: बिना माफी अयोध्या छोड़ो यूपी में नही घुसने दूंगा
Thu, May 12, 2022
राष्ट्र रक्षा के लिए संतों का साथ जरूरी : बृजभूषण शरण सिंह
श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास महाराज का आशीर्वाद लेते सांसद बृजभूषण शरण सिंह
जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य, महंत कृपालु रामभूषण दास व महामंडलेश्वर आशुतोष दास के साथ विचार विमर्श करते सांसद बृजभूषण शरण सिंह
5 लाख लोग रोकेंगे राज ठाकरे को, संतो व आम जनों का मिल रहा अभूतपूर्व जन समर्थन
संतों ने विजय तिलक लगाकर दिया जीत का आशीर्वाद, कहा ये आवाज हर उत्तर भारतीय की
अयोध्या। यूपी में भाजपा के सासंद बृजभूषण शरण सिंह मनसे के प्रमुख राज ठाकरे को बिना माफी अयोध्या ही नही यूपी में ना धुसने का ऐलान किया हैं। साथ ही उन्होंने राज को कहा कि अयोध्या आने से पहले उत्तर भारतीयों से हाथ जोड़कर माफी मांगे। इसी के साथ बृजभूषण शरण सिंह ने ये भी कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को भी सलाह दी है कि वह राज ठाकरे से तब तक मुलाकात न करें जब तक वह माफी नहीं मांग लेते। इसको लेकर सांसद बृजभूषण शरण सिंह लगातार लोगों से जन सम्पर्क कर रहे है। वे रामनगरी आकर संतो से मिल आशीर्वाद ले रहें है।
जैसे जैसे मनसे प्रमुख राज ठाकरे के अयोध्या यात्रा पर जाने के दिन नजदीक आ रहे हैं, वैसे वैसे इसे लेकर राजनीति भी गरमाती जा रही है। भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर कहा कि राज ठाकरे को अयोध्या में घुसने भी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने एक बार फिर राज ठाकरे से माफी की मांग को दोहराया है। उन्होंने कहा कि 5 लाख लोग राज ठाकरे को रोकेंगे और अयोध्या में घुसने नहीं देंगे।
दरअसल राज ठाकरे 5 जून को अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आ रहे हैं। इससे पहले बीजेपी सांसद कैसरगंज से भााजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार को एक के बाद एक ट्वीट से राज ठाकरे पर हमला किया और उत्तर भारतीयों को अपमानित करने का अरोप लगाते हुए माफी की मांग की। सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस देश पर जब जब संकट आया है तब संतों ने ही देश की रक्षा की है लेकिन दुर्भाग्य की लोग यह मानकर चलते हैं कि अब सब कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के हाथ में है उन्हीं को ताकतवर मान लिए हैं। वही कहा कि जब मुसलमानों का इस देश पर क्रूर आक्रमण हुआ था। जब तक यह लोग किसी को तंग नहीं किए तब तक इस देश को किसी से दिक्कत नहीं हुई, मुगल शासक आये, मंगोल व अन्य लोग आए। लेकिन दिक्कत उस समय हुई जब जोर जबरदस्ती किया। वहीँ कहा कि हनुमान जी के मंदिर सबसे ज्यादा गांव गांव उस समय बने जब मुगलों का अत्याचार चरम पर था। अपने हिंदू धर्म को बचाने के लिए इस मंदिर को बनाया गया। और बताया कि यह अखाड़े भी देश की रक्षा करने के लिए बनाए गए थे। तो वही कहा कि हम अयोध्या के उत्तर दिशा के रक्षक हैं। अयोध्या हम लोगों की है। हम वहां के पहरेदार हैं और आज हम निकले हैं संत महात्माओं से मिल रहे है।
सांसद बृजभूषण शरण सिंह रामनगरी अयोध्या के हनुमान बाग में महंत जगदीश दास, हिंदू धाम में डा राम विलास वेदांती, दिगम्बर अखाड़ा में महंत सुरेश दास, मणिराम दास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास व महंत कमलनयन दास से मिले। इसके बाद हरिधाम गोपाल पीठ पहुंचे जहां पर जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य सुंदर सदन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास से मिल आशीर्वाद लिया। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य सुंदर सदन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास ने कहा ये लड़ाई सांसद बृजभूषण शरण सिंह की नही ये हर उत्तर भारतीय के मान सम्मान की है। उन्होंने कहा संत समाज सहित आमजन सांसद जी के साथ है। इस मौके पर कामधेनु आश्रम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आशुतोष दास, गौरव दास, शिवेंद्र दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
महंत जगदीश दास के साथ वार्ता करते सांसद बृजभूषण
: राम महल वैदेही भवन में श्री राम विवाह पर झूमे श्रद्धालु
Wed, May 11, 2022
माता सीता भक्ति और शक्ति का रूप है और शिव धनुष अंहकार का प्रतीक: रामदिनेशाचार्य
अयोध्या। व्यक्ति के जीवन में नियम का होना अति आवश्यक है। जिनके जीवन का कोई नियम नही होता उनका जीवन उमर भर भटकता रहता है। जीवन के अच्छे कर्मों को यज्ञ कहा गया है। यह बात राम महल वैदेही भवन में श्रीराम कथा महोत्सव के पाचवें दिवस सीताराम विवाह महोत्सव की कथा के दौरान जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने कही। रामकथा में संत साधक रसमयी आनंदमयी सागर में गोता लगा रहे है। कथा में श्री सीताराम विवाहोत्सव का बहुत ही सुंदर वर्णन करते हुए महाराज जी ने यज्ञ के महत्व को बताते हुए कहा कि जब जीवन में यज्ञ समाप्त को जाता है तो जीव का तेज और बल दोनो की समाप्त हो जाते हैं। राम विवाह के प्रसंग में उन्होंने बताया कि माता सीता भक्ति और शक्ति का रूप है और शिव धनुष अंहकार का प्रतीक है। कथा में भगवान श्रीराम के विवाह प्रसंग पर व्यास पीठ से मंगल गीत गाए गए। भगवान श्री राम सीता लक्ष्मण के स्वरूप की आरती उतारी गई। रामानन्दाचार्य जी ने कथा के मर्म का संदेश दिया कि जीवन में बिना त्याग तपस्या संतोष के किसी भी प्रकार का सुख और आनंद प्राप्त नही किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि संसार में गुरु तत्व ही इन सभी साधनों के दाता है। व्यासपीठ का पूजन यजमान जय प्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश राठौर, सत्य प्रकाश ताम्रकार, उदित नारायण तिवारी, नानक चंद शर्मा, मुकेश शर्मा, आनंद प्रकाश शर्मा ने किया। महोत्सव का संचालन आचार्य रमेश दास शास्त्री व व्यवस्थापक में गौरव दास शास्त्री व शिवेंद्र दास शास्त्री रहे। इस मौके पर महंत रामजीशरण सहित सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।
: राज्याभिषेक के साथ चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य महोत्सव का हुआ समापन
Wed, May 11, 2022
10 दिन चले महोत्सव ने दक्षिण परम्परा की छोड़ी अमिट छाप, लगातार भंडारे, यज्ञ हवन, नवाह्न पारायण की प्रशंसा चहुओर
राम देश की एकता के प्रतीक हैं: गोपालकृष्णमाचार्य
अयोध्या। श्री हनुमान बाग अयोध्या में चल रहे चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ व श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण कथा के समापन दिवस पर गोपालकृष्णमाचार्य जी महाराज ने कहा कि राम तो प्रत्येक प्राणी में रमा हुआ है, राम चेतना और सजीवता का प्रमाण है। भारतीय समाज में मर्यादा, आदर्श, विनय, विवेक, लोकतांत्रिक मूल्यों और संयम का नाम राम है। असीम ताकत अहंकार को जन्म देती है। लेकिन अपार शक्ति के बावजूद राम संयमित हैं। वे सामाजिक हैं, लोकतांत्रिक है। वे मानवीय करुणा जानते हैं। वे मानते हैं- ‘पर हित सरिस धरम नहीं भाई राम देश की एकता के प्रतीक हैं। गोपालकृष्णमाचार्य जी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम समसामयिक है।भारतीय जनमानस के रोम-रोम में बसे श्रीराम की महिमा अपरंपार है। जीवन की धन्यता भौतिक पदार्थों के संग्रहण में नहीं अपितु सुविचारों एवं सद्गुणों के संचयन में निहित है। जिसके पास जितने श्रेष्ठ एवं पारमार्थिक विचार हैं वह उतना ही सम्पन्न प्राणी है। आज समाज में अशांति कोई पशु या जानवर नहीं फैला रहा, बल्कि अपने स्वरूप से अनभिज्ञ भौतिक पदार्थ की दौड़ में लगा मनुष्य ही फैला रहा है। दूसरों को शांत करने से पहले खुद शांत होना होगा। शांति व आनंद का स्रोत केवल ईश्वर है जो भक्ति द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। महोत्सव के समापन सत्र में कार्यक्रम की आयोजक लक्ष्मी जी सभी का आभार व्यक्त किया। कथा से पूर्व यजमान लक्ष्मी न्यायापति ने व्यासपीठ का पूजन किया। यह आयोजन श्री वेंकाटाचार्य वैदिक संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम हनुमान बाग सेवा संस्थान के सानिध्य में सम्पादित रहा। इस महाउत्सव को हनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य प्राप्त रहा। इस मौके पर मंदिर के व्यवस्थापक सुनील दास, रोहित शास्त्री सहित दक्षिण से हजारों भक्त इस महाउत्सव में शामिल हुए