Sunday 23rd of August 2026

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हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास के नाती शिष्य पुजारी राजन दास ने संतों का किया सम्मान

गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

जानकी घाट  स्थित चारुशिला मंदिर में संतों ने की बैठक, अध्यक्षता चारुशिला मंदिर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम-सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी का पंचामृत से अभिषेक; दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालों ने मोहा मन

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

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: संत धर्माचार्य सहित सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने की रामकोट की परिक्रमा

बमबम यादव

Mon, Jan 15, 2024

कैसरगंज के लोकप्रिय सांसद बृजभूषण शरण सिंह के नेतृत्व में रामनगरी के संत धर्माचार्यों सहित 10 हजार लोग नाचते गाते निकले शोभायात्रा में

श्रीरामजन्मभूमि उद्धारक बाबा अभिराम दास, तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट ठाकुर गुरुदत्त सिंह की प्रतिमा समेत भगवान श्रीसीताराम की दिव्य झांकी, गुरु वशिष्ठ का चित्र 5 रथों पर विराजमान निकली शोभा यात्रा

अयोध्या । श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला सरकार के 75वें प्राकट्योत्सव पर रविवार को हजारों की संख्या में संत-महंत, धर्माचार्य, गणमान्य जनों एवं अयोध्यावासियों ने रामकोट की परिक्रमा किया। यह परिक्रमा दोपहार बाद क्षीरेश्वरनाथ मंदिर के पास प्रारंभ हुई। जो एक विशाल शोभायात्रा के रूप में प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः अपने गंतव्य को वापस लौटी। रामकोट परिक्रमा में हजारों की संख्या में संत-महंत, धर्माचार्य, गणमान्य जन, अयोध्यावासी, संस्कृत छात्र तथा अयोध्या के समीपस्थ जनपदों से श्रद्धालुजन मौजूद। प्रतिवर्ष पौष शुक्ल तृतीया को रामलला का प्राकट्य महोत्सव मनाया जाता है। कोरोना काल में भी वह प्रतीकात्मक रूप से मनाया गया था। इस बार भी प्राकट्योत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया, जिसके क्रम में 12 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के पदाधिकारियों द्वारा रामलला के दरबार जाकर मुख्य अर्चक को कलश सौंपा था। जहां कलश को स्थापित कर उसकी पूजा-अर्चना हुई। रामलला के दरबार में दो दिन कलश स्थापित रहा और उसकी पूजा-अर्चना होती रही। उसके अगले दिन समिति के लोगों ने श्रीरामजन्मभूमि जाकर मुख्य अर्चक से वह पूजित कलश पुन-प्राप्त किया। फिर दोपहार में क्षीरेश्वरनाथ मंदिर के पास से भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के स्वरूपों के आरती पूजन पश्चात भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें श्रीरामजन्मभूमि उद्धारक बाबा अभिराम दास महाराज और तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट ठाकुर गुरुदत्त सिंह की प्रतिमा समेत भगवान श्रीसीताराम की दिव्य झांकी, गुरु वशिष्ठ का चित्र 5 रथों पर विराजमान रहा। शोभायात्रा में श्रीहनुमान जी का निशान भी शामिल था। हाथी-घोड़ा, गाजे-बाजे संग शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकली। जो क्षीरेश्वरनाथ से शुरू होकर, टेढ़ीबाजार चौराहा, दुराही राही कुआं, कौशलेश सदन, कटरा, अशर्फी भवन चौराहा होते हुए सब्जी मंडी, हनुमानगढ़ी चौराहा रामकोट की परिक्रमा करते हुए पुनः क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर प्रसाद वितरण के साथ विराम हुई। शोभायात्रा में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह अपने हजारों समर्थकों संग शामिल रहे। जिन्होंने समर्थकों संग रामकोट की परिक्रमा किया। रामकोट परिक्रमा में श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के सभापति श्रीमहंत धर्मदास, अध्यक्ष पूर्व सांसद रामविलास दास वेदांती, महामंत्री अच्युत शंकर शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय शुक्ला, कनिष्ठ उपाध्यक्ष महंत जनार्दन दास, कोषाध्यक्ष महंत सत्येंद्र दास वेदांती, महंत जयराम दास, सहायक मंत्री महंत मनीष दास, प्रचार मंत्री महंत किशोरी शरण, बावन मंदिर महंत वैदेहीवल्लभ शरण, जगदुरु स्वामी अनंताचार्य, महंत राघवेश दास वेदांती, हनुमानगढ़ी के महंत बाबा माधव दास जी महाराज, जगन्नाथ मंदिर महंत राघव दास, दशरथगद्दी महंत बृजमोहन दास, महंत अवनीश दास, कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि सोनू सिंह, जेडी सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में संत-महंत, धर्माचार्य एवं भक्तगण शामिल रहे।

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