: पंचरसाचार्य की रजत जयंती समारोह का हुआ भव्य शुभारंभ
Tue, Oct 11, 2022
भगवान इन्द्रदेव भी न रोक पाये स्वामी रामहर्षण दास के समर्पित शिष्यों की आस्था को
भारी बारिश के बीच हजारों महिलाएं सिर पर कलश धारक कर निकली यात्रा में
अयोध्या।पंचरसाचार्य स्वामी रामहर्षण दास महाराज की ओर से संस्थापित मंत्रार्थ मंडपम् में शुरु हुए श्रीरामनाम षडाक्षर मंत्रराज जप अनुष्ठान के रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 51 कुण्डीय श्रीरामनाम महायज्ञ के दूसरे दिन यज्ञकुंड में अरणि मंथन द्वारा अग्नि देव का प्राकट्य हुआ और आहूतियां डाली जाने लगीं।
इसके पहले भारी बारिश के बीच हाथी-घोड़ा व बैंडबाजा के साथ कलशयात्रा निकाली गयी। रामहर्षण कुंज के महंत अयोध्या दास ने बताया कि 11 अक्तूबर से प्रसिद्ध कथावाचक पं. श्यामसुंदर पाराशर श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे। कार्यक्रम की व्यवस्था में संत राघवदास जी लगे रहें।
: हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मोहम्मद साहब का जन्मदिन
Sun, Oct 9, 2022
शान शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी,जगह-जगह पर आयोजित हुए लंगर-ए-रसूल
सर्व धर्म समभाव सेवा समिति के तत्वाधान में हुआ नातिया मुकाबला, शामिल हुए 1 दर्जन से अधिक अंजुमन,दिया गया इनाम
प्रबंधक समाजसेवी मोहम्मद इरफान उर्फ नन्हे मियाँ ने सभी का पुष्प वर्षा कर किया स्वागत
अयोध्या। अल्लाह के आखिरी नबी हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर आयोजित जश्न ईद मीलादुन्नबी के मौके पर रविवार को शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी अपनी परम्परागत अंदाज शान के साथ निकाला गया। जामा मस्जिद टाटशाह से निकाला गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व जुलूस -ए-मोहम्मदी सुबह 8 बजे से ही जामा मस्जिद टाटशाह के पेश इमाम हज़रत मौलाना शमशुल कादरी साहब की सरपरस्ती में जुलूस -ए- मोहम्मदी का जुलूस सुभाषनगर से बड़ी ही शानों - शौकत के साथ गुलिस्ता साल की तरह इस साल भी निकाला गया । जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
रामनगरी अयोध्या में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकलने वाला जुलूस ए मोहम्मदी शनिवार को बड़े ही धूमधाम और अकीदत के साथ निकाला गया। अशर्फी भवन चौराहे पर सर्व धर्म समभाव सेवा समिति के तत्वाधान में नातिया मुकाबला का आयोजन किया गया। इसमें शामिल 1 दर्जन से अधिक अंजुमन को इनाम देकर उनका प्रोत्साहन किया गया। इस मौके पर समिति के प्रबंधक समाजसेवी मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मियाँ, मोहम्मद इमरान अंसारी व सुल्तान अंसारी ने सभी का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। समाज सेवी मो इरफान नन्हे मियाँ ने बताया कि हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल है अयोध्या। अयोध्या मे हिन्दू मुस्लिम दोनो धर्म के लोगो ने मिलकर जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाया।
: ईद मिलादुन्नबी को झंडों और जुलूस तक सीमित मत रखिए: सुल्तान अंसारी
Sun, Oct 9, 2022
दुनिया बदल रही है अब मुसलमानों को भी अपने को बदलना चाहिए है।रामनगरी अयोध्या के समाजसेवी फिल्म प्रड्यूसर सुल्तान अंसारी ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए अपने समाज को तरक्की की ओर आगे बढ़ने की नसीहत देते हुए कहते है कि आलम-ए-इसानियत के पैगम्बर.. शांति और सद्भावना के पैरोकार पैगंबर मुहम्मद की यौम-ए-पैदाइश मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार है।
इस त्योहार के पारंपरिक रंगों में बड़े-बड़े पराठे.. रंगीन हलवा.. झंडे और जुलूस…. ये क्या??? ये ही काफी नहीं है।
जदीद दौर के कुछ तकाज़े होते है। डिबेट होती। डोनेशन के कार्यक्रम होते। मुसलमान अपने गैर मुस्लिम भाइयों के साथ अपने रसूल के अस्ल पैगाम को साझा करते। विज्ञान, शिक्षा, त्याग, शांति, सद्भावना, महिलाओं के सम्मान, मुल्कपरस्ती पर रसूल की हदीसों से दुनिया को वाकिफ किया जाता। इस्लाम शांति के लिए है विध्वंस के लिए नहीं। जेहाद और पर्दा जनकल्याणकारी और डिफेंसिव है। इन बातों की व्याख्या होती तो लगता कि मुसलमान भी वक्त और जरूरत के हिसाब से बदल रहा है।