: ‘आदिपुरुष’ के खिलाफ जगद्गुरू परमहंसाचार्य ने दी तहरीर
Mon, Oct 17, 2022
आदिपुरुष फिल्म के खिलाफ रामनगरी के संतों का गुस्सा थमने का नाम नही ले रहा
अयोध्या। आदिपुरुष फिल्म के खिलाफ रामनगरी में संतों का गुस्सा थमने का नाम नही ले रहा है। फिल्म के विरोध में रविवार को जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने अयोध्या कोतवाली में एक तहरीर दी है।
तहरीर में फिल्म के निर्माता, निर्देशक, अभिनेता, अभिनेत्री एवं सेंसर बोर्ड पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। तपस्वी छावनी के जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने दिए गए तहरीर में कहा है कि सनातन धर्म को इतना सस्ता समझ लिया गया है जो देखो वह हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ा रहा है। यदि आदिपुरुष फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया। तो इसके भयावह परिणाम होंगे। अयोध्या कोतवाली के एसएचओ मनोज शर्मा ने बताया कि उन्हें परमहंसाचार्य की तरफ से तहरीर मिली है। वह जांच-पड़ताल कर आगे की कार्रवाई करेंगे।
: शिद्दत से शिरोधार्य हुए प्रेमावतार पंचरसाचार्य श्री स्वामी राम हर्षण दास
Sat, Oct 15, 2022
108 कुण्डीय श्री राममन्त्र महायज्ञ महोत्सव की रजत जयंती पर लाखों शिष्य परिकरों ने आचार्य श्री को किया याद, समर्पित भाव से किया सेवा
मैथिल सख्यपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज ने अद्वितीय राम भक्तों के महाकुंभ का किया सफल आयोजन, रामनगरी के संतो ने महोत्सव को खूब सराहा
अयोध्या। मैथिल सख्यपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज चारुशीला आश्रम जानकीघाट अयोध्या के सानिध्य मे चल रहे 108 कुण्डीय श्री राममन्त्र महायज्ञ महोत्सव का भव्य समापन हो गया। यह महोत्सव रजत जयंती के रुप में मनाया गया जिसमें पूरे भारत से संत धर्माचार्यों ने अपने वाणी से आचार्य श्री को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके कीर्ति व व्यक्तित्व को सराहा।
स्वामी जी महाराज का जन्म 25 मई 1917 को विंध्यक्षेत्र वर्तमान सतना जिला प्रदेश के पोंड़ी कला नामक ग्राम मे ऊर्ध्वपुण्य तिलक के साथ हुआ। मस्तक पर तिलक की स्पष्ट रेखाओं के कारण आपका नाम तिलकधारी पड़ गया। आपके माता- पिता दोनों रामभक्त थे। पूज्य पिता जी का नाम पं० रामजीवन शरण त्रिपाठी एवं माता जी का नाम रानी जी था। आपश्री की डेढ़ वर्ष की अवस्था में पिता जी श्री जगन्नाथ पुरी दर्शनार्थ गए। वहीं उनका महाप्रयाण हो गया। अतः आपका लालन पालन माता जी के द्वारा हुआ। आप गौरांग वर्ण अति कुशाग्र बुद्धि के छात्र थे। बचपन में आप को श्री राम जी का स्वरूप बनने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ जिससे सन्त समाज मे आप ख्याति श्री राम जी के नाम से हुई।
अध्ययनोपरान्त आप अध्यापनकार्य करने लगे। जिसके कारण गृह जीवनकाल मे आप पण्डित जी के नाम विख्यात रहे।
