: स्वामी नारायण मंदिर के गणपति बप्पा का मां सरयू में हुआ विसर्जन
Wed, Sep 7, 2022
जलझूलनी एकादशी पर स्वामीनारायण मंदिर से निकली शोभायात्रा,
स्थापित ठाकुर जी व गणपति को सरयू नदी में कराया गया नौका विहार, विधिवत पूजन के साथ गणपति बप्पा का हुआ विसर्जन
अयोध्या। रामनगरी में स्वामी नारायण संप्रदाय के आद्य संस्थापक घनश्याम महाराज की बाल्य स्थली स्वामीनारायण मंदिर रायगंज में प्रथमेश विराजमान हुए गणपति बप्पा की भव्य शोभायात्रा जलझूलनी एकादशी पर स्वामीनारायण मंदिर से निकली।इस यात्रा में मंदिर में स्थापित ठाकुर जी भी हुए शामिल। यात्रा की अगुवाई महंत अखिलेश्वर दास शास्त्री कर रहे थे। यात्रा मां सरयू के पावन तट गयी जहां पर गणपति बप्पा व विराजमान ठाकुर जी को नौका विहार कराया गया। इसके बाद गणपति बप्पा का विधिवत पूजन अर्चन के साथ विसर्जन हुआ।
पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। उसी के साथ पूरी नगरी में गणपति बप्पा मोरिया के नारे जयकारे गूंजने लगते हैं चारों तरफ गणेश जी के भक्त पूजा में तल्लीन होकर अपने आराध्य की सेवा भजन करते रहते हैं।
स्वामी नारायण संप्रदाय के आद्य संस्थापक घनश्याम महाराज की बाल्य स्थली स्वामीनारायण मंदिर रायगंज के महंत अखिलेश्वर दास शास्त्री कहते है हमारे यहां पूरे विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसके बाद से ही हरदिन अलग अलग पकवान से भगवान का भोग लगाते है अलग अलग भगवान का दिव्य भव्य श्रृगांर करते है। भगवान का सच्चे मन से पूजा होती है। आज जलझूलनी एकादशी के दिन भगवान की शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकली इस शोभायात्रा में मंदिर में विराजमान ठाकुर जी की भी पालकी निकली जो सरयू तट गई। जहां पर भगवान को नौका विहार कराया गया। महंत अखिलेश्वर दास शास्त्री जी ने कहा कि नौका विहार के बाद पूजन के साथ गणपति बप्पा का धूमधाम से विसर्जन किया गया यही कामना से कि अगले वर्ष और भी धूमधाम से बप्पा की अगवानी स्वामीनारायण मंदिर करेगा।
: बाबा लाल द्धारा पंजाबी आश्रम में हुआ शिला पूजन
Wed, Sep 7, 2022
महंत गंगा दास महाराज के सानिध्य में आश्रम के तीसरे मंजिल का हुआ विधिवत शिला पूजन
अयोध्या। रामनगरी के अखगड़ा चौराहे स्थित बाबा लाल द्धारा पंजाबी मंदिर में आश्रम के तीसरे मंजिल का भव्य शिला पूजन कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम मंदिर के श्रीमहंत गंगा दास महाराज के पावन सानिध्य व महंत केशव दास के देखरेख में हुआ। महंत केशव दास ने बताया कि आश्रम में भगवान की अष्टयाम सेवा होती है। भक्त दूरदराज से अनवरत आते है। भक्तों के रहने आदि की उत्तम व्यवस्था के लिए पूज्य महाराज जी के आशीर्वाद से तीसरे तल का निर्माण आज से प्रारंभ हो रहा है। आज वैदिक आचार्य द्धारा शिला पूजन कार्यक्रम हो रहा है। जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संत महंत शामिल हुए है। पूजन में हनुमानगढ़ी के महंत माधव दास, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत सत्यदेव दास, हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य गद्दी नशीन के शिष्य महंत डा महेश दास, शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी से आश्रम से जुड़े लोग मौजूद रहे।
: रामनगरी के संतो ने एकसुर महंत दिलीप दास को बनाया तपस्वी छावनी का महंत
Wed, Sep 7, 2022
तपस्वी छावनी के अध्यक्ष चुने गए जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद महंत दिलीप दास व,पुजारी ओमप्रकाश दास को बनाया गया सह उपाध्यक्ष
जिलाधिकारी से मिल संत देगें ज्ञापन
