: रामनगरी के यूट्यूबर ने बनाया सीएम योगी का मंदिर
Mon, Sep 19, 2022
तीर-धनुष वाली योगी की मूर्ति की सुबह-शाम होती है पूजा
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के भरतकुंड के पास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंदिर बनाया गया है। मौर्या का पुरवा गांव के निवासी प्रभाकर मौर्य ने 8.56 लाख रुपए की लागत से यह मन्दिर बनवाया है। इसमें योगी को राम के अवतार में दिखाया गया है। मूर्ति के हाथ में धनुष और तीर भी थमाया गया है, यहां रोज सुबह-शाम पूजा-आरती भी होती है।
शहर से सटे मसौधा ब्लॉक में स्थित कल्याण भदरसा के मौर्या का पुरवा का रहने वाला प्रभाकर मौर्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज से इतना प्रभावित है कि वह खुद भी सीएम योगी के तरह कपड़े पहनता है, उनकी तारीफ में गाने गाता है और उसने अब सीएम योगी के नाम का मंदिर बनाकर उनकी पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी है. प्रभाकर मौर्य का कहना है कि वह भगवान राम के अनन्य भक्त हैं और उन्होंने प्रण किया था कि जो भी व्यक्ति अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनवायेगा वह उसका मंदिर बनवा कर उसकी पूजा करेंगे.जब अयोध्या में राम का मंदिर निर्माण शुरू हो गया तब उन्होंने अपने संकल्प को पूरा करते हुए 5 अगस्त 2020 को इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कराया और अब इस मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मंदिर में वह रोजाना सीएम योगी आदित्यनाथ की पूजा अर्चना करते हैं इतना ही नहीं प्रभाकर मौर्य ने सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम की एक आरती भी बनाई है जिसे बजाकर वह रोजाना उनकी पूजा अर्चना करते हैं. यही नहीं सीएम योगी प्रभाकर मौर्या को सम्मानित भी कर चुके हैं।
: डकोर पीठ सन्त सेवा में सबसे आगे : मंगलपीठाधीश्वर
Sat, Sep 17, 2022
रामनगरी पहुंचने में सन्तों ने किया मंगल पीठाधीश्वर का स्वागत
40वीं पुण्यतिथि पर कल धर्माचार्य करेगे परमपूज्य स्वामी रामबालक दास को नमन
अयोध्या। महात्यागी कैंप कनक महल मंदिर जानकीघाट अयोध्या में परमपूज्य संत शिरोमणि स्वामी रामबालक दास जी महाराज की 40 वीं पुण्यतिथि 19 सितंबर को टीलाद्वाराचार्य मंगलपीठाधीश्वर यज्ञ सम्राट स्वामी श्री माधवाचार्य जी महाराज के पावन सानिध्य में हर्षाल्लासपूर्वक मनाया जायेगा। इस अवसर पर संत सम्मेलन का भी आयोजन होगा। आये हुए संत धर्माचार्यों का स्वागत परम्परागत रूप दक्षिणा भेट विदायी के साथ मंगलपीठाधीश्वर जी महराज करेगें। जानकारी देते हुये चौदह भाई महात्यागी के श्री महंत सीतारामदास महात्यागी जी ने बताया कि परमपूज्य साकेतवासी अनन्त विभूर्षित संत शिरोमणि स्वामी रामबालक दास जी महाराज को संत-महांत एवं भक्तगण पुष्पांजलि अर्पित करेगें इस अवसर पर वृहद भंडारे का भी आयोजन किया जायेगा। मंगलपीठाधीश्वर माधवाचार्य जी महाराज ने बताया कि डकोर पीठ सन्त सेवा में सबसे आगे रहते है। पूरे भारत में करीब 8 हजार मंदिर है डकोर पीठ का। उन्होंने