: महंत रामशरण दास को संतों ने किया नमन
Sun, Feb 19, 2023
गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के सानिध्य में मनाया गया त्रयोदशी संस्कार, हुआ विशाल भंडारा
हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास व युवा नागा साधु मामा दास ने संतों का किया परम्परागत तरीके से स्वागत
अयोध्या। रामनगरी के प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के काका गुरु श्री खाकी बाबा संस्थान राम जानकी मंदिर अचलपुर अमरावती के महंत रामशरण दास का त्रयोदशी संस्कार आज हनुमानगढ़ी के इमली बगिया में बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। जिसमें रामनगरी के सभी संतो महंतों ने महंत रामशरण दास महाराज को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के पावन सानिध्य में श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन वृहद भंडारे के साथ हुआ। आये हुए अतिथियों का स्वागत गद्दी नशीन जी के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास व युवा नागा साधु मामा दास ने परम्परागत तरीके से किया।
महंत डा महेश दास महाराज ने बताया कि महंत रामशरण दास जी महाराज गद्दी नशीन जी महाराज के काका गुरु थे, उनका 110 वर्ष की आयु में 7 फरवरी को साकेतवास हो गया था। इसी के उपलक्ष्य में आज इमली बगिया में श्रद्धांजलि सभा व बड़े पैमाने पर विशाल भंडारा का आयोजन किया गया जिसमें रामनगरी के सभी संत महंत शामिल हुए। इस मौके पर निर्वाणी अनी अखाड़ा श्री महंत मुरली दास, पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास,महंत रामचरन दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास, महंत रामशंकर दास, महंत सत्यदेव दास, महंत अवधकिशोर शरण, महंत राजेंद्र दास, महंत इन्द्र देव दास, संरपच महंत रामकुमार दास, महंत विमल दास, महंत राम करन दास, कृष्ण कुमार दास, पुजारी रमेश दास, संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष पुजारी हेमंत दास, आनंद दास, राजू दास, कल्लू दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहें।
: शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का लगा तांता
Sun, Feb 19, 2023
जानकी घाट बड़ा स्थान में भगवान भोलेनाथ का विधिवत अभिषेक कर पूजन किया रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण महाराज ने
सरयू नदी में स्नान व जलाभिषेक के साथ श्रद्धालुओं ने किया पूजन अर्चन
मां सरयू के पावन तट पर करतलिया बाबा आश्रम के बाबा भुनेश्वर नाथ मंदिर में लगा शिव भक्तों का जमावड़ा
अयोध्या।रामनगरी अयोध्या में महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी शिव मंदिरों में महादेव के जलाभिषेक के लिए प्रातः से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नयाघाट, राम की पैड़ी व गुप्तारघाट में मां सरयू के पवित्र जल में स्नान किया। इसके बाद शिवालयों में जाकर भोलेनाथ को जलाभिषेक किया। महाशिवरात्रि पर्व पर नागेश्वर नाथ व क्षीरेश्वरनाथ मंदिर शिव मंदिर पर प्रातः से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। लोगों ने भक्तिभाव से जलाभिषेक किया। दर्शन पूजन के साथ व्रत रखा। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अधिक भीड़ भाड़ वाले मंदिरों पर पुलिस की व्यवस्था रही। वहीं देर शाम नगर के प्रमुख शिव मंदिरों से शिव बारात का आयोजन किया गया।
रामनगरी अयोध्या के जानकी घाट बड़ा स्थान में रसिक पीठाधीश्वर श्रीमहंत जन्मेजय शरण जी महाराज ने भगवान भोलेनाथ का विधिवत पूजन कर अभिषेक किया। पूरे मंदिर में उत्सव जैसा माहौल रहा।
: उत्सव महोत्सव जीवन में भक्ति मार्ग को बढ़ाता है: विश्वेश प्रपन्नाचार्य
Sat, Feb 18, 2023
सुग्रीव किला के संस्थापक आचार्य रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य जी चौथी पुण्यतिथि पर भगवान राजराजेश्वर सरकार का 36 वां ब्रह्मोत्सव व वैकुंठ उत्सव का छाया उल्लास
अयोध्या। राम मंदिर आन्दोलन का मुख्य केंद्र रहा श्री सुग्रीव किला के संस्थापक आचार्य रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य जी महाराज का वैकुण्ठाेत्सव बड़े ही हावभाव के साथ मनाया जा रहा है।
प्राचीन ऐतिहासिक दिव्य देश सिद्धपीठ श्री सुग्रीवकिला में जगद्गुरु पुरुषोत्तमाचार्य महाराज जी की के चौथी पुण्यतिथि पर भगवान राजराजेश्वर सरकार का 36 वां ब्रह्मोत्सव व वैकुंठ उत्सव पर भव्य शोभायात्रा गाजेबाजे के मंदिर से निकली। मंदिर में पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज के श्री मुख से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा हो रही है।
सुग्रीवकिला पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने ने बताया कि उत्सव महोत्सव जीवन में भक्ति मार्ग को बढ़ाता है इसीलिए सनातन परंपरा में निरंतर उत्सव की परंपरा बनाई गई है जिससे लोगों के जीवन में उल्लास बना रहे और मनुष्य ठाकुर जी के चरणों में अपने जीवन को समर्पित रखें।ऐतिहासिक दिव्य इस वैकुण्ठाेत्सव का संयोजन जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज व देखरेख मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य जी ने किया।