: गुरु सेवा के नायक महंत संजय दास का जन्म दिन मना सेवा दिवस के रुप में
Wed, Sep 21, 2022
संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मनाया सेवा दिवस, अंध विद्यालय, वृद्धा आश्रम, कुष्ठ आश्रम में फल अन्न व वस्त्र किया गया वितरण
महंत संजय बाबा का जन्म दिवस का उद्देश्य गरीबों असहायों व दीन दुखियों के सेवा से जुड़ा रहा: पुजारी हेमंत दास
श्री ज्ञान अन्न क्षेत्र में प्रसाद वितरण करते संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज के उत्ताराधिकारी संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास के जन्मदिन को संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास जी ने विशाल सेवा दिवस के रुप में मनाया। इस सेवा दिवस के मूल में गरीबों असहायों व दीन दुखियों के सेवा से जुड़ा रहा। जिसमें सबसे पहले हनुमानगढ़ी पर विशेष पूजा अर्चना किया गया और हनुमत यज्ञशाला के हवन कुंड में आहुतियां डाली गई। इसके बाद कनक बिहारी सरकार का पूजन हुआ। इसके बाद श्रीराम अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरण किया और उनका हालचाल जाना,वृद्धा आश्रम पहुंचकर वृद्ध महिलाओं को फल वितरण किया गया और विकलांग अंध विद्यालय में विकलांगों की सेवा की गई। सेवा दिवस में अनवरत चल रहे श्री ज्ञान अन्नक्षेत्र को और भी भव्य वृहद रुप से आज संचालित किया गया। जिसमें विभिन्न प्रकार के पकवान आज बनाकर लोगों को खिलाया गया। सेवा दिवस के प्रणिता गुरु सेवा के नायक आदर्श संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि सनातन धर्म का मूल मंत्र सेवा है। यही हम अपने परम पूज्य गुरुदेव महंत ज्ञान दास जी महाराज से सीखे है। आज हम जो भी कुछ है वो पूज्य गुरुदेव भगवान के कृपा से है। इसलिए आज अपने जन्म दिवस पर हम सभी लोग सेवा दिवस के रुप में मना रहें है।निर्वाणी अनी अखाड़ा के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास ने कहा संकट मोचन सेना का मुख्य उद्देश्य सेवा है। महंत संजय दास बहुत बधाई के पात्र है आज समाज में सेवा प्रकल्प की वजह से लोगो के दिलो में संजय दास ने जगह बनाया है। माधव बाबा ने कहा कि इनके गुरु जी के साथ हम थे इनके साथ भी है और इनके शिष्यों के साथ भी हम रहेंगे।महंत माधव दास ने कहा संजय दास नये साधुओं के लिए एक मिशाल है। रामानंद सम्प्रदाय में सेवा ही परिचय है।
महंत संजय दास महाराज का अभिनन्दन करते तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरू परमहंस आचार्य
गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास ने कहा संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज निरंतर उत्तरोत्तर अयोध्या में सेवा का कार्य करते रहे है। इनका जन्मोत्सव सेवा महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है वह बहुत ही सराहनीय है और मैं आशा करता हूं की निरंतर यह सेवा का कार्य अयोध्या की धरती से पूरे भारत में चलता रहेगा।
तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरू परमहंस आचार्य महंत संजय दास को बधाई देने पहुंचे। बधाई देते हुए जगद्गुरू परमहंस आचार्य ने कहा सनातन धर्म की ध्वज पताका फहराने में हनुमानगढ़ी के संतो का विशेष योगदान रहा है। आज इसका नेतृत्व महंत संजयदास जी कर रहें है। महंत संजयदास जी की गुरु सेवा बहुत ही अनुकरणीय है। आज के साधु संत इनसे सीखे कि कैसे अपने गुरु की सेवा करनी चाहिए। आज हम सभी इस सेवा दिवस के शामिल होकर लोगों की सेवा कर रहें है।
संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने कहा मैं हनुमान जी से निवेदन करता हूं दिन प्रतिदिन पूज्य महंत संजय बाबा जी के ऊर्जा और उत्साह में संवर्धन करते रहें जिससे निरंतर समाज में सेवा का कार्य चलता रहे। हम सभी का संजय बाबा सदैव मार्गदर्शन ऐसे ही करते रहें जिससे लोगों की सेवा ऐसे रोती रहें। इस मौके पर इस मौके पर महंत राम प्रसाद दास,महंत अजीत दास, महंत सत्यदेव दास, प्रेम मूर्ति कृष्णकांत दास,अंकित दास, शिवम जी, कल्लू जी, अभिषेक दास, विराट दास, अभय दास, संगीतज्ञ राजूजी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
महंत संजय दास का आशीर्वाद लेते वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास
: 108 कुण्डीय अद्वितीय श्रीराम मंत्र महायज्ञ में होगा रामभक्तों का महाकुंभ
Wed, Sep 21, 2022
बैड बाजे हाथी घोड़े के मध्य 2 दर्जन रथों के साथ 1 लाख रामभक्तों की निकलेगी कलश यात्रा, 13 करोड़ षड़ाक्षर श्रीराम मंत्र से गुंजायमान होगी रामनगरी
पूरे भारत से संत धर्माचार्य साधक शिष्य साधक इस अद्वितीय महाकुंभ के बनेगे साक्षी
सीएम योगी आदित्यनाथ व मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान करेंगे कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
अयोध्या। प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या में 5 अक्टूबर से प्रारंभ होगा श्रीराम मंत्र महायज्ञ। जिसमें 1 करोड 30 डाली जाएंगी आहूतियां। 501 जापको द्धारा 13 करोड़ षड़ाक्षर श्री राम मंत्र का होगा जप। यह जानकारी प्रेस से मुखातिब होते हुए श्रीमद जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्रीवल्लभाचार्य महाराज ने बताया।
स्वामी ने बताया गौरांग महाप्रभु प्रेमावतार हमारे श्री गुरुदेव सरकार श्री रामहर्षण देवाचार्य महराज द्वारा संपन्न श्रीमंत्र राज अनुष्ठान के रजत जयंती समारोह पर यह आयोजन दिव्य भव्य अद्वितीय महा आयोजन हो रहा है। जो 5 से 14 अक्टूबर तक चलेगा जिसमें 11 से 13 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय विश्वस्तरीय विराट संत सम्मेलन होगा। देश के सभी संप्रदाय के सभी धर्माचार्य इस सम्मेलन में उपस्थित होंगे साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक डॉ राजेंद्रदेवाचार्य महाराज की श्रीमद्भागवत महापुराण कथा श्री रामचरितमानस का पाठ श्रीमद् बाल्मीकि रामायण व प्रेम रामायण का पाठ और वृंदावन की प्रसिद्ध चैतन्य महाप्रभु की लीला भी होगी। महायज्ञ के लिए 9 मंजिल का विशाल यज्ञ मंडप बनाया जा रहा है साथ विशाल कथा मंडप की भी तैयारी जोरों पर है। स्वामी जी ने बताया कि भक्तों व संतों के रहने आदि की व्यवस्था अयोध्या के विभिन्न मठ मंदिर स्वतः ही कर रहे है।अयोध्या वासियों में इस आयोजन का खासा उत्साह है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्रीवल्लभाचार्य महाराज ने कहा कि राम मंदिर के साथ अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय महायज्ञ और सम्मेलन सभी राम भक्तों और सनातन धर्म में एक चेतना जागृत करेगी और इसका वैभव बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अलौकिक है जिसको सफल बनाने के लिए सभी धर्माचार्य एकत्रित होकर कार्य कर रहे है। उन्होंने बताया ऐसा महायज्ञ पहले अयोध्या में नहीं हुआ।
: उच्च कोटि के संत थे स्वामी रामबालक दास: टीलाद्वाराचार्य
Mon, Sep 19, 2022
परमपूज्य स्वामी रामबालक दास के 40वीं पुण्यतिथि पर संत धर्माचार्यों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के महात्यागी कैंप कनक महल मंदिर जानकीघाट में परमपूज्य संत शिरोमणि स्वामी रामबालक दास जी महाराज की 40 वीं पुण्यतिथि टीलाद्वाराचार्य मंगलपीठाधीश्वर यज्ञ सम्राट स्वामी श्री माधवाचार्य जी महाराज के पावन सानिध्य में श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर संत सम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसमें रामनगरी समेत पूरे भारत से संत साधकों ने पूज्य श्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। आये हुए संत धर्माचार्यों का स्वागत परम्परागत रूप दक्षिणा भेट विदायी के साथ मंगलपीठाधीश्वर जी महराज ने किया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुये चौदह भाई महात्यागी के श्री महंत सीतारामदास महात्यागी जी ने बताया कि परमपूज्य साकेतवासी अनन्त विभूर्षित संत शिरोमणि स्वामी रामबालक दास जी महाराज को संत-महांत एवं भक्तगण पुष्पांजलि अर्पित किये और वृहद भंडारे का भी आयोजन किया गया। मंगलपीठाधीश्वर माधवाचार्य जी महाराज ने बताया कि रामानंद सम्प्रदाय की पूरे देश में 52 गद्दी है जिसकी सर्वप्रथम गद्दी डाकौर दाऊ जी मंदिर खाकचौक है। जिसके गद्दीपति परमपूज्य श्री रामबालक दास जी थे। अब उस गद्दी पर टीलाद्वाराचार्य मंगलपीठाधीश्वर यज्ञ सम्राट स्वामी श्री माधवाचार्य जी महाराज है। इस मौके पर जगन्नाथ पुरी पापुड़िया मठ बाहर भाई इंडिया के श्री महन्त रामकृष्ण दास, मंहन्त श्री हरिओम दास जी बासवाडा महामंत्री खालसा परिषद,मंहन्त हरिदास जी सिहौर अधिकारी डडिया खालसा, मंहन्त शंकरदास जी बडोदरा, महात्यागी कैम्प के मंहन्त सीताराम दास त्यागी, मंहन्त भक्तिदास नासिक, महंत गरीब दास,महंत पूर्णचंद्र दास,महंत रामचरण दास,महंत नरहरि दास व महाराज जी के शिष्य वीरेंद्र मिश्रा जी व राम भाई शाह ने आये हुए अतिथियों का स्वागत सत्कार किया। इस मौके पर महंत धर्मदास, महंत कमलनयन दास, जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य, बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य, महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास, महंत कृपाल रामभूषण दास, महंत बलराम दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, महंत रामकुमार दास, महंत परशुराम दास, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, महंत बालयोगी रामदास, महंत विनोद दास सहित सौकड़ों सन्त महन्त व भक्तगण मौजूद रहे।