आपकी माता जी श्री किशोरी जी को अपनी बेटी के रूप में मानती थी। सन 1933 से आपके साथ धूमधाम के साथ श्री सीताराम विवाहोत्सव मनाने लगी। जो अभी भी आप श्री की जन्मभूमि पूरी धाम में द्वितीय से सप्तमी तक मनाया जाता है। जिसमें देश के कोने-कोने से लोग पधारते हैं।
आप बाल्यकाल से ही भगवान के भक्त थे। सदैव घर में संतों का आना-जाना बना रहता था। एक दिन भजनानंदी संत श्री बन्टी दास जी महाराज आपके घर आकर बोले पंडित जी आप पढ़ाना छोड़ दीजिए। आप ने कहा महाराज जी! घर में श्री सीताराम विवाहोत्सव समैया का आयोजन होता है।अध्यापन कार्य से जो कुछ पैसा मिल जाता है उससे संतों की सेवा होती है। फिर अध्यापन कार्य करना तो धर्म का ही कार्य है। बंटी दास महाराज जी ने कहा आपको इससे बड़ा काम करना है। संसार में आप केवल इतनी कार्य के लिए ही नहीं आए।
संत आज्ञा मानकर आप विद्यालय जाकर त्यागपत्र दे दिए।
इसके बाद श्रीमद्भागवत, वाल्मीकीय रामायण जी कथा उपदेश से जनकल्याण करने लगे। गृह जीवन में ही आप के अनेक शिष्य प्रशिष्य हो चुके थे। इसी बीच खजुहा धाम का स्थान प्राप्त हुआ।
एक दिन दिव्य स्वप्न दर्शन के बाद भगवान के दर्शन की त्वरा मे श्रीअयोध्या धाम आए। श्री कनक भवन दर्शन करने जाते समय मार्ग में ही एक विशालकाय वानर आकर आपकी वस्त्रों को उतार कर वृक्षारूढ़ हो गया। आप श्री को पहचानने में देर नहीं लगी कृपाल प्रार्थना करने लगे आप मेरे वही ईस्ट श्री हनुमान जी महाराज है , तो कृपा कर वस्त्रों को प्रदान कर दें।यदि आप वस्त्र प्रदान कर देंगे तो मैं समझ जाऊँगा कि आप संत वेश में देखना चाहते हैं।
प्रार्थना करते ही वानर भगवान तत्काल उसी समय सुरक्षित वस्त्र लौटा दिए। मंदिर से श्री राम कुंज रामघाट वापस आकर पंडित अखिलेश्वर दास जी महाराज के श्री चरणों मे विरक्त दीक्षा हेतु निवेदन किए। इस प्रकार भगवदिच्छा मानकर सन 1954 की अक्षय नवमी को विरक्त दीक्षा प्राप्त हुई। कई बार दर्शन देकर श्री किशोरी जी द्वारा अग्रज भाव की पुष्टि की गई। श्री राम मंत्र जप , भजन ,अनुष्ठान का क्रम अनवरत चलता रहा। श्री खजुहा धाम मे विलक्षण प्रेम समाधि हुई। जिसमें चारों ओर श्री श्री सीताराम जी महाराज का दर्शन होता था।
श्री मार्कण्डेय आश्रम में प्रेम यज्ञ के बाद मैथिल सख्य रस से परिपूर्ण श्री प्रेमरामायण नामक महाकाव्य की रचना हुई। समय क्रम से सरकार श्री द्वारा तैतिस कोटि देव जैसे तैतिस ग्रन्थों की रचना की गई।
श्री अयोध्या धाम के अतिरिक्त देश की अन्य कई स्थानों पर आपश्री के द्वारा मंदिर स्थापित हैं। जहाँ विधिवत भगवान का पूजन होता है। आप श्री के मना करने के बाद भी अयोध्या धाम के आचार्य कृपाशंकर जी जैसे विशिष्ट संत भक्तों द्वारा देवर्षि शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया था। नित्य जप के अतिरिक्त स्वामी राम हर्षण दास जी के द्वारा सविधि अनुष्ठान पूर्वक तेरह करोड़ श्रीराम मन्त्र जी का जप किया गया था। जिसकी दशांश आहुतियों हेतु सन 1997 मे 800 कुंटल हवन सामग्रियों से विशालतम श्री राम मंत्र महायज्ञ का आयोजन किया गया था। उसी राम मंत्र महायज्ञ की रजत जयंती का महा महोत्सव जगतगुरु वल्लभाचार्य जी की पावन सानिध्य में नव दिवसीय कार्यक्रम के रूप में चला। स्वामी जी के शिष्य डॉ0 भारत प्रसाद मिश्र मिथिला विहारी दास श्री पोंड़ी धाम के द्धारा रचित ग्रंथ का विमोचन भी हुआ। व्यवस्था के तौर पर रीवा के महंत उद्धव दास व चारुशिला मंदिर के संत हरिकेश्वर दास लगें रहें।
