: अखिल भारतीय जायसवाल समाज मंदिर के महंत श्याम सुन्दर दास हुए नियुक्त
Tue, Aug 29, 2023
स्वर्गीय रामकुमार दास की 53वी पुण्यतिथि धूमधाम से मनाया गया!
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के अखिल भारतीय जायसवाल समाज श्री राम जानकी मंदिर वशिष्ठ कुण्ड टेढ़ी बाजार में स्वर्गीय राम कुमार दास महाराज 53 वी पुण्यतिथि बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाई गई। इस मौके पर अखंड रामायण पाठ हुआ और विशाल भण्डारा का अयोजन हुआ। जिसमें अखिल भारतीय जायसवाल समाज मंदिर के वर्तमान महंत जगन्नाथ दास ने अपने शिष्य श्याम सुन्दर दास को कंठी, चादर, तिलक, लगा कर महंत नियुक्त किया गया।इस मौके पर रामनगरी के संत धर्माचार्यों ने श्याम सुन्दर दास को अखिल भारतीय जायसवाल समाज मंदिर का महंत नियुक्त किया। इस अवसर पर अयोध्या के सन्त महंत और जायसवाल मंदिर के पदाधिकारी जगीलाल जायसवाल, शिव प्रसाद जायसवाल, कपिल देव जायसवाल, शिव बालक जायसवाल, महंत सनत कुमार दास, मौर्या वश मंदिर, राम नरेश दास वेद मंदिर, महंत गणेशानंद दास, महंत राममिलन दास ,मदन लाल जायसवाल, पुन्नी लाल जायसवाल, जगदीश जायसवाल बाल गोविन्द, प्रदीप गुप्ता,आदि लोग शामिल हुए।
: रामलला सदन देवस्थानम में कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया
Tue, Aug 29, 2023
जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है: डा राघवाचार्य
अयोध्या। रामलला सदन देवस्थानम पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा प्रख्यात कथावाचक रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज कर रहे है। कथा के चतुर्थ दिवस स्वामी जी ने प्रभु के वामन अवतार के वृतांत का विस्तार पूर्वक वर्णन भक्तों को करवाया एवं कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया।कथा के चौथे दिन संत साधकों ने महाराज जी के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया। भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत भागवत आरती के साथ की गई।जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है। स्वामी डा राघवाचार्य जी ने कथा प्रसंग का वृतांत सुनाते हुए बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु के दशावतारो में पांचवा अवतार और मानव रूप में अवतार था। जिसमें भगवान विष्णु ने एक वामन के रूप में इंद्र की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लिया। वामन अवतार की कहानी असुर राजा महाबली से प्रारम्भ होती है। महाबली प्रहलाद का पौत्र और विरोचना का पुत्र था। महाबली एक महान शासक था जिसे उसकी प्रजा बहुत स्नेह करती थी। उसके राज्य में प्रजा बहुत खुश और समृद्ध थी। उसको उसके पितामह प्रहलाद और गुरु शुक्राचार्य ने वेदों का ज्ञान दिया था। इसके बाद पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में सभी भक्तों ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर भगवान कृष्ण की बाललीला गोवर्धन पूजा छप्पन भोग का वृतांत सुनाया जाएगा। मंदिर में भगवान का पवित्रोत्सव व झूलनोत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर रामलला सदन देवस्थानम के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।
: रामनगरी का झूलनोत्सव हुआ चटक,बह रही गीत संगीत की त्रिवेणी
Tue, Aug 29, 2023
मंदिर-मंदिर चल रहे झूलन उत्सव का उल्लास सर्वत्र बिखरने लगा
कनक भवन, लक्ष्मणकिला, सियाराम किला, मणिराम दास छावनी, हनुमत निवास,कोसलेश सदन व रामवल्लभाकुंज समेत सौकड़ों मंदिरों में नयनाभिराम झूलन झांकी भास्वर हो उठी
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या का झूलनोत्सव अपने शबाब पर है। सावन झूला महोत्सव में मंदिर-मंदिर चल रहे झूलन उत्सव का उल्लास सर्वत्र बिखरने लगा है। एकादशी से यह उत्सव अपने चरम पर हो गया। श्रीरामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के झूलनोत्सव में रामजन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से प्रतिदिन चिह्नित मंदिरों के संत-महंतों को आमंत्रित कर उन्हीं के सानिध्य में उत्सव मनाया जा रहा है। सायं बेला में आयोजित उत्सव में सांस्कृतिक रसधारा भी प्रवाहमान हो रही है। वहीं कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट की ओर से आम्त्रिरत संतों को अंगवस्त्रत्त्म भेंटकर सम्मानित किया जा रहा है।
प्रत्येक मन्दिरों में नयनाभिराम झूलन झांकी भास्वर हो उठी है। महीने भर के इस श्रृंगार उत्सव में अयोध्या की गली गली , हरभर , जनमन रामरस के रागरंग से लबालब भरने लगा है। इसी श्रृंखला में आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला में झूलनोत्सव का चटक हो गया है। भगवान रसिकेन्द बिहारी जू झूलन पर विराजमान है तो लक्ष्मणकिलाधीश उन्हें झूला रहें। पूरा मंदिर परिसर झूलन के पदों पर झूम रहा है। लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथली रमण शरण के सानिध्य में झूलनोत्सव की महफिल सज रही है। आचार्य पदों का गायन पूरे माहौल को और भी रसभरा कर रहा है। मंदिर के व्यवस्थापक सूर्य प्रकाश शरण पद गायन करने वाले संगीतज्ञों का सम्मान कर रहें है।
इसी तरह से कोशलेस सदन में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभाष्कर के यहां से शीर्षस्थ कलाकारों - गायकों के मुख से रसमयी धारा फूट रही है। मणिरामदास छावनी से कानों में रस घोलती कहरवा की धुन तेरी बांकी झुलनि पर वारी रे झूलन जोर हिया बिच कसकत मानहु हूल कटारी रे। रामवल्लभाकुंज जानकीघाट के स्वर्णजड़ित झूलन पर विराजमान युगल सरकार के सम्मुख मोहक मधुर तान छेड़ते है झूला झूलो मेरी प्यारी चारी जनक दुलारी ना, सुचि सुकुमारी रूप उजारी राजकुमारी ना हनुमत निवास से सरगम को स्वर - संगतियां मनमन्दिर में रसघोल देती है। शास्त्रत्त्ज्ञ आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण भावविभोर होकर कलाकारों का सम्मान करते नजर आते हैं। आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण कहते हैं कि परमात्मा रस से परिपूर्ण है। सावन का झूलन महोत्सव परमात्मा के उसी रस स्वरूप का दर्शन कराता है। वह कहते है कि इस सनातन परम्परा का अवगाहन करने के लिए अयोध्या में जनसमूह उमड़ने लगा है । उमड़ती घुमड़ती घनघमण्ड की सघन घटनाएं परमात्मा के सुखद सम्मोहक रंगरूप को निहारने के लिए लालायित सी लगती हैं।