: रामनगरी में शिद्दत के साथ मनाया गया जानकी नवमी
Wed, May 11, 2022
जानकी नवमी पर मंदिरो में उमड़े श्रद्धालुओं गाए बधाई गान
माता सीता की कुल देवी की निकली शोभायात्रा, तो श्रवण कुंज में महंत रामेश्वरी शरण की अध्यक्षता में हुआ विशेष अनुष्ठान
सेवा और उपासना का केंद्र जानकी महल में खास तौर पर आयोजन किया गया
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में मां जानकी का जन्म उत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
अयोध्या। वैशाख शुक्ल नवमी यानी 10 मई को मां सीता का जन्मोत्सव राम नगरी के मंदिरों में मनाया गया। नवमी को मध्यान्ह 12 बजते ही मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बजने लगे। बधाई गान पर श्रद्धालु खूब थिरके। इससे पहले भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। श्रद्धालु सरयू में स्नान कर मंदिरों में हो रहे पर्व और विशेष अनुष्ठान शामिल हुए। इस बार राममंदिर में विशेष तौर पर आम का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। इसी के साथ कनक भवन ,जानकी महल, श्रवण कुंज, झुनकी घाट, श्री रामबल्लभाकुंज, वैदेही भवन, राम हर्षण कुंज सहित सैकड़ों मंदिरों में जन्मोत्सव पर उत्सव का माहौल चरम पर रहा।
माता सीता की कुल देवी माता गौरी का मंदिर प्रसिद्ध छोटी देवकाली है। मंदिर में 9 दिन पहले से विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं । यहां पर फूल -बंगले की झांकी सजा कर 1051 बत्ती की आरती की गई। गाजे- बाजे के साथ भव्य शोभा यात्रा भी निकाली। यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यह यात्रा पिछले दो साल बाद निकाली गई थी। कोविड संक्रमण को देखते हुए पिछले आयोजनों को सीमित किया गया था।।
बधाई गान से गुंजायमान होते रहे मंदिर
रामनगरी में जानकी नवमी पर्व पर हफ्ते भर से देवी मंदिरों सहित प्रमुख मठ मंदिरों में विभिन्न कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं । मंदिरो में सुबह से ही विशेष पूजा अनुष्ठान के शुरू हो गए। संत व श्रद्धालु जनक सुता जग जननि जानकी, अति सय प्रिय कर करुणानिधान की आदि भजन गाकर भक्ति के समुद्र में गोते लगाते रहे। मंदिरों का समूचा परिसर जानकी माता और श्री राम की जय के नारों से गूंजता रहा।
रामनगरी की प्रसिद्ध पीठ श्रवण कुंज में माता सीता जी का जन्म दिवस बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में किशोरी जी का भव्य अभिषेक पूजन व श्रृंगार करके आरती की गई। यह आयोजन महंत रामरुप शरण के सानिध्य व मंदिर की वर्तमान महंत रामेश्वरी शरण की अध्यक्षता में हुआ।
तो वही सेवा और उपासना का केंद्र जानकी महल में खास तौर पर आयोजन किए गए थे। जानकी महल ट्रस्ट किशोरी जी का मायका है भगवान राम आज भी यहां दुल्हा रुप में पूजें जाते है। इसलिए किशोरी जी का जन्म दिवस बहुत ही दिव्य भव्य रुप में मनाया गया जिसमें प्रातःकाल भव्य अभिषेक किया गया इसके बाद रत्न जड़ित सोने चांदी हीरे के बने आभूषण भगवान को धारण कराया गया। इसके बाद भगवान की आरती उतारी गई।ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया ने कहा कि पूरे श्रद्धा भाव से आज किशोरी जी का जन्म महोत्सव मनाया गया। आज से ट्रस्ट ने निर्णय लिया है गरीब कन्या का पढ़ाई लिखाई का सारा खर्चा उठायेगी। उसके एजूकेशन में जो भी खर्च आयेगा उसे जानकी महल ट्रस्ट देगा। आदित्य कहते है कि हमारा ट्रस्ट प्रति वर्ष गरीब कन्या का विवाह भी कराता है।
: राज ठाकरे के विरोध में उतरे रामनगरी के संत,कहा उत्तर भारतीय से माफी मांगे
Tue, May 10, 2022
भाजपा के लोकप्रिय सांसद बृजभूषण शरण को मिला अयोध्या के साधु-संतों का साथ
मनसे प्रमुख राजठाकरे की अयोध्या यात्रा को लेकर सियासत हुई तेज, भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उनसे माफी की मांग की है तो वहीं अब साधु-संत सहित अयोध्या की आवाम भी इसमें हुई शामिल
अयोध्या। 5 जून को मनसे के प्रमुख राज ठाकरे के रामनगरी अयोध्या आने के कार्यक्रम को लेकर कैसरगंज के लोकप्रिय नेता भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उनके विरोध को लेकर मोर्चा खोल रखा है। इस बीच आज गोंडा में हजारों की संख्या में अयोध्या से आए वरिष्ठ साधु संतों ने उनके घर पर पैदल मार्च कर पहुंचे और फिर नंदिनी नगर महाविद्यालय में साधु-संतों ने राज ठाकरे के विरोध में उतरे लोगों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तैयार की।