: सरयू नदी की बाढ़ विभीषिका का तांडव, पीड़ित रो रहे अपनी दुश्वारी का रोना
Thu, Oct 13, 2022
गोंडा के ब्योंदा और दत्तनगर के सौ से ज्यादा लोग किये गये रेसक्यू, सोहावल गोंडा मार्ग हुआ नदी में विलीन
पेट्रोल के लिए ग्रामीणों से चंदा लगाकर रौनाही पुलिस ढेमवा में चलवा रही जल पुलिस की मोटर बोट
पचासों पशु बह गए बचे 60 पशुओं को निकालने के लिए पीड़ितों ने स्वयं 60 हजार पर गुप्तार घाट से मंगाई निजी नाव
सोहावल-अयोध्या। उफनाई सरयू की बाढ़ विभीषिका का तांडव जारी है। शहर का गुप्तार घाट सहित कई घाट पानी मे डूबा हुआ है तराई के गांव पानी से घिर कर टापू बने बैठे है। पशुओं का चारा और परिवारों के आवास भोजन तक की ब्यवस्था प्रशासन नही कर पा रहा है। शहरी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर लंच पैकेट बांट कर अधिकारियों ने अपना दायित्व पूरा समझ लिया तो ग्रामीण क्षेत्र के पीड़ितों को झांकने तक कोई नही गया। सोहावल में रौनाही पुलिस के सिवा कोई नही दिखा जो बुधवार को पीड़ितों व ग्रामीणों से ही चंदा इकट्ठा कर जल पुलिस की मोटर बोट चलवा कर पीड़ितों का रिस्कयू रेसक्यू कराती रही। कुछ समय के लिए नायब व उप-जिला अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्राम प्रधान मंगलसी प्रतिनिधि रामचेत यादव व रौनाही प्रधान प्रतिनिधि खुर्शीद खां,प्रधानाचार्य ज्ञान स्वरूप सिंह के जिम्मे प्राइमरी स्कूल में ठहराये गये सैकड़ो लोगों के भोजन आवास की ब्यवस्था करायी और जिम्मेदारी पूरी कर ली। बाढ़ और राहत कोष से धेला भी खर्च नहीं किया सब सरकार का बचा लिया स वृहस्पतिवार को यह रेस्क्यू अभियान और भी दुर्गति को पहुँचा दिखाई पड़ा स फंसे पीड़ित परिवारों के लोग स्वयं हजारो रुपया खर्च कर अपने परिजनों का रेशक्यू कराते रहे। पीड़ित गांव के निवासी ग्रामीण लल्ला पंचम बाल मुकुन्द बलिराम पचई आदि ने बताया कि 60 पशुओं को बाहर रेस्क्यू कराने के लिए गुप्तार घाट से 60 हजार नकद पर मोटर बोट मंगायी है स आधे जानवर आ चुके है स शेष आ रहे है। पशुओं को भूखे मरना इनकी नियति बनती जा रही है स शासन की तरफ से न अयोध्या न ही गोंडा का कोई नेता समाज सेवी अधिकारी झांकने आया है। सभी पीड़ित राम भरोसे है अपने कर्म कमाही का रोना रो रहे है। सोहावल के ढेमवा घाट से नबाबगंज गोंडा की सड़क नदी में विलीन होने से आवागमन पूरी तरह ठप है पुलिस पहरा दे रही है। उप-जिला अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्र में कई गांव में जल भराव था स इसे निकलवाया गया राजस्व कर्मी गांव में कैम्प कर हालात का जायजा ले रहे है। गोंडा के रेस्क्यू किये जा रहे पीड़ितों को प्राथमिक विद्यालयो में शरण दिया गया है स ग्राम सभाओं से भोजन आदि दिया जा रहा है।