: बारह रबी-उल-अव्वल पर शनिवार को रामनगरी में निकलेगा जुलूस
Fri, Oct 7, 2022
सर्वधर्म समभाव समिति के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान अंसारी के नेतृत्व में बारह रबी-उल-अव्वल जुलूस का होगा जगह-जगह स्वागत, होगी पुष्प वर्षा
समाजसेवी मोहम्मद इमरान व सुल्तान अंसारी ने कहा धूमधाम से मनाया जाता है ईद मिलाद-उन-नबी का पर्व
अयोध्या। बारह रबी-उल-अव्वल यानी पैगम्बर मोहम्मद की इस दुनिया में आमद का दिन इस वर्ष 9 अक्टूबर को पूरे देश में मनाया जाएगा। इस दिन देशभर में मुसलमान बड़े पैमाने पर जलसे, मिलाद व जुलूस निकालते है। रामनगरी अयोध्या में दो दिन जुलूस निकलती है। कल यानी 8 अक्टूबर शनिवार को रामनगरी में धूमधाम से जुलूस निकलेगी तो वही अयोध्या जिले मतलब पुराने फैजाबाद में ये जुलूस रविवार 9 अक्टूबर को निकला जायेगा।
भारत के सभी मुसलमान काफी जोर-शोर और पूरे एहतराम के साथ यह त्योहार मनाते हैं। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार तीसरे महीने मिलाद उन-नबी की शुरुआत हो जाती है, इसके 12वें दिन यह त्योहार मनाया जाता है। इस पर्व को ईद-ए-मिलाद या बारावफात के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें 12 रबी-उल-अव्वल की तारीख में होने वाला यह त्योहार मुस्लिम समुदाय के लिए काफी ज्यादा महत्व रखने वाला है।
रामनगरी अयोध्या में गंगा जमुनी तहजीब के पैरोकार समाजसेवी मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया इस जुलूस के स्वागत में पुष्प वर्षा कराते है। नन्हे मिंया ने बताया कि ईद मिलाद-उन-नबी का त्योहार दुनिया भर में विशेष रूप से मनाया जाता है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में इस दिन उनके सम्मान में जुलूस निकाला जाता है और जगह-जगह बड़े आयोजन भी किए जाते हैं।इस दिन शाम से ही जश्न की शुरुआत हो जाती है, मस्जिद और दरगाह के साथ साथ लोग अपने घरों में इसको पूरे अकीदत के साथ मनाते हैं। इस्लाम को मानने वाले लोग इस दिन लंगर करते हैं साथ ही जरूरत मंदों को गिफ्ट्स देते हैं इसके अलावा उनके लिए खाने पीने का पूरा इंतजाम करते हैं।
मोहम्मद इमरान अंसारी कहते है कि यह त्योहार पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन रात भर अल्लाह की इबादत की जाती है। इस दिन घरों और मस्जिदों में कुरान पढ़ा जाता है। इस मौके पर घर और मस्जिद को सजाया जाता है और मोहम्मद साहब के संदेशों को पढ़ा जाता है। हजरत मोहम्मद साहब का एक ही संदेश था कि मानवता को मानने वाला ही महान होता है। इसलिए हमेशा मानवता की राह पर चलना चाहिए। ऐसे में लोग इस दिन गरीबों में दान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि ईद मिलाद उन-नबी के दिन दान और जकात करने से अल्लाह खुश होते हैं। समाजसेवा फिल्म प्रड्यूसर सुल्तान अंसारी कहते है कि पैगंबर मोहम्मद साहब इस्लाम धर्म के संस्थापक हैं। दुनिया भर के मुसलमान इस दिन को काफी उरूज के साथ मनाते हैं साथ ही इस दिन उनके पैगाम को दीनी महफिलों में बताया जाता है और उस पर अमल करने को कहा जाता है। इस दिन मुस्लिम समाज के लोग ज्यादा से ज्यादा वक्त मस्जिद में नमाज अदा करते हैं और कुरआन की तिलावत करते हैं। इस दिन औरतें घर पर ही नमाज अता करती हैं। ऐसे में इस त्योहार पर इस्लाम को मानने वाले लोग अपना ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत में बिताते हैं और अल्लाह से दुआ और पैगंबर मोहम्मद साहब को सलाम भेजते हैं।
: टाटा ग्रुप चेयरमैन एन चंद्रशेखरन,पहुंचे रामनगरी
Fri, Oct 7, 2022
राम जन्मभूमि परिसर मंदिर निर्माण स्थल का किया बारीकी से अवलोकन
अयोध्या। टाटा ग्रुप चेयरमैन एन चंद्रशेखरन परिवार सहित पहुंचे अयोध्या।हनुमानगढ़ी में किया दर्शन पूजन।राम जन्मभूमि परिसर मंदिर निर्माण स्थल का किया बारीकी से अवलोकन। राम जन्मभूमि परिसर स्थित कार्यालय में टाटा के इंजीनियरों के साथ किया बैठक।देखा मंदिर का 3D वीडियो। मन्दिर में किया रामलला की आरती। रामलला के पुजारियों ने अंग वस्त्र और राम मंदिर का मॉडल देकर किया स्वागत। कमिश्नर ने भी टाटा के चेयरमैन से की मुलाकात।
