Saturday 22nd of August 2026

ब्रेकिंग

गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

जानकी घाट  स्थित चारुशिला मंदिर में संतों ने की बैठक, अध्यक्षता चारुशिला मंदिर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम-सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी का पंचामृत से अभिषेक; दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालों ने मोहा मन

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व व श्रृंगी ऋषि आश्रम

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: प्रेरक है स्वामी विश्वनाथ प्रसादाचार्य की सरलता: देवेंद्रप्रसादाचार्य

बमबम यादव

Tue, Dec 10, 2024
प्रेरक है स्वामी विश्वनाथ प्रसादाचार्य की सरलता: देवेंद्रप्रसादाचार्य दशरथ राज महल बड़ा स्थान के पूर्वाचार्य विश्वनाथ प्रसादाचार्य की 27वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके व्यक्तित्व-कृतित्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान के पूर्वाचार्य विश्वनाथ प्रसादाचार्य जी की 27वीं पुण्यतिथि विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मनाई गई। मंदिर के वर्तमान पीठाधिपति बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य की अध्यक्षता में विश्वनाथ प्रसादाचार्य की प्रतिमा का पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्घांजलि समारोह में संत-धर्माचार्यों ने विश्वनाथ प्रसादाचार्य को नमन करते हुए उन्हें बिंदु संप्रदाय का गौरव बताया। पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। दशथ राज महल के वर्तमान महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य के संयोजन में पूर्वाह्न पूर्वाचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके व्यक्तित्व-कृतित्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई। देवेंद्रप्रसादाचार्य ने अपने गुरु एवं पूर्वाचार्य को याद करते हुए कहा, उनकी सरलता-साफगोई आज भी प्रेरित करती है और उनसे मिला वात्सल्य अविस्मरणीय है। इस दौरान साकेतवासी आचार्य को निकट से जानने वाले बड़ी संख्या में संत-महंत मौजूद रहे और उन्होंने अनेक संस्मरण सुनाकर महंत विश्वनाथप्रसादाचार्य के व्यक्तित्व में निहित उदारता और सच्चाई बयां की। महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य ने कहा कि सद्गुरुदेव द्वारा स्थापित परंपराओं का सम्यक निवर्हन कर मंदिर में सतत धर्म ध्वजा फहराती रहे इसके लिए हम प्रतिबद्घ रहते हैं। आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथलीरमण शरण ने कहा कि वे बिंदु संप्रदाय के गौरव थे। संत समाज सदैव उनसे प्रेरणा लेता रहेगा।तीनों अनि के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास महाराज ने कहा कि उनकी स्मृति सदैव धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित करती है।बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास महाराज ने श्रद्घांजलि में पहुंचे संतों का स्वागत सम्मान किया।श्रद्धांजलि समारोह का दूसरा चरण भंडारा के नाम रहा। इस मौके पर बड़ी संख्या में संत साधक व शिष्य मौजूद रहें। इस मौके पर महंत कमलनयन दास,संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत माधव दास, अधिकारी राजकुमार दास, महंत मिथलेश नन्दनी शरण, महंत रामदास, महंत जनार्दन दास, महंत अवध किशोर शरण, महंत अर्जुन दास, महंत सुरेश दास, महंत रमेश दास, महंत रामकुमार दास,महंत रामशरण दास, महंत शशिकांत दास, महंत गिरीश दास, महंत जनार्दन दास,महंत रामजी शरण, महंत मनीष दास, महंत कृष्ण कुमार दास, नागा रामलखन दास,महंत जयराम दास,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, पेड़ा महराज, गुरुदेव पैलेस के रवि सिंह,अयोध्या एकेडमी के प्रदीप तिवारी सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें