: राजशी वैभव के साथ होगा हनुमान बाग में रामविवाह
Sun, Dec 5, 2021
सिद्व पीठ श्री हनुमान बाग में सीताराम विवाहोत्सव पर्व शुरू
अयोध्या। उपवीत व्याह उछाह मंगल सुनि जे सादर गवाही, वैदेहि राम प्रसाद ते जन सर्वदा सुख पावहीं, कुअँरि कुअँरि कल भावँरि देही, नयन लाभु सब सादर लेही, जाइ न वरनि मनोहर जोरी, जो उपमा कछु कहीं सो थोरी, बरनत छवि जहँ-तहँ सब लोगू, अवसि देखिये देखन जोगू, सिय रघुवीर विवाह, जे सप्रेम गावहिं सुनहिं, तिन्ह कहुँ सदा उछाहु, मंगलायतन राम जसु, मंगल मूल लगन दिनु आवा, हिम रितु अगहनु मासु सुहावा, ग्रह तिथि नखतु जोग बर बारू, लगन सोधि बिधि कीन्ह विचारू, दुलहा श्रीरघुनाथ बने दुलही सिय सुंदर मंदिर माहीं।….. आदि जैसे मंगल गीतों से श्री राम सीता विवाह महोत्सव पर राम नगरी अयोध्या गुंजायमान रही। अगहन पंचमी को अयोध्या के विभिन्न लगभग 10 स्थानों से राम बारात धूमधाम से हाथी घोड़े बैण्ड बाजों के बीच गाजे बाजे के साथ निकलेगी। रामनगरी के प्रसिद्व पीठों में शुमार श्री हनुमान बाग में इस बार बड़े ही हाव भाव के साथ श्री सीताराम विवाहोत्सव मनाया जायेगा। इस बार ऐतिहासिक श्री राम बारात मंदिर से निकलेगी। मंदिर के श्री मंहत जगदीश दास जी महराज ने बताया कि विवाहोत्सव का पर्व आज से रामार्चा पूजन के साथ शुरू हुआ है वही देर शाम रामलीला का मंचन भी किया जायेगा। मंहत जगदीश दास जी ने बताया कि 8 दिसंबर को देर शाम हाथी,घोड़े व ऊंट के साथ बैण्ड बाजों के बीच रथों पर भगवान श्रीराम समेत चारो भाईयों के साथ राजादशरथ के स्वरूप के साथ भव्य बारात निकलेगी जिसके बाद 9 दिसम्बर को कुंवर कलेवा व 56 भोग के साथ के विवाहोत्सव का समापान होगा। श्री हनुमान बाग में श्री राम सीता विवाह महोत्सव मनाने का तरीका सबसे निराला है। पूरे विधि विधान से रस्मों रिवाज के अनुरूप यहां पर विवाह महोत्सव पर्व मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में शमिल होने के लिए पूरे भारत से मंदिर के शिष्य परिकर सहित कई वीवी आई भी आ रहे है। कार्यक्रम की देखरेख मंदिर के सुनील दास जी, रोहित शास्त्री सहित पूरा हनुमान बाग परिवार कर रहा है।
: जानकी महल ट्रस्ट का सीताराम विवाह अपने आप में है अनोखा जानें कैसे होती है विवाह की रस्में
Sun, Dec 5, 2021
देवी सीता का मायका माना जाता है जानकी महल ट्रस्ट,दूल्हा-दूल्हन सरकार के रूप में विराजति है युगल
अयोध्या। जानकी महल ट्रस्ट में रामविवाह उत्सव की भव्यता देखते ही बनती है। माता सीता के मायके के रूप में प्रचलित जानकी महल की स्थापना जानकी वर बिहार कुंज के रूप में की गई थी। दूल्हा-दूल्हन सरकार के रूप में विराजति युगल सरकार की नयनाभिराम जोड़ी की अष्टायाम सेवा उनके परिकर करते हैं। जानकी महल ट्रस्ट के आदित्य सुल्तानिया बताते हैं कि जनकपुर की परंपरा में दूल्हा सरकार विवाहोपरांत कोहबर में ही लीला का दर्शन कराते हैं। मंदिर में भगवान के उत्थापन से लेकर रात्रि शयन तक आठो पहर की सेवा मधुर उपासना की ही रीति से की जाती है। बताया कि 5 दिसंबर को रामार्चा पूजन के साथ ही उत्सव की शुरूआत हो जाएगी। 6 को फुलवारी लीला होगी जो विवाहोत्सव का मुख्य आकर्षण होती है। 7 को हल्दी तिलक एवं मेंहदी की रस्म तो 8 को रामबरात निकाली जाएगी। 9 दिसंबर को छप्पन भोग के साथ विवाह उत्सव का समापन होगा।