बताया कि रामानंद सम्प्रदाय की पूरे देश में 52 गद्दी है जिसकी सर्वप्रथम गद्दी डाकौर दाऊ जी मंदिर खाकचौक है। जिसके गद्दीपति परमपूज्य श्री रामबालक दास जी थे। अब उस गद्दी पर टीलाद्वाराचार्य मंगलपीठाधीश्वर यज्ञ सम्राट स्वामी श्री माधवाचार्य जी महाराज है। इस मौके पर जगन्नाथ पुरी पापुड़िया मठ बाहर भाई इंडिया के श्री महन्त रामकृष्ण दास, मंहन्त श्री हरिओम दास जी बासवाडा महामंत्री खालसा परिषद,मंहन्त हरिदास जी सिहौर अधिकारी डडिया खालसा, मंहन्त शंकरदास जी बडोदरा, महात्यागी कैम्प के मंहन्त सीताराम दास त्यागी, मंहन्त भक्तिदास नासिक, महंत गरीब दास,महंत पूर्णचंद्र दास,महंत रामचरण दास,महंत नरहरि दास व माधवाचार्य जी महाराज के प्रिय शिष्य समाजसेवी वीरेंद्र मिश्रा जी सहित सौकड़ों सन्त महन्त व भक्तगण मौजूद रहे।
रामनगरी अयोध्या पहुंचने पर टीलाद्वाराचार्य मंगलपीठाधीश्वर यज्ञ सम्राट स्वामी श्री माधवाचार्य जी महाराज का राघव मंदिर के महंत कुलदीप दास महाराज ने ढोल नगाड़े के बीच 101 किलो की माला पहना कर जोरदार स्वागत किया।
: उदासीन ऋषि आश्रम में समाधिस्थ गुरुओं के प्रति निवेदित होगी श्रद्धा सुमन
Sat, Sep 17, 2022
बाबा संगत बक्स उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली के आचार्यो को संत धर्माचार्यों आज अर्पित करेंगे श्रद्धा सुमन
गुरु पूजन का मुख्य उत्सव ध्वज पूजन समेत समाधिस्थ गुरुओं का होगा विशेष पूजन
अयोध्या। गुरु और शिष्य की परंपरा आज भी उदासीन परंपरा में जीवंत है। उदासीन ऋषि आश्रम के समाधिस्थ महापुरुषों की ख्याति अयोध्या ही नही संपूर्ण भारत वर्ष में फैली है। वैसे तो पूरी राम नगरी अयोध्या में गुरु शिष्य की परंपरा अपने रस की सुगंध से महकती रहती है लेकिन त्याग तपस्या की प्रमुख सिद्ध पीठ बाबा संगत बक्स उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली में प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष के अवसर पर अपने गुरु स्मृति में समारोह से गुंजायमान होती रहती है। जिसमे रामनगरी के संतो महंतो ने आचार्यो के प्रति अपनी श्रद्धा निवेदित कर अपनी भावमयी पुष्पांजलि अर्पित करते है। उदासीन आश्रम में गुरु पर्व को सादगी से मनाया जा रहा है। गुरु पर्व पर प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में शिष्य अपने गुरुओं को नमन करने देश के कोने-कोने से आश्रम में पहुंचते थे और नमन करते थे। कार्यक्रम के संयोजक उदासीन ऋषि आश्रम के युवा महंत डॉ भरत दास जी महाराज ने बताया 200 वर्ष पहले भजनानंदी सिद्ध संत संगत बक्स बाबा ने इस आश्रम की स्थापना की थी और देश के कोने कोने में उनके शिष्य थे और वह सभी लोग गुरु पर्व के अवसर पर आश्रम में आकर के गुरु भगवान को नमन करते थे। संगत बाबा के साथ आश्रम से जुड़े सभी यशस्वी संतो को याद किया जाएगा।उन्होंने कहा कि रविवार को रामनगरी के संत धर्माचार्यों सभी समाधिस्थ गुरुओं को नमन कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। गुरु पर्व 22 सितंबर को आयाराम अखाड़े में भड़ारे के साथ समापन होगा।