Saturday 22nd of August 2026

ब्रेकिंग

गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

जानकी घाट  स्थित चारुशिला मंदिर में संतों ने की बैठक, अध्यक्षता चारुशिला मंदिर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम-सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी का पंचामृत से अभिषेक; दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालों ने मोहा मन

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व व श्रृंगी ऋषि आश्रम

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

रामनगरी में धू-धूकर जली रावण की लंका, सुग्रीव और बाली के युद्ध का हुआ : भगवताचार्य स्मारक सदन की पौराणिक रामलीला में राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में वन वन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के

रामनगरी में धू-धूकर जली रावण की लंका, सुग्रीव और बाली के युद्ध का हुआ मंचन

भगवताचार्य स्मारक सदन की पौराणिक रामलीला में राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में वन वन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के आश्रम में जाना और सुग्रीव मित्रता बाली वध सीता खोज और लंका दहन तक की लीला का मंचन हुआ

अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या इन दोनों रामलीला की धूम मची हुई है। संतों की इस नगरी में अपनी ऐतिहासिकता पौराणिकता समेटे मर्यादित रामलीला भगवताचार्य स्मारक सदन की संत तुलसीदास रामलीला समिति की बात ही निराली है।रामलीला के 9वें रविवार को रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता, वाली वध व लंका दहन का मंचन किया गया। तीनों ही स्थानों पर राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में वन वन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के आश्रम में जाना और सुग्रीव मित्रता बाली वध सीता खोज और लंका दहन तक की लीला का मंचन किया।

रामलीला में भटकते भटकते माता शबरी के आश्रम में पहुंचते हैं और वहां माता शबरी उनका स्वागत करती हैं और उन्हें फल बेर खिलाती हैं और वह राम को बताती हैं कि ऋषि मुख पर्वत पर कुछ बांदर रहते हैं वहां आप जाओ वह आपकी अवश्य सहायता करेंगे। वहां श्री राम की सुग्रीव से मित्रता होती है। हनुमान जी से परिचय होता है उसके बाद वाली वध किया गया। संत तुलसीदास रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास महाराज ने रामलीला में पधारे संतों का स्वागत किया। उपाध्यक्ष नागा राम लखन दास महाराज, श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास महाराज, खड़ेश्वरी पीठाधीश्वर महंत दिलीप दास महाराज, करतलिया पीठाधीश्वर महंत बाल योगी रामदास महाराज, नागा जयमंगल दास महाराज,योग गुरु डॉ महेश दास, पुजारी राजन दास, व्यवस्थापक राजीव रंजन पाण्डेय, व्यवस्थापक महंत धनुषधारी शुक्ला, पृथ्वी दास, कृष्णा दास ,तन्मय दास, महंत संजय दास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव सहित आदि की संख्या में साधु संत उपस्थित रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें