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बमबम यादव

Sat, Nov 26, 2022

चक्रवर्ती महाराज श्रीदशरथजी के राजमहल बड़ास्थान में श्री सीताराम विवाह महोत्सव का उल्लास चरम पर

अयोध्या। रामनगरी में विवाह महोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। हर कोई इस महोत्सव में शामिल होने के लिए लालायित हैं। इस बार यह उत्सव और भी खास है क्योंकि कोरोना काल में विगत दो साल सारे उत्सव फीके हो गए थे। चक्रवर्ती महाराज श्री दशरथजी के राज महल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगाद्यायाचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी कहते है कि हम लोगों में काफी उत्साह और उमंग है। भगवान राम का दिव्य भव्य मंदिर बन रहा है। हिंदु समाज को नव चेतना देने जैसा है। हर लोग मुदित होकर भगवान श्री सीताराम जी के विवाह महोत्सव मना रहे है। महंत जी कहते है कि इस बार भक्त भी हर्षोल्लास से भरे दिख रहे है। मंदिर में श्रीराम कथा व श्री राम लीला का भव्य आयोजन किया गया है। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार दशरथ राज महल बड़ा स्थान का श्रीराम विवाह महोत्सव मनाने का अंदाज अपने आप में निराला है। महंत जी दशरथ की भूमिका में दोनो हाथों से न्यौछावरी लुटाते हुए अपने आराध्य का पावन उत्सव मनाते है। पूरा मंदिर इस महोत्सव में शामिल होकर विवाह के भाव रुपी रस से सराबोर होकर खुद को आनंदित महसूस कर रहे है। यह पूरा आयोजन बिंदुगाद्यायाचार्य जी महाराज के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन व सुंदर सदन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी के देखरेख में सम्पादित हो रहा है। मंदिर में व्यासपीठ से श्रीराम कथा की अमृत वर्षा तन तुलसी मिथिला पीठाधीश्वर स्वामी श्री विष्णुदेवाचार्य जी महाराज कर रहे है।विष्णुदेवाचार्य जी कहते है कि जो दुनिया को मिटाना चाहता है वह स्वंय मिट जाता है। हिरण्यकश्यप प्रहलाद को मिटाना चाहता था स्वंय मिट गया। कुंभकर्ण इन्द्रासन मांगना चाहता था सरस्वती जी की अनुकंपा से निद्रासन मांग लिया। विभीषण ने भगवान के चरणों में अनुराग मांगा। लंका में एक हरि मंदिर भी था जहां विभीषण भगवत पूजन किया करता था। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में रामकथा श्रोता संत-महांत एवं भक्त श्रीरामकथामृत का पानकर स्वंय को कृतार्थ कर रहे हैं। कथा में महंत सुरेश दास, महंत जनमेजय शरण, महंत अवधेश दास, नागा रामलखन दास, सुदामा दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।

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