: रामचरितमानस है अद्भुत सर्वकालिक ग्रंथ: राघव चरण अनुरागी
Thu, Feb 9, 2023
ईश्वर कृपा प्राप्त महान कवि तुलसीदास जी,ने बहुत पहले ही बता दिया था कलयुग की कुरीतियों को
सोहावल अयोध्या
खंडासा थाना क्षेत्र के मोहली गांव स्थित संत भीखा दास की कुटी पर आयोजित अमर राम कथा की शुरुआत करने से पहले मानस मर्मज्ञ राघव चरण अनुरागी हरिओम तिवारी नेआज वहां उपस्थित सभी श्रोताओं को श्री रामचरितमानस की प्रतियां उपलब्ध कराएं तथा इसे प्रतिदिन पढ़ने के लिए श्रद्धालुओं से अनुग्रह किया। कथा व्यास हरिओम तिवारी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस गृहस्थ संतो विद्वानों तथा आम जनमानस को सामाजिक व्यवहार के प्रति जागरूक करता है उन्होंने बताया परिवार में माता का पिता से पिता का पुत्र से पुत्र का भाई से भाई का बहन से कैसे संबंध रखना चाहिए इसका विस्तृत रूप से वर्णन है तथा आम जनमानस यदि रामचरितमानस के दिखाए गए रास्तों पर चलना शुरू कर दे तो जीवन व समाज में किसी तरह की समस्या ही नहीं रह जाएगी i उन्होंने बताया मनुष्य यदि चाहे तो अपने आचार विचार व व्यवहार से अपने दोस्तों दुश्मनों के साथ ही देवताओं को भी अपने बस में कर सकता है उन्होंने बताया की संयमित व्यक्ति वास्तव में बहादुर होता है और संयम लाने के लिए उत्कृष्ट व्यवहार का आदान-प्रदान होना जरूरी है i श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया समाज में कोई व्यक्ति छोटा बड़ा नहीं होता, कपि श्रेष्ठ हनुमान जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम का केवल दास धर्म का पालन करके दुनिया में महाबली के नाम से प्रचलित हो गए भगवान राम के छोटे भाई महाराज भारत ने भाई के वियोग में राजपाट छोड़कर 14 वर्ष तपस्वी बनकर जीवन का निर्वहन करके अजर अमर बन गए i ज्ञातव्य हो की कथा व्यास हरिओम तिवारी की हृदयस्पर्शी सरल भाषा में कथा सुनने के लिए अड़ोस पड़ोस के दर्जनों गांवों के लोग प्रतिदिन इकट्ठे हो रहे हैं।
: ब्राह्मण सम्मेलन में जुटी भीड़ से गदगद दिखे जितिन प्रसाद
Thu, Feb 9, 2023
जिला पंचायत संदस्य अंकित पाण्डेय ने लोक निर्माण मंत्री का किया जोरदार स्वागत
अयोध्या। भरतकुंड मे आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में जुटी भीड़ व स्वागत समारोह से लोक निर्माण मंत्री गदगद दिखे।बुधवार को रामनगरी आए सूबे के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद भरतकुंड राम जानकी मंदिर पर आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में सम्मिलित हुए। सम्मेलन की जिम्मेदारी समाजसेवी राजन पांडेय के सुपुत्र जिला पंचायत सदस्य अंकित पांडे को दी गई थी। अंकित पांडे ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य सिक्कू तिवारी के साथ लोक निर्माण मंत्री का स्वागत किया लोक निर्माण मंत्री स्वागत से काफी खुश दिखे और उन्होंने अंकित पांडेय की पीठ थपथपाते हुए समाजसेवा के क्षेत्र में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहां उपस्थित ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोगों से जितिन प्रसाद ने स्वयं वार्ता करते हुए उनकी समस्याओं को सुनकर तथा उसके निवारण के लिए अधिकारियों को त्वरित आदेश दिया। समाजसेवी राजन पांडेय द्वारा वहां आए