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हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास के नाती शिष्य पुजारी राजन दास ने संतों का किया सम्मान

गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

जानकी घाट  स्थित चारुशिला मंदिर में संतों ने की बैठक, अध्यक्षता चारुशिला मंदिर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम-सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी का पंचामृत से अभिषेक; दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालों ने मोहा मन

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

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: श्रीराम जानकी खलवा मंदिर के नये महंत बने रामबिहारी दास

बमबम यादव

Sat, Feb 10, 2024

अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साधुशाही परंपरानुसार उन्हें कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की दी मान्यता

तिलक देते डाडिया पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महंत गिरीश दास व आचार्य गौरव शास्त्री

पूज्य गुरुदेव भगवान सेवा भाव की प्रतिमूर्ति थे: महंत रामबिहारी दास

अयाेध्या। रामनगरी की प्रसिद्ध पीठ श्रीराम जानकी खलवा मंदिर रायगंज स्वर्णखनी कुंड का नया महंत रामबिहारी दास काे बनाया गया। शनिवार को एक महंताई समाराेह के दरम्यान अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साधुशाही परंपरानुसार उन्हें कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की मान्यता  की। साथ ही साथ महज्जरनामा पर हस्ताक्षर भी किया। खलवा मंदिर के सेवा के प्रतिमूर्ति के रुप में सुविख्यात वयाेवृद्ध महंत रहे रामध्वज दास चेला स्व राम इकबाल दास का साकेतवास हो जाने से आश्रम की गद्दी खाली चल रही थी। जिस पर महंत रामबिहारी दास चेला स्व. महंत रामध्वज दास की ताजपाेशी की गई। महंत  रामध्वज दास जी ने जीवनकाल में ही पंजीकृत वसीयत द्वारा सुयाेग्य शिष्य रामबिहारी दास काे अपना उत्तराधिकारी नामित कर दिया था। शनिवार को महंत रामध्वज दास जी का तेरहवीं भंडारा भी रहा। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में महंताई समाराेह का आयोजन हुआ, जिसमें संताें व सद् गृहस्थाें ने रामबिहारी दास काे श्रीराम जानकी खलवा मंदिर का महंत एवं सर्वराहकार घाोषित किया। नवनियुक्त महंत रामबिहारी दास ने कहा कि वह अपने समस्त दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करेंगे। साथ ही मंदिर की सम्पूर्ण सम्पत्तियाें काे अक्षुण्ण बनाए रखने का आजीवन सतत प्रयत्न करते रहेंगे। महंत रामबिहारी दास ने बताया कि गुरु भगवान के आशीर्वाद से मंदिर में चलने वाली सेवाएं निरंतर चलती रहेगी और मैं सनातन वैष्णव परंपरा और अयोध्या के पूज्य संतों महंतों वह साधु संतों के आशीर्वाद से निरंतर मंदिर के विकास और सेवा को आगे बढ़ाता रहूंगा। उन्होंने बताया कि गुरुदेव भगवान का साकेत वास 26 जनवरी को हो गया था पूरे संत परंपरा के अनुसार उनका संस्कार किया गया और आज अयोध्या के संतो महंतों ने मुझे गुरुदेव भगवान के स्थान पर श्रीराम जानकी खलवा मंदिर का महंत बनाया है। मैं सभी संतो महंतों के निर्देशों का पालन करूंगा। अंत में हरिधाम गोपाल पीठ के गौरव शास्त्री ने आए हुए संताें का अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत-सत्कार किया। महताई समारोह में मुख्य रूप से जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास,श्रीरामबल्लाभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, मंगल भवन सुंदर धाम पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास, रामकथाकुंज महंत डॉ. रामानंद दास, महंत संतराम दास,महंत रामकुमार दास, महामंडलेश्वर महंत गिरीश दास,विष्णु दास पुजारी बड़ी छावनी, महंत सूरज दास, महंत भरत दास,महंत अजय दास, महंत बलराम दास, तुलसीदास छावनी महंत जनार्दन दास, महंत अर्जुन दास, महंत आशुतोष दास, स्वामी छविरामदास, नागा रामलखन दास, महंत रामजी शरण, महंत मनीष दास,जगन्नाथ दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।

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