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जानकी घाट  स्थित चारुशिला मंदिर में संतों ने की बैठक, अध्यक्षता चारुशिला मंदिर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी

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: अयोध्या रामानंदी संप्रदाय के अनुयायियों का गढ़ है: महंत संजयदास

बमबम यादव

Sat, Feb 3, 2024

कहा, जगतगुरु रामानंदाचार्य भगवान के नाम से सड़के हो, स्मारक हो जिससे अयोध्या में उनकी पहचान और बढ़ सके, साथ ही तुलसीदास जी महाराज को भी अयोध्या में स्थान दिया जाना चाहिए

अयोध्या। समाजसेवी व विचारों की जन क्रांति के साथ सनातन धर्म की ध्वज पताका फहराने के लिए हमेशा सबसे आगे रहने वाली संस्था संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने कहा कि अयोध्या रामानंदी संप्रदाय के अनुयायियों का गढ़ है और यहां के अधिकतर संत और आश्रम जगद्गुरू रामानंदाचार्य भगवान को ही मानते हैं और उनके द्वारा बनाए गए नियम संयम पूजा पद्धति का पालन करते है। उन्होंने बताया कि भगवान जगद्गुरू रामानंदाचार्य का प्रादुर्भाव जब पृथ्वी पर हुआ उसे समय सनातन धर्म पर संकट था लोग आपस में ही लड़ रहे थे तब गुरुदेव भगवान ने कहा कि जाति-पाति पूछे ना कोई हरि का भजय सो हरि का होई। श्री महाराज ने कहा कि सरकार को जगतगुरु रामानंदाचार्य भगवान की जयंती का अलग से फंड देना चाहिए जिससे हम लोग और भव्य रूप से जन्म जयंती महोत्सव मना सके। उन्होंने कहा कि भगवान सबके हैं भगवान किसी में भेद नहीं करते यही उपदेश रामानंद संप्रदाय हमेशा समाज को देता रहा है और अयोध्या उसमें सबसे आगे है आज प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है सनातन धर्म के जितने संप्रदाय हैं सब खुशी से झूम रहे हैं लेकिन प्रभु श्री राम के जन्म स्थान अयोध्या में अभी अयोध्या में जगतगुरु रामानंदाचार्य के पहचान के रूप में विकसित करने में पीछे है, मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह आग्रह करूंगा कि हनुमानगढ़ी चौराहा है उसको और विकसित किया जाए और उसे चौराहे का नाम जगतगुरु रामानंदाचार्य चौराहा हनुमानगढ़ी रखा जाए। जगतगुरु रामानंदाचार्य भगवान के नाम से सड़के हो स्मारक हो जिससे अयोध्या में उनकी पहचान और बढ़ सके और उनके साथ तुलसीदास जी महाराज को भी अयोध्या में स्थान दिया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि श्री राम जन्मभूमि में रामलला विराजमान हो गए हैं अयोध्या ही नहीं पूरा विश्व खुशी से झूम रहा है। प्रभु श्री राम का जन्म स्थान रामानंद संप्रदाय का ही है इसलिए मैं यह चाहता हूं कि ठाकुर जी की जो भी सेवा हो वह रामानंद संप्रदाय से होता रहे। प्रभु श्री राम ने जब पृथ्वी पर अवतार लिए तो पूरा जीवन उनका मर्यादित है और सबको साथ लेकर चले राम राज्य की स्थापना हुई ऐसे ही अब राम राज्य की स्थापना का समय प्रारंभ हो गया है इसलिए हमें जगतगुरू रामानंद भगवान के बताए हुए पद चिन्हों पर चलना चाहिए। प्रेसवार्ता में संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास व शिवम श्रीवास्तव भी मौजूद रहें।

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