: कड़ी सुरक्षा के बीच में तपस्वी छावनी में हुआ त्रयाेदश संस्कार
Mon, Sep 12, 2022
महंत परमहंस दास ने हनुमानजी के दरबार के टेका माथा, गद्दीनशीन का लिया आशीर्वाद
जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीप दास, ट्रस्टी महेंद्र झा व श्रीमहंत राजेंद्र दास ने धर्म सम्राट श्री महंत ज्ञानदास महाराज का आशीर्वाद
डीएम नीतीश कुमार, एसएसपी प्रशांत वर्मा सहित आलाधिकारी ने महंत सर्वेश्वर दास महाराज को श्रद्धांजलि दी
अयोध्या। श्री राम नगरी अयोध्या में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच साेमवार काे आचार्य पीठ तपस्वी जी की छावनी, रामघाट में साकेतवासी महंत सर्वेश्वर दास महाराज का त्रयाेदश संस्कार सम्पन्न हुआ। जहां साकेतवासी महंत के उत्तराधिकारी परमहंस दास और तपस्वी छावनी परिवाराचार्य ट्रस्ट के सदस्य दिलीप दास ने संयुक्त रूप से तेरहवीं कार्यक्रम किया। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार दाेनाें पक्षाें ने मिलकर दाे साै संत-महंताें का भंडारा किया। फिलहाल तपस्वी छावनी की महंती विवाद न्यायालय में चलेगा। काेर्ट जिसके पक्ष में निर्णय देगा। वही यहां का नया महंत हाेगा।
सुबह महंत परमहंस दास ने बजरंगबली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी पहुंचकर मत्था टेका। हनुमानगढ़ी पर सभी वरिष्ठ नागातीताें की तरफ से उन्हें गदा साैंपा गया। उसके बाद गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास रामायणी महाराज ने परमहंस दास काे आशीर्वाद दिया। तपस्वी छावनी में परमहंस दास व दिलीप दास समेत अन्य संत-महंताें ने साकेतवासी महंत सर्वेश्वर दास महाराज काे भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। तो वही तपस्वी छावनी परिवाराचार्य ट्रस्ट के सदस्य महंत दिलीप दास, जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद के ट्रस्टी महेंद्र झा व निर्मोही अखाड़ा के श्री महंत राजेंद्र दास जी महाराज ने हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्री महंत धर्म सम्राट ज्ञानदास जी महाराज का आशीर्वाद लिया। इस माैके पर अखाड़े के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधवदास, हनुमान बाग के महंत जगदीश दास, हरिद्वारी पट्टी के महंत मुरली दास, संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास, हनुमानगढ़ी गद्दीनशीन के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश दास, महंत रामकृष्ण दास, महंत बलराम दास, महंत नंदराम दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, राजूदास, खाकचाैक श्रीमहंत बृजमाेहन दास, निर्माेही अखाड़ा श्रीमहंत राजेंद्र दास, महंत परशुराम दास, महंत सीताराम दास, जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्र भाई झा, महंत डॉ. रामानंद दास, महंत अवधकिशाेर शरण, महंत विवेक आचारी, महंत मुकेश दास, महंत कमलादास, मनीराम पहलवान, मामा दास, राजेश पहलवान, पार्षद पुजारी रमेश दास, आचार्य शशिकांत दास आदि संत-महंत व वरिष्ठ नागातीत उपस्थित रहे।
: बैदरापुर गोशाला के पास मवेशियों के मिले कई कंकाल, मचा हड़कम्प
Mon, Sep 12, 2022
कंकाल खरीद- बिक्री से जुड़े पांच लोग हिरासत में, एसडीएम ने शुरू करवाई जांच
हाजी फिरोज खान गब्बर ने भाजपा सरकार को गौ सेवा पर उठाया सवाल - कहा, भाजपा हर बात पर सिर्फ राजनीति करती है
सोहावल। सोहावल क्षेत्र अंतर्गत बैदरापुर गोशाला के पास भारी मात्रा में मृत मवेशियों के कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस कंकाल की खरीद और बिक्री के धंधे से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जबकि मामले की जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात एसडीएम सोहावल ने कही है।
रविवार दोपहर बाद बैदरापुर पशु आश्रय स्थल के पास मृत मवेशियों के कंकाल को कुछ लोग एक वाहन पर लादकर ले जाने वाले थे। इसकी भनक मीडिया कर्मियों को लग गई। इस दौरान वाह्य जनपद के मीडिया कर्मी पहुंच कर वीडियो बनाने लगे। इसके बाद गोशाला संचालकों सहित गांव में हलचल मच गया। हालांकि गोशाला के पास वाहन में भरे मृत मवेशियों के कंकाल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ थाना प्रभारी रौनाही अक्षय कुमार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान मृत मवेशियों के कंकाल की खरीद और बिक्री से जुड़े पांच लोगों को पुलिस पकड़ कर थाने पर ले आई। जबकि ममाले की जानकारी मिलने पर एसडीएम सोहावल मनोज श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय लेखपाल को भेजकर मामले की जांच पड़ताल भी शुरू करवा दिया है। स्थानीय लोग दबी जुबान यह सवाल उठा रहे थे कि गोशाला के मृत मवेशियों को दफनाने के बजाय कौवे और कुत्तों के लिए छोड़ रखा जाता है। बाद में कंकाल को बेच दिया जाता है। जबकि मृत मवेशियों को गोशाला में दफनाने का शासनादेश है।
समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय नेता बीकापुर विधानसभा प्रत्याशी हाजी फिरोज खान गब्बर ने यह आरोप लगाया कि गोशाला की देखभाल में भी लापरवाही बरतते हैं। इस वजह से खान पान और सेवा के अभाव गोवंशीय मवेशियों की गोशाला में मौत हो जाती है। मवेशियों के मृत शरीर का अंतिम संस्कार भी ठीक तरह से नहीं होता। पक्षी और कौवे नोंचकर खाते हैं। बाद में गोशाला में पड़े मृत मवेशियों के कंकाल बेचने का भी धंधा होता है।गब्बर ने भाजपा सरकार को गौ सेवा पर सवाल उठाया। कहा भाजपा सरकार हर बात पर सिर्फ राजनीति करती है।
हालांकि गोशाला के पास पिकप पर भारी मात्रा में कंकाल मिलने से क्षेत्र में हलचल मच गयी है। एसडीएम सोहावल मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए बीडीओ सोहावल और पशु चिकित्साधिकारी को जांच सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि कंकाल गोशाला के मवेशियों के हैं। इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। जांच पड़ताल करवाई जा रही है।
: गुरु और शिष्य की परंपरा आज भी संतो की उदासीन परंपरा में संरक्षित
Mon, Sep 12, 2022
बाबा संगत बक्स उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली में गुरु पर्व महोत्सव सादगी के साथ शुरु
20 को गुरु पर्व का मुख्य उत्सव, धर्म ध्वजा का होगा विशेष पूजन व आश्रम में समाधिस्थ महापुरुषों को दी जायेगी श्रद्धांजलि
अयोध्या। गुरु और शिष्य की परंपरा आज भी संतो की उदासीन परंपरा में संरक्षित है। वैसे तो पूरी राम नगरी अयोध्या में गुरु शिष्य की परंपरा अपने रस की सुगंध से महकती रहती है लेकिन त्याग तपस्या की प्रमुख सिद्ध पीठ बाबा संगत बक्स उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली में प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष के अवसर पर अपने गुरु स्मृति में समारोह से गुंजायमान होती रहती है। प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में अपने गुरुओं को नमन करने इस परंपरा से जुड़े हजारों शिष्य देश के कोने-कोने से आश्रम में पहुंचते थे और नमन करते थे। उदासीन ऋषि आश्रम के युवा महंत डॉ भरत दास जी महाराज ने बताया गुरु पर्व मनाया जा रहा है जिसमें 12 सितंबर से ही श्रीमद् भागवत महापुराण का पाठ प्रारंभ कर दिया गया जिसका पारायण 18 सितंबर को होगा। उन्होंने बताया कि 200 वर्ष पहले भजनानंदी सिद्ध संत संगत बक्स बाबा ने इस आश्रम की स्थापना की थी और देश के कोने कोने में उनके शिष्य थे और वह सभी लोग गुरु पर्व के अवसर पर आश्रम में आकर के गुरु भगवान को नमन करते थे। संगत बाबा के साथ आश्रम से जुड़े सभी यशस्वी संतो को याद किया जाएगा।
19 सितंबर को राम चरित मानस पाठ शुरु होगा जिसका समापन 20 को होगा। इसके साथ ही धर्म ध्वाजा का विशेष पूजन व आश्रम में समाधिस्थ महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी जायेगी। गुरु पर्व का समापन 22 सितंबर को आयाराम अखाड़े में भंडारे के साथ होगा।