: श्रीराममंत्र महायज्ञ की निकली विशाल शोभायात्रा, रामनगरी में गूजा सिया बाेल की गूंज
Thu, Oct 6, 2022
108 कुंडीय दस दिवसीय श्रीराममंत्र महायज्ञ का हुआ भव्य शुभारंभ,पीत वस्त्र धारी हजारों महिलाएं से पटी रामनगरी
व्यासपीठ से मलूकपीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्रदेवाचार्य कर रहे श्रीराम कथा की अमृत वर्षा
अद्वितीय महोत्सव के साक्षी बनने लाखों रामभक्त पहुंचे अयोध्या
अयोध्या। रामनगरी के श्रीरामहर्षण मैथिल सख्यपीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट चारूशिला मंदिर, जानकीघाट में 108 कुंडीय दस दिवसीय श्रीराममंत्र महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसी क्रम में बुधवार को मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे व हाथी-घाेड़े संग विशाल शाेभायात्रा निकाली गई। जाे अयाेध्यानगरी के मुख्य मार्गाें से हाेते हुए पावन सरयू तट पहुंची। जहां सभी कलशाें में पवित्र सरयू जल भरकर यात्रा पुनः अपने गंतव्य काे वापस लाैटी। कार्यक्रम स्थल श्रीरामवल्लभाकुंज परिसर में बने यज्ञ मंडप में सभी 11 साै कलशाें काे वैदिक मंत्राेच्चार संग स्थापित किया गया। यह शाेभायात्रा पूरी रामनगरी में काैतूहल का विषय बनी रही, जिसमें पीत वस्त्र धारी 11 साै महिलाएं अपने-अपने सिराें पर कलश और 5 साै 1 श्रद्धालुगण सिर पर श्रीमद् भागवत महापुराण रखे हुए थे। साथ ही 15 रथाें पर भगवान के विग्रह रथारूढ़ रहे। पूरी अयाेध्यानगरी सिया बाेल की गूंज से गुंजायमान रही। शाेभायात्रा में शामिल साधु-संत व हजाराें भक्तगण भक्तिभाव में सराबाेर दिखे। इस अद्भुत एवं मनाेरम दृश्य से अयाेध्याधाम में अनुपम छटा निखर रही थी। पूरा वातावरण हर्ष और उल्लास के रंग में रंगा हुआ था। शाेभायात्रा में श्रीरामवल्लभाकुंज अधिकारी राजकुमार दास, जगद्गुरू स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास, महंत जनार्दन दास, महंत रामजी शरण, स्वामी छविराम दास, नागा रामलखन दास समेत हजाराें की संख्या में भक्तगण शामिल रहे। इस माैके पर कार्यक्रम आयाेजक व श्रीमहर्षण मैथिल सख्यपीठ चारूशिला मंदिर के श्रीमज्जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी वल्लभाचार्य ने कहा कि यह कार्यक्रम अनंत विभूषित पंचरसाचार्य स्वामी श्रीमद् रामहर्षण देव महाराज द्वारा संपन्न श्रीमंत्रराज अनुष्ठान के रजत जयंती महामहोत्सव पर आयाेजित है, जिसका शुभारंभ विशाल शाेभायात्रा के साथ हाे चुका है। जाे 14 अक्टूबर तक अपने चर्मोत्कर्ष पर रहेगा। महाेत्सव में देश के विभिन्न प्रांताें से विशिष्ट जगद्गुरू, शंकराचार्याें, महामंडलेश्वराें, दिव्य संताें का शुभागमन हाे रहा है। जिनके दर्शन व दिव्यवाणी का संलाभ हम सब प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीराममंत्र महायज्ञ का कार्यक्रम अपने आपमें अद्वितीय है। यह अद्भुत यज्ञ हो रहा है। संताें का कहना है कि ऐसा महायज्ञ अभी तक अयोध्या में नही हुआ है। जाे पहली बार हाे रहा है। इसमें 11 मंजिल की यज्ञशाला और 108 कुंडाें का यज्ञ मंडप बना हुआ है। 501 विद्वानाें द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण का परायण किया जा रहा है। 501 जापक श्रीमंत्रराज का जाप कर रहे हैं। इस तरह कुल 13 कराेड़ षड़ाक्षर श्रीराममंत्र का जप किया जायेगा। 540 यजमानाें द्वारा 8 साै कुंतल हवन सामग्री से महायज्ञ में 1 कराेड़ 30 लाख आहुतियां डाली जायेंगी। वहीं 11, 12 व 13 अक्टूबर काे विराट संत-सम्मेलन का कार्यक्रम है, जिसमें सम्पूर्ण भारत के महापुरूषाें का आगमन हाे रहा है। वृंदावन धाम के श्रीमद् जगद्गुरू द्वाराचार्य मलूकपीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्रदेवाचार्य अपने मुखारविंद से श्रीरामकथा कह रहे हैं। रात्रि 8 बजे 11 बजे तक वृंदावन की प्रसिद्ध चैतन्य महाप्रभु लीला हाे रही है।