अयोध्या। तपस्वीपरिवाराचार्यपीठ श्री तपस्वी जी की छावनी सेवा ट्रस्ट राम घाट अयोध्या के ट्रस्टी गणों की बैठक रामकथा कुंज मे हुई। जहां महंत सुरेश दास ने दिगंबर अखाड़े की तरफ ट्रस्ट द्वारा नियुक्त महंत दिलीप दास का समर्थन करते हुए कहा कि अगर तपस्वी छावनी परिवार के लोग समर्थन कर रहे हैं तो अखाड़े का भी पूर्ण समर्थन है। ट्रस्टी महंत राजेंद्र दास वैघ ने कहा कि महंत सर्वेश्वर दास ने 6 नवंबर 2019 को ट्रस्ट गठन कर सारी संपत्ति को ट्रस्ट के अधीन कर दिया था। उनके ना रहने पर ट्रस्टी गणों को ही अधिकार है महंत और ट्रस्ट का अध्यक्ष नियुक्त करने का। उन्होंने बताया कि ट्रस्टी गण सर्वसम्मति से जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीप दास को अध्यक्ष और तपस्वी छावनी के पुजारी ओमप्रकाश दास को सह उपाध्यक्ष और दोनों लोगों को संयुक्त महंत 2 सितंबर की बैठक में नियुक्त कर दिया है।
बड़ा भक्त माल मंदिर के महंत अवधेश कुमार दास ने कहा कि जिसको अखाड़े का ज्ञान ना हो संप्रदाय का ज्ञान ना हो उसको महंत कैसे बनाया जा सकता है। अयोध्या की गरिमा को बचाने का समय है उन्होंने आरोप लगाया कि परमहंस दास ठाकुर जी की संपत्ति को बेच करके अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूर्ण करेंगे।खाक चौक व संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास ने कहा की आचार्य पीठ को बचाने के लिए अखिल भारतीय श्रीपंच तेरा भाई त्यागी व 14 भाई महात्यागी और बारह भाई डांडिया के देशभर के सभी संतो को बुला करके इस को बचाने का कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि परमहंस 5 अक्टूबर 2021 में इस्तीफा दे चुके है। महात्यागी सीतारामदास कि हमारे घर में जबरदस्ती खुश रहे हम इसको तन मन धन से बचाएंगे। रामवल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि जब से राम लला का निर्णय आया तब से अयोध्या की जमीन आसमान छू रही है। कुछ भूमाफिया इसमें आ गए हैं वही अराजकता फैला रहे है। अब स्क्वायर फीट में जमीनों को देख रहे है।ऐसे लोगों के खिलाफ न्यायालय, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र दिया जाए। उन्होंने बताया कि एक प्रॉपर्टी डीलर तपस्वी छावनी को कब्जा कर रहे है और वही फाइनेंस कर रहा है और अगर वह महंत बनने के पूर्व ऐसा कार्य कर रहा है तो अधिकार पाने के बाद क्या करेगा यह हम सोच नहीं सकते हैं। सभी का नाम लिखित रूप से जिला प्रशासन को और मुख्यमंत्री को दिया जाए। दशरथ राज महल के महंत बिंदुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य के प्रतिनिधि के रुप में मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास ने कहा कि इस सिद्ध पीठ पर ऐसे महापुरुष को बनाया जाये जो उसकी गरिमा बनाए रखें। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने संत परंपरा तब बचेगी जब हम सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा कि एक लिखित निर्णय होगा जो ट्रस्ट ने लिया है जिसके साथ हम जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से मिले और प्रधानमंत्री गृहमंत्री को पेश करें। तभी बैरागियों की परंपरा बचेगी नहीं तो सब फाइव स्टार होटल बन जाएंगे।सभी संतो महंतों ने अपने विचार रखे और सभी ने दिलीप दास का समर्थन किया। संचालन कथा कुंज के महंत रामानंद दास ने किया। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, मंगल पीठाधीश्वर कृपालु राम भूषण दास, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश कुमार दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, गोंडल पीठाधीश्वर अभय दाता हनुमान मंदिर के महंत जयराम दास, रामकथा कुंज के महंत ट्रस्टी रामानंद दास, रंगमहल के महंत रामशरण दास, महंत परशुराम दास, महामंडलेश्वर गिरीश दास, तपस्वी छावनी के पुजारी ओमप्रकाश दास, महंत मनीष दास, सीतारामदास महत्यागी, महंत अंगद दास, महंत रामशरण रामायण, वैघ मंदिर के महंत ट्रस्टी राजेंद्र दास, हनुमत सदन के महंत अवध किशोर शरण, महंत उद्धव शरण, करतलिया बाबा आश्रम के महंत बालयोगी रामदास, महंत सच्चिदानंद दास, संत एमबी दास सहित सैकड़ों संत उपस्थित रहे।