: श्रीमद्भागवत कथा से इह लौकिक व पारलौकिक सुखों की प्राप्ति होती है:विद्याभास्कर
Wed, Jul 3, 2024
नवनिर्मित श्रीसंतगोपाल मंडपम् में कांचीमठ प्रतिवाद भयंकर मूलगादी के स्वामी श्रीनिवासाचार्य महाराज की अध्यक्षता में चल रहा भव्य प्राणप्रतिष्ठा महा महोत्सव
अयोध्या। नवनिर्मित श्रीसंतगोपाल मंडपम् में कांचीमठ प्रतिवाद भयंकर मूलगादी के स्वामी श्रीनिवासाचार्य महाराज की अध्यक्षता में चल रहे भव्य प्राणप्रतिष्ठा महा महोत्सव अंतर्गत मंदिर प्रांगण में नित्य शालिग्राम भगवान का सवा लाख अर्चन और 111 ब्राह्मण आचार्यों द्वारा श्रीमद्भागवत का मूल पारायण किया जा रहा है। वहीं सायंकाल श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पीठ पर विराजमान राष्ट्रीय कथाव्यास श्रीमज्जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज ने भक्तजनों को रसास्वादन कराते हुए कहा कि जब कई जन्मों का संचित पुण्य उदित होता है। तब सप्तपूरियों में प्रतिष्ठित श्रीअवधपुरी में भगवान के जीवन चरित्र को सुनने का सौभाग्य मिलता है। इस कलिकाल में श्रीमद्भागवत भक्ति करने का उत्तम साधन है। साथ ही कथा श्रवण करना, प्रभु के नाम का चिंतन-स्मरण और परोपकार की भावना से कार्य करना है। हम सभी का जीवन धन्य है। जो इस भारत भूमि में हम सबने जन्म लिया और मनुष्य के स्वरूप को पाया है। यह वह पावन पवित्र भूमि है, जिसका गुणगान देवगण स्वर्ग लोक में भी करते हैं। अयोध्यापुरी सप्तपुरियों में सर्वश्रेष्ठ है। जिसे सातों पुरियों में मस्तक के समान कहा गया है। अयोध्या मोक्षदायिनी नगरी है। श्रीमद्भागवत कथा से इह लौकिक व पारलौकिक सुखों की प्राप्ति होती है। परमात्मा शरणागत रक्षक है। भगवान ने मां उत्तरा के गर्भ में भागवत के उत्तम श्रोता महाराज परीक्षित की रक्षा किया। इससे पहले नवनिर्मित श्रीसंतगोपाल मंडपम् के जगदुरु रामानुजाचार्य स्वामी कूरेशाचार्य महाराज ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर, दिव्य आरती उतारी। अंत में कथा का प्रसाद वितरित किया गया। साधु संत से लेकर काफी संख्या में भक्तजनों ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर अपना जीवन धन्य बनाया। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान अयोध्या के प्रमुख उघोगपति समाजसेवी आईपी सिंह ने सपरिवार किया।कथा के अवसर पर सुग्रीवकिला पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य, द्वारिकाधीश मंदिर के श्रीमज्जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी सूर्यनारायणाचार्य, श्रीरामकथाकुंज के महंत डॉ. रामानंद दास, जगदुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य, मिथिला बिहारी दास समेत अन्य संत- महंत एवं बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतो के भक्तजन उपस्थित रहे।
: बिना श्रद्धा के कोई राम कथा का आनंद नहीं ले सकता: रामदिनेशाचार्य
Tue, Jul 2, 2024
हरिधाम गोपाल पीठ में भव्य श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ
अयोध्या। श्रद्धा का उदय बहुत ही बिरले लोगों के जीवन में होता है। जिनके जीवन में श्रद्धा नहीं है वह कितना भी बुद्धिमान क्यों न हो राम कथा का आनंद रस ग्रहण नहीं कर सकता। उक्त बातें श्रीराम कथा में जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने कही। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी के श्रीमुख से हरिधाम गोपाल पीठ में आज से भव्य श्रीराम कथा महोत्सव का समारोह पूर्वक शुभारंभ हुआ। व्यासपीठ से कथा का महात्म्य बताते हुए रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी ने कहा कि सतीजी दक्ष पुत्री हैं। वे भगवान शिव से विवाह होने पर भी रामकथा का आनंद नहीं ले पाती हैं। उन्होंने सुना ही नहीं क्योंकि उनके हृदय में श्रद्धा वृत्ति की जगह संशय या भ्रम था। सती जब अगले जन्म में राजा हिमांचल के घर में जन्म लेती हैं तो दीर्घकाल की तपस्या के पश्चात भगवान शिव को पुन: पति के रूप में प्राप्त करती हैं। तब रामकथा की जो अद्भुत रसधारा संसार के समक्ष बहती है, उससे भगवती उमा स्वयं धन्य हुईं संसार के जीव आज भी धन्य हो रहे हैं। स्वामी रामदिनेशाचार्य जी ने कहा कि परमार्थ की प्राप्ति के लिए सनातन धर्म में अनगिनत मार्ग हैं पर प्रमुख रूप से मानस में ज्ञान भक्ति और कर्म की चर्चा की गई है। सभी मार्गों में श्रद्धा की आवश्यकता है। ज्ञान मार्ग की साधना उत्तर कांड में की गई है। उसमें गाय को श्रद्धा का प्रतीक बताया गया है। कथा व्यास का पूजन यजमान ने किया। महोत्सव का संचालन आचार्य रमेश दास शास्त्री व व्यवस्थापक में गौरव दास शास्त्री रहे।
: पीडीए के नायक अखिलेश यादव का संतों ने मनाया जन्म दिवस
Tue, Jul 2, 2024
रामनगरी के संतों ने हवन कुंड में आहुतियां डाल सपा मुखिया अखिलेश को दिया दीर्घायु का आशीर्वाद
अपने नेता के जन्मदिन पर महंत बालयोगी रामदास ने प्रसिद्ध पीठ करतलिया बाबा आश्रम में किया यज्ञ हवन,वृक्षारोपण तो कुष्ठ आश्रम में बाटें फल
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ करतलिया बाबा आश्रम के महंत बालयोगी रामदास सेवा करके बड़े ही सादगी के साथ पीडीए के नायक सपा मुखिया अखिलेश यादव का 51 वां जन्मदिन मनाया। जिसमें रामनगरी के संतो की सेवा भोजन प्रसाद व वृक्षारोपण भी किया गया। रामनगरी के संत हवन कुंड में आहुतियां डाल अखिलेश को दीर्घायु का आशीर्वाद दिये। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का 51वां जन्मदिन पूरे उत्साह के साथ अयोध्या में मना जिसमें सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों हुए। रामनगरी के करतलिया बाबा आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने साधु संत के साथ गरीबों मजलूमों की सेवा की। महंत बालयोगी रामदास कहते है कि हम सभी को अपने नेता पर गर्व है। लोगो की सेवा ही हम समाजवादियों की पहचान है। महंत रामदास ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना ही समाजवाद का प्रयास है। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री सीताराम जी के पूजन अर्चन के साथ शुरु हुई इसके बाद वैदिक आचार्यों ने सपा मुखिया के दीर्घायु के लिए हवन कुंड में आहुतियां डाली। लम्बी उम्र की प्रार्थना करने के बाद पौधरोपण कर किया गया। बालयोगी महंत रामदास जी महाराज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होते हुए अखिलेश यादव जितनी सरलता से आम जनमानस से मिलते हैं कोई नेता इतनी सरलता से उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 1973 को अखिलेश यादव का जन्म हुआ 51 वर्ष के पूरे हुए इस अवसर पर संतो ने शतायु आशीर्वाद दिया।श्री दास ने बताया कि जनता में अखिलेश जी के प्रति उत्साह है 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 37 सीट जीतकर देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। आने वाले समय में कार्यकर्ता पूर्ण मनोयोग से जुड़ कर के 2027 में सपा की सरकार बनेगी। क्योंकि योगी पार्ट 2 की सरकार में जनता उब चुकी है और यह जान गई है कि भाजपा वाले किसी के हित में कार्य करने वाले नहीं हैं। बालयोगी रामदास ने कहा कि बहुत जल्दी संतो की एक टोली बनाकर मंदिर मंदिर समाजवादी विचारधारा को पहुंचाया जाएगा। महंत आनंद दास, महंत विनोद दास, महंत कन्हैया दास, कमल दास, रामतीर्थ दास, सपा प्रवक्ता चौधरी बलराम यादव, अखिलेश पाण्डेय मौजूद रहें।