Monday 12th of October 2026

ब्रेकिंग

अयोध्या नगर निगम के पार्षद कृष्ण गोपाल यादव ने सीएम योगी के बयान पर दी चुनौती

विधायक ने अधिकारियों के साथ किया पैदल निरीक्षण, सफाई, बिजली और आवागमन की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

भगवताचार्य स्मारक सदन की पौराणिक रामलीला के चतुर्थ दिवस भावपूर्ण मंचन, जयकारों से गूंजा रामलीला परिसर

सुल्तानपुर की बेटी अर्चना मिश्रा की भक्ति-संगीत में खास पहल, ‘मेरे महल अयोध्या’ भजन से मिली पहचान; काशी, मथुरा और उज्जैन

भगवदाचार्य स्मारक सदन की पौराणिक रामलीला में नगर दर्शन और फुलवारी लीला ने मोहा मन, संत-महंतों की उपस्थिति में भक्तिमय

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: तपस्वी छावनी महंती विवाद: मंदिर में बाहरी लोगों का प्रवेश से रोकने की मांग

बमबम यादव

Thu, Sep 8, 2022

योगी सरकार में हिंदू राष्ट्र की अलख जगाने वाले संत परमहंस दास को परेशान कर रहे भूमाफिया: महंत जगदीश दास

डीएम और डीआईजी से मिले परमहंस आचार्य के समर्थक संत महंत

अयोध्या। आचार्य पीठ तपस्वी छावनी के महंती को लेकर चल रहे विवाद में गुरुवार को दूसरा पक्ष भी पुलिस और प्रशासन के पास पहुंचा। डीएम और डीआईजी से मुलाकात कर बाहरी लोगों का मंदिर में प्रवेश रोकने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के साथ महजरनामा की प्रति भी सौंपी है। बुधवार को धर्मनगरी के प्रमुख संत महंतों ने पुलिस प्रशासन से मुलाकात कर ट्रस्ट के निर्णय का अनुपालन कराने और विवाद तथा हस्तक्षेप रोकने की मांग की थी।
गौरतलब है कि कि रामघाट स्थित तपस्वी छावनी के महंत सर्वेश्वर दास की 30 अगस्त को मौत हो गई थी,  इसको लेकर 12 सितंबर को मंदिर परिसर में भंडारा और नए महंत की ताजपोशी के लिए कंठी चादर का कार्यक्रम होना है। भंडारा के पहले ही मंदिर की महंती को लेकर गोलबंदी शुरू हो गई है। वर्ष 2019 में महंत सर्वेश्वर दास की ओर से पीठ के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन किया गया था।उनके निधन के बाद ट्रस्ट की ओर से 2 सितंबर को बैठक कर सर्वसम्मति से जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद के दिलीप दास को अध्यक्ष और पदेन महंत चुना गया है। वर्ही  परमहंस  आचार्य खुद को मंदिर का महंत बता रहे हैं। विवाद को लेकर धर्म नगरी के साधु-संत गोल बंद है। बुधवार को पचासों की तादात में प्रमुख संत-महंतों ने डीआईजी और एडीएम सिटी व एसपी सिटी से मुलाकात की थी।
गुरुवार को सौकड़ों साधु-संतों के साथ  परमहंस आचार्य ने जिलाधिकारी नीतीश कुमार और डीआईजी एपी सिंह से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों को प्रार्थना पत्र के साथ महजरनामा की प्रति सौंपी। दावा किया कि 18 जुलाई 2017 को महंत सर्वेश्वर दास ने राम नगरी के साधु-संतों की मौजूदगी में उनको सरवराहकार व महंत घोषित किया था। तभी से तपस्वी पीठ के संचालन और देखरेख का सर्वाधिकार उनके पास है। 2019 में सर्वेश्वर दास की ओर से ट्रस्ट का गठन किया गया, जबकि उनको इसका अधिकार ही नहीं था। इसी ट्रस्ट के बहाने कुछ लोग विवाद खड़ा करना चाहते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से हनुमान बाग के महंत जगदीश दास, महंत माधव दास,हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास, करपात्रीजी, महंत नंदराम दास जी, महंत राम चरण दास, महंत बलराम दास, महंत इंद्रदेव दास, महंत सत्यदेव दास, पहलवान राजेश दास, पार्षद पुजारी रमेश दास, पुजारी हेमन्त दास, महंत दिनेश दास, महंत अजीत दास, महंत राम करन दास, महंत राम नारायण दास, महंत रमेश दास, महंत विजय दास, महंत सुरेंद्र दास, महंत राम केवल दास, देवेशाचार्य, अभिषेक दास, जटा शंकर दास, परमानंद दास, रतन दास, आनंद दास, विराट दास  सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें