Tuesday 27th of October 2026

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भूमि की पैमाइश के बाद भी समाधान न निकलने पर नाराजगी जताई। संतों ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना देने

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रामनगरी में आश्रम ध्वस्त, भगवान की मूर्ति गायब होने का आरोप; संतों ने : भूमि की पैमाइश के बाद भी समाधान न निकलने पर नाराजगी जताई। संतों ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना देने

रामनगरी में आश्रम ध्वस्त, भगवान की मूर्ति गायब होने का आरोप; संतों ने दी आंदोलन की चेतावनी

रामनगरी अयोध्या में रामघाट हाल्ट रेलवे स्टेशन के समीप संतरंगी पुल के सामने स्थित अंतर्यामी जी के आश्रम को तोड़ने और मंदिर से भगवान की मूर्ति गायब होने का गंभीर आरोप लगा है। महंत हरेराम दास महाराज ने भूमि की पैमाइश के बाद भी समाधान न निकलने पर नाराजगी जताई। संतों ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना देने, न्यायालय जाने और मुख्यमंत्री से शिकायत करने की चेतावनी दी है।

अयोध्या। रामनगरी में आश्रम की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रामघाट हाल्ट रेलवे स्टेशन के समीप संतरंगी पुल के सामने स्थित अंतर्यामी जी के आश्रम को तोड़े जाने और मंदिर में स्थापित भगवान की मूर्ति गायब होने का आरोप महंत हरेराम दास महाराज ने लगाया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

महंत हरेराम दास महाराज के अनुसार, गाटा संख्या 100 में उनका आश्रम स्थित था। आरोप है कि भूमाफियाओं ने आश्रम को ध्वस्त कर दिया और मंदिर में स्थापित भगवान की मूर्ति भी गायब कर दी। महंत ने कहा कि धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने और मूर्ति गायब होने का मामला गंभीर है। इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से संत समाज में नाराजगी है।

राजस्व टीम ने की जमीन की पैमाइश

अपनी जमीन से जुड़े विवाद के समाधान के लिए महंत हरेराम दास महाराज ने मंगलवार को भूमि की पैमाइश कराई। मौके पर नायब तहसीलदार, कानूनगो और संबंधित क्षेत्र के लेखपाल ने पहुंचकर जमीन की नापजोख की। हालांकि, पैमाइश के बाद भी विवाद का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। इससे संतों में असंतोष बढ़ गया। संतों ने प्रशासन से भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने और कथित अवैध कब्जे के मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे संत

महंत हरेराम दास महाराज ने कहा कि आश्रम तोड़े जाने और भगवान की मूर्ति गायब होने के आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। संतों का कहना है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार होने के बावजूद उन्हें न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो संत धरने पर बैठेंगे, न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे।

महंत राम बालक दास ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपितों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस दौरान कनक महल के श्रीमहंत सीताराम दास महात्यागी, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी रमेश दास, महंत मामा दास, महंत बालयोगी रामदास समेत कई साधु-संत मौजूद रहे। फिलहाल, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मामले में जांच और राजस्व अभिलेखों के आधार पर ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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