: राम भक्तों के लिए यह एक अमूल्य निधि : महंत सजय दास
Sun, Dec 5, 2021
-अब देश विदेश के पत्रों पर होगा हनुमान गढ़ी के शिखर का चित्र
अयोध्या। फैजाबाद प्रधान डाकघर में डाक विभाग ने श्री हनुमानगढ़ी अयोध्या पर चित्रमय तारीख मुहर का शुभारंभ रंगारंग कार्यक्रम के साथ मुख्य अतिथि सांसद लोकसभा लल्लू सिंह तथा विशिष्ट अतिथि हनुमान गढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी व संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत
संजय दास ने एलबम का विमोचन प्रवर अधीक्षक डाकघर आर एन यादव की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि महंत संजय दास महाराज ने कहा कि अयोध्या की पहचान श्री हनुमानगढ़ी को विश्व पटल पर लाने के लिए चित्रमय मुहर के शुभारंभ से विदेशों में भी अयोध्या विद्यमान होगा। यह चित्रमय तारीख मुहर की छाप देश विदेश के सभी आने जाने वाले पत्रों में होने से न सिर्फ देश के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अयोध्या के सांस्कृतिक दूत का कार्य करेगा। मुहर पर श्री हनुमानगढ़ी के शिखर का चित्र होने से लोगों की आस्था का विस्तार होगा युवा पीढ़ी भी अयोध्या के बारे में जानकारी रखने के लिए उत्सुकता बढ़ेगा । महंत संजय दास महाराज ने कहा कि डाक विभाग सदैव सांस्कृतिक राजदूत की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इस मुहर से पूरे विश्व में अयोध्या और श्रीराम से जुड़े सांस्कृतिक सम्बन्धों का प्रसार होगा। दुनिया भर के राम भक्तों के लिए यह एक अमूल्य निधि की तरह साबित होगा। संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास ने कहा कि रामायण काल में माता सीता को भगवान राम का सन्देश हनुमान जी ने दिया था आज इस युग में हनुमान जी सबसे बड़े भगवान हैं पत्रों पर हनुमान गढ़ी के शिखर लगी मुहर मिलने से आस्था बढ़ेगी दूर दूर के दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ेगी । हनुमान गढ़ी पर मुहर जारी करवाने के लिए श्री दास ने प्रधानमंत्री व संचार मंत्री को बधाई दिया। इस दौरान प्रवर अधीक्षक डाकघर आर एन यादव ने बताया कि इस मुहर की मांग सांसद लल्लू सिंह के द्वारा किया गया था। अब सभी आने जाने वाले पत्रों पर इसकी छाप होगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा। इस दौरान अभिषेक दास, सीनियर पोस्टमास्टर एस आर गुप्ता, सहायक अधीक्षक अजय पाण्डेय, मनोज कुमार, सिंकू रावत, सत्येन्द्र प्रताप सिंह, हिमान्शु कनौजिया, शैलेन्द्र भास्कर, पंकज सिंह आदि सैकड़ों मौजूद रहे।