराज
Mon, Mar 20, 2023
श्री हनुमत निवास के संस्थापक आचार्य सिद्ध संत बाबा गोमती दास जी एवं श्री रघुनन्दन शरण जी की पुण्यतिथि पर संत धर्माचार्यों ने अर्पित किया श्रद्धा सुमन
अयोध्या। संतों की सराह कही जाने वाली रामनगरी में अनेक भजनानंदी संत हुए है जिन्होंने त्याग, साधना से न सिर्फ अयोध्या बल्कि पूरे भारत में राम भक्ति की अलख जगाई इन महापुरुषों की साधना की जीवंत गवाही दे रहा ये अयोध्या के मठ मंदिर व लाखो शिष्य परिकर। उन्हीं संत महापुरुष में एक रहे सिद्ध पीठ श्री हनुमत निवास के संस्थापक पूज्य बाबा गोमती दास जी महाराज।
अनंत विभूषित बाबा श्री गोमती दास जी महाराज व श्री रघुनन्दन शरण जी महाराज की पुण्यतिथि महोत्सव महंत श्री सियाशरण जी महाराज के अध्यक्षता व हनुमत निवास के महंत प्रख्यात साहित्यकार डा. मिथलेश नन्दनी शरण जी के संयोजन में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इसके उपलक्ष्य में उभय पूर्वाचार्यों की अर्चना की गयी।
बाबा गोमती दास जी महाराज का जन्म पंजाब में चैत्र कृष्ण पक्ष त्रयोदशी संवत 2076 में ब्राह्मण परिवार के यहां हुआ था और वह 10 वर्ष की उम्र में ही संत हो गए। श्री महाराज जी अमृतसर के दुग्याना मंदिर के महंत सरयू दास जी महाराज से वैराग्य की दीक्षा ली और कुछ दिन बाद काशी विश्वनाथ जी महाराज ने स्वप्न दिखाया और श्री महाराज जी चित्रकूट में बांके सिद्ध गुफा में भजन करने लगे।
चित्रकूट के साथ श्री महाराज जी तीर्थों का भ्रमण करते रहे और एक दिन हनुमान जी की कृपा और आदेश से अवध पधारे और लक्ष्मण किला पर आ गए और श्री सीताराम में लीन हो गए श्री महाराज जी जानकी वरण वरण की करुणामई सत्संग के आनंद में लीन हो प्रभु चरण के अनुराग में खो गए और नित्य प्रति प्रभु की लीला का आनंद लेने लगे कुछ दिन बाद श्री महाराज जी लक्ष्मण किला के पास हनुमत निवास नामक स्थान की स्थापना की और नित्य प्रति भजन करने लगे। श्री हनुमत निवास मंदिर के महंत प्रख्यात साहित्यकार डा.मिथलेश नन्दनी शरण जी महाराज ने आये हुए अतिथियों का स्वागत परम्परागत तरीके से किया।रसिकोपासना के परमाचार्य लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथली रमण शरण, श्रीहनुमत सदन के महंत अवधकिशोर शरण, बावन मंदिर के महंत वैदेहीवल्लभ शरण 'बावन जी', महामण्डलेश्वर गिरीशदास, महंत शशिकान्त दास समेत अनेक सन्त-महान्त, विद्वान् और श्रद्धालु भक्त मौजूद रहें।