: अहंकार का सबसे बड़ा शत्रु आनंद: रामानुजाचार्य
Mon, Mar 6, 2023
कहा, श्रीकृष्ण आनंद स्वरूप, कृष्ण के रूप में आनंद ही प्रकट हुआ
अयोध्या। अहंकार का सबसे बड़ा शत्रु आनंद है। जहाँ आनंद और प्रेम है वहां अहंकार टिक नहीं सकता, उसे झुकना ही पड़ता है। समाज में एक बहुत ही उच्च स्थान पर विराजमान व्यक्ति को भी अपने छोटे बच्चे के सामने झुकना पड़ जाता है। जब बच्चा बीमार हो, तो कितना भी मजबूत व्यक्ति हो, वह थोडा असहाय महसूस करने ही लगता है। प्रेम, सादगी और आनंद के साथ सामना होने पर अहंकार स्वतः ही आसानी से ओझल होने लगता है । श्री कृष्ण आनंद के प्रतीक हैं, सादगी के सार हैं और प्रेम के स्रोत हैं।उक्त बातें सरायराशी पूराबाजार में आयोजित भागवत कथा के पंचम दिवस जगद्गुरू रामानुजाचार्य रत्नेश जी महाराज ने कही।
उन्होंने कहा कि कंस के द्वारा देवकी और वासुदेव को कारावास में डालना इस बात का सूचक है कि जब अहंकार बढ जाता है तब शरीर एक जेल की तरह हो जाता है। जब श्री कृष्ण का जन्म हुआ था, जेल के पहरेदार सो गये थे। यहां पहरेदार वह इन्द्रियां है जो अहंकार की रक्षा कर रही हैं क्योंकि जब वह जागता है तो बहिर्मुखी हो जाता है। जब यह इन्द्रियां अंतर्मुखी होती हैं तब हमारे भीतर आंतरिक आनंद का उदय होता है। जगद्गुरू जी ने कहा कि समाज में पहले से लेकर आखिरी व्यक्ति का खयाल करके उसके उत्थान के लिए भिन्न-भिन्न आयामों का आविष्कार और स्वीकार करते हुए व्यक्ति की आवश्यकताएँ व महत्ता को समझ के उसका विकास करनेवाला जो परात्पर ब्रह्म हर जगह मौजूद है।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन कथा यजमान रामजीत सिंह आयोजक चंद्रभूषण सिंह,ज़िला पंचायत अध्यक्ष आलोक कुमार रोहित,पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य अंकुर सिंह ने किया।
: बड़ा भक्त माल आश्रम में संतो ने खेली फूलों की होली
Sun, Mar 5, 2023
रामनगरी संतों का अभिनन्दन बड़ा भक्त माल आश्रम के महंत अवधेश कुमार दास व नागा रामलखन दास ने किया
अयोध्या। रामनगरी की होली भगवान श्रीराम की दिव्य होली के रुप में धूमधाम से मनाया जा रहा है। भगवान राम की नगरी अयोध्या में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी से होली के उत्सव का धमाकेदार आगाज हुआ। अयोध्या में होली के कई रंग दिखते है। साधु संतो की माने तो इस दिन वह किसी और के साथ नहीं बल्कि साक्षात् भगवान् राम के साथ ही होली खेलते है। रामनगरी के बड़ा भक्त माल मंदिर में संतों ने फूलो की होली खेली।
बड़ा भक्त माल आश्रम के लोकप्रिय महंत अवधेश कुमार दास जी महाराज के संयोजन में संत धर्माचार्यों ने फूलों की होली खेली। भगवान के ऊपर भी रंग बिरंगे फूलों की वर्षा किया गया।
महंत अवधेश कुमार दास जी महाराज ने बताया कि रंगभरी एकादशी से होली का उत्सव शुरु हो जाता हैै। इस दिन से होली पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाना चाहिए आज से अयोध्या में होली का उत्सव प्रारंभ हो गया। जबरदस्त होली मनाई जा रही है। पूरे विश्व के हिंदूू जनमानस से कामना करेंगे की होली भव्य और दिव्य मनाए। जल्दी ही भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। इस मौके पर दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, महंत जनार्दन दास, महंत वैदेही बल्लभ शरण, महंत सुरेश दास, महंत शशिकांत दास, महंत लड्डू दास, मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास, नागा रामलखन दास सहित बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।
: धनवान वही जो तन,मन,धन से करे सेवा: आचार्य धरणीधर
Sun, Mar 5, 2023
श्री कृष्ण जन्म कथा का आनंद लेते गुरु वशिष्ठ गुरुकुल के बटुक
अयोध्या। बेनीगंज फेस तीन में अष्टभुजी माता मन्दिर के प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आए प्रख्यात कथा प्रवक्ता आचार्य धरणीधर जी महाराज ने कहा अपने तन, मन, धन से सेवा भक्ति करे, वही आज के समय में धनवान व्यक्ति है। परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम से ही संभव हो सकती है।पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि पूतना राक्षसी ने बालकृष्ण को उठा कर स्तनपान कराने लगी। श्रीकृष्ण ने स्तनपान करते-करते ही पूतना का वध कर उसका कल्याण किया। इसके बाद माता यशोदा जब भगवान श्रीकृष्ण को पूतना के वक्षस्थल से उठाकर घर लाती है, तो पंचगव्य गाय के गोबर व गोमूत्र से भगवान को स्नान कराती है। इसलिए सभी को गौ माता की सेवा, मां गायत्री का जाप व गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। गाय की सेवा मात्र से ही सभी देवी देवताओं की सेवा हो जाती है। आचार्य धरणीधर जी ने कहा ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गिर्राजजी की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र ने कुपित होकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश की। तब श्रीकृष्ण भगवान ने गिर्राज को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का मान मर्दन किया। तब इंद्र को भगवान की सत्ता का अहसास हुआ और इंद्र ने भगवान से क्षमायाचना करते हुए कहा कि हे प्रभु मैं भूल गया था कि मेरे पास जो कुछ भी है वो सब कुछ आप का ही दिया है। इस दौरान गौवर्धन भगवान की झांकी ने सभी को अभिभूत कर दिया। कथा के आयोजक व यजमान प्रेमसागर बाहेती सहित श्रद्धालुओं ने गौवर्धन भगवान की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर मुख्य यजमान हरीराम पाण्डेय, हरी प्रसाद पाण्डेय, अयोध्या प्रसाद पाण्डेय,कालिका मिश्र,डा.दिलीप सिंह,आजाद सिंह, राम जग पाठक,भास्कर मिश्र,के एन सिंह,अटल त्रिपाठी, छट्ठू पाण्डेय, शिवकुमार सिंह,अमन विक्रम सिंह, अनिल सिंह मौजूद रहें।