हजारों लोगों के लिए जलपान की बेहतरीन व्यवस्था की गई थी जिसमे सम्मिलित होकर जितिन प्रसाद ने सभी लोगों के साथ बैठकर खिचड़ी भोज का लुफ्त उठाया तथा पुनः आने का वादा भी किया लोक निर्माण मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा की भाजपा के प्रमुख सूची में अयोध्या का नाम है इसलिए अयोध्या का विकास बहुत तेजी से किया जा रहा है। जितिन प्रसाद जी ने वहा उपस्थित सभी लोगो से एकजुट रहते हुए एक दूसरे के दुख सुख मे शामिल होने की भी अपील की। ब्राह्मण चेतना परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अशोक पांडे एवं प्रदेश अध्यक्ष विश्वजीत अवस्थी के कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ।
: शालिग्राम शिला नही बल्कि देव शिला है इससे भगवान रामलला की मूर्ति बन सकती: परमहंस
Thu, Feb 9, 2023
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने किया दावा, दिव्य तेजस्वी संत सूर्यवंश का कुल गुरू महर्षि वशिष्ठ साक्षात प्रगट होकर दिये आदेश
अयाेध्या। आचार्य पीठ तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरू परमहंस आचार्य ने कहा कि नेपाल के जनकपुर धाम से आई शिला शालिग्राम की नही बल्कि देव शिला है। ऐसा उन्हें सूर्यवंश के कुल गुरू महर्षि वशिष्ठ ने साक्षात प्रगट हाेकर बताया है। इस शिला से भगवान श्रीरामलला सरकार की मूर्ति बन सकती है। अपने आश्रम पर गुरूवार को मीडिया से मुखातिब हाेते हुए परमहंसाचार्य ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की मूर्ति बनने के लिए दाे शिलाएं नेपाल के जनकपुर धाम की काली गंडकी नदी से अयोध्या लाई गई थी, जिससे भगवान रामलला की मूर्ति बनाकर भव्य श्रीराममंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाना है। लेकिन जब मुझे पता चला कि यह शिलाएं शालिग्राम शिला है। ताे इस पर मैंने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। कहा था कि यदि शालिग्राम शिला पर छीनी-हथाैड़ी चली। ताे महाविनाश हाे जायेगा। क्याेंकि शालिग्राम स्वयं भगवान विष्णु हैं। इसलिए शालिग्राम शिला पर छीनी-हथाैड़ी चलाना महाविनाश काे दावत देना है। इस शिला से भगवान की मूर्ति नही बन सकती है। इसे इसी रूप में पूजा जाए ताे अच्छा हाेगा। उन्होंने कहा जब से मैंने शालिग्राम शिला पर बयान दिया है। तब से प्रतिदिन भाेर में लगभग तीन बजे बजरंगबली मुझे स्वप्न में दर्शन दे रहे हैं। वह कह रहे हैं कि यह शालिग्राम की शिला नही बल्कि देव शिला है। इससे भगवान रामलला की मूर्ति बन सकती है। लेकिन मैंने स्वप्न की बात काे नजर अंदाज किया। उस पर काेई ध्यान नही दिया। किंतु गुरूवार को सुबह पांच बजे एक दिव्य तेजस्वी संत मेरे कमरे में साक्षात प्रगट हुए। उन्होंने अपना दर्शन देते हुए कहा मैं सूर्यवंश का कुल गुरू महर्षि वशिष्ठ हूं। मैंने तुरंत उन्हें प्रणाम किया। उन्होंने मुझसे कहा यह शालिग्राम शिला नही है। यह देव शिला है इससे श्रीरामलला की मूर्ति बनाई जा सकती है। परमहंस आचार्य ने कहा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस शिला से भगवान श्रीरामलला की मूर्ति बनवा सकता है। मैं देश के सभी भक्ताें से कहना चाहता हूं कि यह शालिग्राम शिला नही, बल्कि देव शिला है। जाे छ: कराेड़ वर्ष पुरानी व पूजित शिला है।