रामनगरी अयोध्या हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज के उत्तराधिकारी संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास महाराज ने कहा कि राज ठाकरे ने उत्तर भारतीयों का अपमान किया है। उन्हें माफी मांग लेनी चाहिए। नहीं तो उन्हे अयोध्या में घुसने नहीं दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों के प्रति राज ठाकरे जो अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। ये सभी उत्तर भारतीयों की आवाज है। लोकप्रिय नेता सांसद बृजभूषण शरण जी के साथ अयोध्या के सभी साधु संत व आम नागरिक भी है। महंत संजयदास ने कहा कि नेताजी का विरोध करना जायज है। नेता बृजभूषण शरण जी की आवाज समस्त उत्तर भारतीय लोगों की आवाज है। वही आज रैली में सौकड़ों नागा साधुओं को लेकर शामिल हुए संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज ने कहा कि पूरी अयोध्या नगरी सांसद बृजभूषण शरण जी के साथ खड़ी है। राज ठाकरे को हर हाल में माफी मांगनी होगी। अयोध्या में उनको आने नही दिया जायेगा।
पुजारी हेमंत दास ने कहा सांसद जी की आवाज पूरे उत्तर भारतीयों की आवाज है। मैं उम्मीद करता हूं ठाकरे को यहां आने से पहले उत्तर भारतीयों से माफी मांगे। उन्होंने गलती की हो तो क्षमा मांगे। इसमें कोई आपत्ति नहीं है। नहीं तो हमारा चैलेंज है कि वो अयोध्या की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इस मौके पर जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत बलराम दास, अभिषेक दास, अभय दास सहित बड़ी संख्या में साधु संत मौजूद रहें।
: चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य महायज्ञ में धूमधाम से मनाया गया भगवान वेंकटेश का पटृभिषेक
Mon, May 9, 2022
भगवान श्रीराम का चरित्र दर्पण के समान है जिसमें अपने आपको देखकर सुधार करो :गोपालकृष्णमाचार्य
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ महोत्सव का उल्लास अपने चरम पर
अयोध्या। अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ में 51 वैदिक आचार्य आहुतियां डाल रहे है। पूरा हनुमान बाग मंदिर परिसर दक्षिण परम्परा के पूजा पद्धति के वातावरण से सराबोर है। कार्यक्रम में प्रातःकाल ही वाल्मीकीय पारायण पाठ का सस्वर पाठ 108 वैदिक आचार्यों द्धारा किया जा रहा है। तो देर शाम वाल्मीकीय रामायण की कथा का रसास्वादन दक्षिण से चल कर आये प्रख्यात विद्धान गोपालकृष्णमाचार्य करा रहे हैं। ये पूरी कथा तेलूगु भाषा में हो रही है। जिसका हिंदी में व्याख्यान हनुमान बाग के आचार्य कर रहे है।
चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ महोत्सव के अवसर पर रामायण महाकाव्य के माध्यम से भगवान श्रीराम के मंगलमयी चरित्र का वर्णन करते हुए गोपालकृष्णमाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान अनंत हैं, उनका चरित्र अनंत है, उनकी लीला अनंत है। फिर भी भगवान के उन अनंत चरित्रों में जितना चरित्र चिंतन हम कर लें, उससे हमारे चरित्र का निर्माण होता है। भगवान के चरित्र का चिंतन करने का उद्देश्य यही है कि हमारा चरित्र सुधर जाए। भगवान का चरित्र वो दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपना सुधार कर लें। दर्पण कभी झूठ नहीं बोलता। दर्पण के सामने खड़े होकर हम गड़बड़ को सुधार करते हैं, उसी प्रकार भगवान श्रीराम का चरित्र ऐसा निर्मल दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपने चरित्र को देखें कि हमारी क्या गलतियां हैं, रामजी ने क्या किया वो हम करें, या उन्होंने क्या नहीं किया वो हम ना करें, यह देखकर रामचरित्र के दर्पण में हम अपने जीवन का सुधार कर लें, यही कथा सुनने का फल है। अपने आपको हम पवित्र कर लेंगे। गोपालकृष्णमाचार्य जी ने कहा कि संसार के लोग व्यवहार को देखते हैं, लेकिन भगवान भाव को देखते हैं। आपका भाव बहुत अच्छा हो, लेकिन व्यवहार में आप चूक गए तो संसार में आप सफल नहीं हो सकते और अगर भगवान के साथ व्यवहार में चूक गए तो कोई बात नहीं, यदि भाव आपका ठीक रहा तो काम चल जाएगा।कथा से पूर्व यजमान लक्ष्मी न्यायापति ने व्यासपीठ का पूजन किया। यह आयोजन श्री वेंकाटाचार्य वैदिक संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम हनुमान बाग सेवा संस्थान के सानिध्य में सम्पादित हो रहा है।इस महाउत्सव को हनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। इस मौके पर मंदिर के व्यवस्थापक सुनील दास, रोहित शास्त्री सहित दक्षिण से हजारों भक्त इस महाउत्सव में शामिल हुए।