Sunday 5th of July 2026

ब्रेकिंग

कहा- एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक चंपत राय को दोषी मानना उचित नहीं

महंत संजयदास बने राष्ट्रीय प्रवक्ता, रामनगरी का संत नेतृत्व अब देशभर में गूंजेगा

कंचन भवन के पीठाधीश्वर बोले-आरोप और अपराध सिद्ध होना अलग बातें, निष्पक्ष जांच से सामने आएगा पूरा सच

पुलिस ने घरवालों से की पूछतांछ, पड़ोसियों से भी ली जानकारी, अविनाश शुक्ला के किराये के मकान लगाया ताला

सरयू जयंती महोत्सव के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

कंचन भवन पीठाधीश्वर ने गरीब असहाय बेटी का किया कन्यादान  : कंचन भवन पीठाधीश्वर समाजसेवी महंत विजय दास महाराज ने निभाई पिता की भूमिका

कंचन भवन पीठाधीश्वर ने गरीब असहाय बेटी का किया कन्यादान 

कंचन भवन पीठाधीश्वर समाजसेवी महंत विजय दास महाराज ने निभाई पिता की भूमिका

अयोध्या। धार्मिक नगरी अयोध्या में रविवार को समाज और मानवता के लिए प्रेरणा देने वाला बन गया जब कंचन भवन पीठाधीश्वर समाजसेवी महंत विजय दास महाराज ने असहाय बेटी वंदना का विवाह संपन्न कराकर पिता का कर्तव्य निभाया और समाज को यह संदेश दिया कि “अनाथ या असहाय बेटियां अकेली नहीं हैं, उनके पीछे पूरा समाज और धर्मगुरु खड़े हैं।” यह भावुक और प्रेरणादायक विवाह समारोह श्री हनुमानगढ़ी देवकली स्थित श्री अष्टभुजी दुर्गा मंदिर में हुआ। वंदना निवासी सोनवर्षा जिला बस्ती का विवाह राकेश निवासी ककरहा,देवकली, अयोध्या के साथ संपन्न हुआ। महंत विजय दास ने स्वयं पिता बनकर कन्यादान किया और वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए उनके जीवन में सुख-समृद्धि की मंगलकामनाएँ दीं।

कन्यादान के दौरान भावुक होते हुए महंत विजय दास ने कहा “बेटी का विवाह पिता का सबसे बड़ा कर्तव्य होता है। असहाय वंदना का पिता बनकर आज मैंने यह कर्तव्य निभाया है। समाज को चाहिए कि हर बेटी को अपनी बेटी समझकर उसका सहारा बने। यही सच्ची सेवा और सबसे बड़ा धर्म है।“ विवाह में उपस्थित साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने महंत विजय दास महाराज के इस कदम को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया। सभी ने माना कि यह कार्य समाज में नई सोच और सकारात्मकता का संदेश देगा। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के साथ-साथ महंत विजय दास समाजसेवा और मानवीय मूल्यों के लिए भी जाने जाते हैं। वे समय-समय पर असहायों की मदद करते हैं और जरूरतमंदों को संबल प्रदान करते हैं। असहाय बेटी का कन्यादान कर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि संत सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की हर बेटी के पिता और हर असहाय का सहारा होते हैं। इस मौके पर नरेंद्र बहादुर सिंह काका विश्वनाथ सिंह मुन्ना सिंह पहलाद सिंह मोनू सिंह एसपी सिंह संजय यादव आदित्य पांडे मनोज श्रीवास्तव जेके सिंह पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह बिसेन आदि मौजूद रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें