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: रामायण श्रीराम नाम से पूरित है : डा रामानंद दास

बमबम यादव

Sun, Apr 14, 2024

भगवान के जन्मोत्सव पर तो उनके लीलाओं का गुणगान अवश्य ही सुननी चाहिए जिससे जीवन धन्य हो जाए: देवेंद्रप्रसादाचार्य

व्यासपीठ की आरती करते महंत रामभूषण दास कृपालु जी

बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में रामजन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा जिसका दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे

अयोध्या। रामनगरी का ऐतिहासिक मेला चैत्र रामनवमी अपने शबाब पर है। नगरी के मठ मंदिर अपने आराध्य के जन्म महोत्सव का आनंद लेने के लिए तैयार है। मंदिरों में चारों तरह मंगल ध्वनि मे भगवान राम के चरित्र का गुणगान व नवाह्न पारायण पाठ का हो गया। श्रीराम लला के जन्मोत्सव पर चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के राजमहल में बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज के सानिध्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा चल रहा है। व्यासपीठ से श्री राम कथा की अमृत वर्षा डा रामानन्द दास जी कर रहें है।
श्रीराम कथा अनादि है, रामायण श्रीराम नाम से पूरित है एतदर्थ इनका नाम रामायण है, जो रामायण है वही श्रीरामचरित मानस है। यह बातें चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा में आयोजित श्रीराम कथा में कथा मर्मज्ञ डा रामानन्द दास ने कही। कथा व्यास ने कहा कि जो श्रद्धा पूर्वक भगवान की कथा सुनता है वह भगवान के लोक का अधिकारी होता है। धर्म का ज्ञान रामायण सुनने से मिलता है। श्रीरामचरित मानस की रचना से पहले गोस्वामी तलसीदास जी ने वंदना प्रकरण में वर्ण शब्द से कथा का शुभारंभ किया।
स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज ने व्यासपीठ की आरती उतारी और कहां कि प्रभु श्री राम की लीला श्रवण से ही मनुष्य ही नहीं चराचर ब्रह्म में विराजमान सभी लोग मुक्त हो जाते हैं और कथा उनके चित्त को निर्मल कर देती है इसलिए भगवान के जन्मोत्सव पर तो उनके लीलाओं का गुणगान अवश्य ही सभी को कथा में सुननी चाहिए जिससे उसका जीवन धन्य हो जाए।
कथा के संयोजक महंत रामभूषण दास कृपालु जी ने कहा कि शास्त्र की मर्यादा का पालन करते ना हुए प्रथम पूज्य गणेश सरस्वती की पूजा करते के हुए श्रीराम के चरणों का प्रेम मांगते है। आप में किसी की स्तति करिए पर अपने इष्ट के चरणों का ही अनुराग मांगिए। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में रामजन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है।इस पूरे आयोजन का दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे है। इस मौके पर बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।

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