: फूलों से महका राम जन्म भूमि, कनक भवन व हनुमानगढ़ी
Tue, May 17, 2022
देशी विदेशी फूलों से भगवान का हुआ भव्य श्रृंगार, दिव्य फूल बंगला में सजे भगवान का दर्शन कर धन्य हुए संत साधक
मां सरयू का पावन तट हुआ रोशन, असंख्य दीप से घाट हुआ जगमग, फूलबंग्ला झांकी के साथ हुई महाआरती
अयोध्या। रामनगरी में ज्येष्ठ अमावस्या के पर्व पर रामलला, कनक भवन व हनुमानगढ़ी सहित मां सरयू की भव्य फूल बंगला की झांकी सजी। इसमें देशी विदेशी फूलों से भगवान का भव्य श्रृंगार हुआ। इस झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु व संत आनंद में डूब गए। भीषण गर्मी में जहां एक ओर इंसान और पशु- पक्षी भी परेशान हैं वहीं धार्मिक नगरी अयोध्या के मंदिरों में मानव के रूप में की जाने वाली भगवान की सेवा व पूजा की कड़ी में उन्हें भीषण गर्मी से राहत दिलाने के भव्य फूल बगंला की झांकी सजाई गई। झांकी में आरकेट गेंदा नींबू कलर गेंदा मोंगरा बेला रजनीगंधा गुलाब सहित सैकड़ों प्रकार के फूलों का प्रयोग किया गया। वृंदावन के जगद्गुरू पीपाद्धाराचार्य श्रीमहंत बलराम दास जी महाराज व उनके शिष्यों द्वारा दो दशकों से फूल बगंला की झांकी सजाकर अपने आराध्य की सेवा की जा रही है।
रामलला हनुमानगढ़ी व कनक भवन में अपने आराध्य को फूलों के महल में दर्शन करने के लिए अयोध्या सहित आसपास के हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जगद्गुरू पीपाद्धाराचार्य श्रीमहंत बलराम दास ने बताया कि यह हमारा भाव है कि भगवान को भी गर्मी लगती है। हम संत भगवान के सुख में ही खुद को सुखी महसूस करते है। उन्होंने कहा कि अपने ठाकुर जी को फूलों के महल में देखकर परम आनद की प्राप्ति हुई। रामजन्मभूमि परिसर में विराजमान भगवान श्री राम के मंदिर में मंगलवार शाम फूलबंगला की झांकी सजाई गई। पूरे मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया। भगवान रामलला को शीतलता प्रदान करने के लिए फूल बंगला की झांकी का आयोजन हुआ। मां सरयू के पावन तट को सजाकर दीपदान किया गया। आरती घाट को फूलों से सजाकर सरयू मां को फूलों के महल बनाकर विराजमान कराया गया।इसके बाद सौकड़ों बत्ती की महाआरती की गई।
: कनक भवन व हनुमानगढ़ी में फूलबंग्ला मंगलवार को
Mon, May 16, 2022
फूलबंग्ले में विराजेंगे कनकबिहारी सरकार, रामलला व हनुमान जी
तपती गर्मी में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए होता है फूलबंग्ला झांकी: पीपाद्वाराचार्य
अयोध्या। वैष्णवनगरी के मंदिरों में ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी में भगवान को कूल-कूल रखने के लिए संतों ने फूलबंग्ले की झांकी के आयोजन की परंपरा शुरू की थी। उत्सव के रूप में आयोजित प्राचीन काल की यह परंपरा आधुनिक काल में भी कायम है। वह भी तब जब अधिकांश मंदिरों में पंखे व कूलर की व्यवस्था की जा चुकी है। इसी परंपरा को आज भी बड़ी शिद्दत से निभा रहें वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज। 17 मई मंगलवार को ज्येष्ठ मास पर रामजन्मभूमि में भगवान रामलला सरकार को कनकभवन में बिहारी सरकार व हनुमानगढ़ी में हनुमानजी की भव्य फूलबंग्ला झांकी सजायी जायेगी।
जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज बताते है कि मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह संत-साधकों के लिए वस्तुत: अर्चावतार की भांति हैं। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित देव प्रतिमा को सजीव माना जाता है। यही कारण है कि साधक संतों ने उपासना के क्रम में विराजमान भगवान के अष्टयाम सेवा पद्घति अपनाई। इस सेवा पद्घित में भगवान की भी सेवा जीव स्वरूप में ही की जाती है। जिस प्रकार जीव जैसे सोता, जागता है उसी प्रकार भगवान के उत्थापन व दैनिक क्रिया कर्म के बाद उनका श्रृंगार पूजन, आरती भोग-राग का प्रबंध किया जाता है। इसी क्रम में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुरातन काल में संतों ने फूलबंग्ला झांकी की परंपरा का भी शुभारंभ किया था, जिसका अनुपालन आज भी हम कर रहे है। पीपाद्वाराचार्य ने बताया कि धर्मनगरी वृंदावन व अयोध्या में प्रतिवर्ष दिव्य भव्य फूल बंग्ला झांकी का आयोजन होता है। इस बार यह दिव्य आयोजन 17 मई मंगलवार को हो रहा है। उन्होंने बताया कि झांकी काेलकाता के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किया जा रहा है, जिसमें उपयोग किए जाने वाले फूल बनारस, लखनऊ, वृन्दावन, कलकत्ता आदि जगहों से मंगवाए है। इसके आलावा कुछ पुष्प विदेशाें से भी आयातित किए गये है। यह आयोजन जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज वृंदावन और सभी भक्तो द्वारा किया जाता है।
: राज ठाकरे को अयोध्या घुसने नही दूंगा : बृज भूषण शरण
Sun, May 15, 2022
कहा-कई प्रांतों से लोग विरोध के लिए पहुंच रहे अयोध्या
अयोध्या। राज ठाकरे से मेरी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नही है। मैने समाचार पत्र में पढ़ा कि वे अयोध्या आना चाहते हैं। मैने काफी विचार के बाद यह तय कि जब तक राज ठाकरे उत्तर भारतीयों से उनके कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए दुर्व्यवहार के लिए माफी नहीं मागते हैं तब तक हम उन्हें अयोध्या तो दूर उत्तर प्रदेश की सीमा में भी नही घुसने देंगे। उक्त विचार सिविल लाइन्स स्थित मातृ छाया निवास में मीडिया से बातचीत करते हुए कैसरगंज सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे अयोध्या को तो भूल जाएं कि बिना माफी वे अयोध्या आ पाएंगे। देश में धारा 370 जम्मू कश्मीर में लागू थी। अन्य किसी भी प्रांत में धारा 370 लागू नही थी। किन्तु महाराष्ट्र में अघोषित रूप से आज भी धारा 370 लागू है। देश के किसी भी कोने का रहना वाला आदमी वहां नम्बर दो का नागरिक है। उसे दब कर रहना पड़ता है। उसे भैया जी कह कर पुकारा जाता है। उसे अपमानित किया जाता है। 2008 मे जब से राज ठाकरे यह काम कर रहा था तब से मै सोच रहा था कि वह कही मिल जाए। यदि मुलाकात हो गयी होती तो दो दो हाथ जरूर होता। वैसे मेरी समझ से बाबा साहब को तो शायद यह बात पता भी नही रही होगी। ये मुबई से बाहर नही निकलते। पहली बार ये बाहर आ रहे हैं। पहला आन्दोलन है । यह न तो सत्ता पाने के लिए हैं और न ही सत्ता उखाडने के लिए लिए है। उन्होंने कहा कि मायावती के शासन में गोण्डा का नाम बदला जा रहा था। मैं अकेला मायावती के पास पहुंचा और कहा कि तब तक मेरे शरीर में खून का एक भी कतरा है तो मैं गोण्डा का नाम नही बदलने दूंगा। उस समय मैं अपना अनुरोध लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के पास पहुंचा तो प्रधानमंत्री अटल बिहारी ने दो मिनट में मायावती को गोण्डा का नाम बदलने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि मैं किसी भी प्रकार का जुर्म बरदास्त नही कर सकता। तो उत्तर भारतीयों के साथ जुर्म क्यों होने दूं।किसी को यह गलत फहमी नही होनी चाहिए कि मैं पाच लाख लोगों को एकत्र नही कर सकता हूं। मैने कहा मोदी से माफी मांग लो। फिर आया कि योगी जी से माफी मांग लो। नहीं तो साधु संतों व उलेमाओं से माफी मांग लो । किन्तु राज ठाकरे किसी से भी माफी नही मांगना चाहते। हमने भी ठान लिया है कि उनको अयोध्या तक नही आने देंगे। मैं अलग-अलग प्रांतों का दौरा कर लोगों से समर्थन जुटा रहा हॅूं। इस दौरान संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष पुजारी हेमंत दास, कककू पाण्डेय, अभय सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।