Saturday 2nd of May 2026

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संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

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रामनगरी में धू-धूकर जली रावण की लंका, सुग्रीव और बाली के युद्ध का हुआ : भगवताचार्य स्मारक सदन की पौराणिक रामलीला में राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में वन वन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के

रामनगरी में धू-धूकर जली रावण की लंका, सुग्रीव और बाली के युद्ध का हुआ मंचन

भगवताचार्य स्मारक सदन की पौराणिक रामलीला में राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में वन वन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के आश्रम में जाना और सुग्रीव मित्रता बाली वध सीता खोज और लंका दहन तक की लीला का मंचन हुआ

अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या इन दोनों रामलीला की धूम मची हुई है। संतों की इस नगरी में अपनी ऐतिहासिकता पौराणिकता समेटे मर्यादित रामलीला भगवताचार्य स्मारक सदन की संत तुलसीदास रामलीला समिति की बात ही निराली है।रामलीला के 9वें रविवार को रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता, वाली वध व लंका दहन का मंचन किया गया। तीनों ही स्थानों पर राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में वन वन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के आश्रम में जाना और सुग्रीव मित्रता बाली वध सीता खोज और लंका दहन तक की लीला का मंचन किया।

रामलीला में भटकते भटकते माता शबरी के आश्रम में पहुंचते हैं और वहां माता शबरी उनका स्वागत करती हैं और उन्हें फल बेर खिलाती हैं और वह राम को बताती हैं कि ऋषि मुख पर्वत पर कुछ बांदर रहते हैं वहां आप जाओ वह आपकी अवश्य सहायता करेंगे। वहां श्री राम की सुग्रीव से मित्रता होती है। हनुमान जी से परिचय होता है उसके बाद वाली वध किया गया। संत तुलसीदास रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास महाराज ने रामलीला में पधारे संतों का स्वागत किया। उपाध्यक्ष नागा राम लखन दास महाराज, श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास महाराज, खड़ेश्वरी पीठाधीश्वर महंत दिलीप दास महाराज, करतलिया पीठाधीश्वर महंत बाल योगी रामदास महाराज, नागा जयमंगल दास महाराज,योग गुरु डॉ महेश दास, पुजारी राजन दास, व्यवस्थापक राजीव रंजन पाण्डेय, व्यवस्थापक महंत धनुषधारी शुक्ला, पृथ्वी दास, कृष्णा दास ,तन्मय दास, महंत संजय दास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव सहित आदि की संख्या में साधु संत उपस्थित रहे।

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