: वृद्ध जन की सेवा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है: डा राजेश तिवारी
Sat, Oct 1, 2022
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वृद्धजनों का किया सम्मान, भोजन व वस्त्र किया गया भेंट
श्रावण कुंज मंदिर में धूमधाम से मनाया गया अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस, महंत रामेश्वरी शरण ने वृद्ध महिलाओं का किया सम्मान
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के श्रावण कुंज मंदिर में संचालित वृद्धा आश्रम में अंतराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के मौके पर साठ वृद्ध महिलाओं को सम्मानित किया गया।श्रावण कुंज के महंत रामेश्वरी शरण की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में क्षेत्राधिकारी अयोध्या डा राजेश तिवारी शामिल हुए। मंदिर में सभी वृद्ध महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण करके दवा दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत महंत रामेश्वरी शरण व मुख्य अतिथि डा राजेश तिवारी ने सयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि सीओ अयोध्या डा राजेश तिवारी ने कहा कि वृद्ध जन की सेवा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कहा कि परंपरागत रूप से हर संस्कृति में वृद्धों की देखभाल परिवार की जिम्मेदारी मानी जाती है। सामाजिक परिवर्तनों के कारण अब यह राज्य व स्वयंसेवी संगठनों की भी जिम्मेदारी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृद्धों को अत्यंत उच्च एवं आदर्श स्थान प्राप्त है पर आज यह देखने को मिल रहा है कि वृद्ध अकेला, असहाय व बहिष्कृत जीवन जी रहे हैं।
कार्यक्रम की संयोजिका श्रावण कुंज मंदिर की महंत रामेश्वरी शरण ने बताया कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी बुजुर्गों से काफी दूरी बनाती जा रही है, जो कि हमारे समाज के लिए बेहद अफसोस जनक बात है। बुजुर्ग हमारे घर के सबसे बड़े मार्गदर्शक होते हैं, जिनके संरक्षण में हमे संस्कृति के साथ विरासत में कई चीजों की सीख मिलती है। कहा कि आज कल हम एकता के साथ परिवार में बैठकर हंसी खुशी अपनी मातृभाषा संस्कृति के साथ व्यतीत करना ही हमारे जीवन का मूल सुख मानते हैं। उन्होंने लोगों से अपील किया कि अपनी संस्कृति व बुजुर्गों का आदर सम्मान करें वह उनके साथ सदैव हर दुख सुख में भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पवित्र दिन चल रहा आज से ही समाज के लोगों को यह संकल्प ले कि अपने वृद्ध माता पिता की सेवा कर उनका ख्याल रखेंगे यही सच्ची मातृ भक्ति है देवी जी प्रसन्न होगी।
: हनुमान बाग के वैष्णो देवी मंदिर में हो रही विशेष पूजा,श्रद्धालुओं की बड़ी तादात
Fri, Sep 30, 2022
सनातन धर्म को मानने वाले माता वैष्णो देवी की महिमा गाते नहीं थकते: महंत जगदीश दास
हनुमान बाग की ऐसी पौराणिक मान्यता यहां पर मांगी हुई हर मुराद होती है पूरी
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में शक्ति की आराधना का क्रम जारी है।धार्मिक नगरी के प्रमुख देवी मंदिरों में मां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। ब्रह्म मुहूर्त में शारदीय नवरात्र में पूजा करने के लिए भक्त श्रद्धालु मंदिरों में कतारबद्ध नजर आ रहे।
रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर ज्यादा पुराना नहीं, लेकिन सभी अयोध्या वासी इस मंदिर में दर्शन करने जरूर पहुंचते हैं। यहां पर माता वैष्णो देवी का दिव्य भव्य मंदिर बना हचा है। दूसरी ओर मंदिर में सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर की स्थापना हनुमान बाग सेवा संस्थान दिया किया गया है। हनुमान बाग की सेवा पूजा की चर्चा पूरे रामनगरी में रहती है। यहां पर प्रतिदिन भंडारा लगाया जाता है। जिसकी इच्छा पूरी होती है वे लोग भी भंडारा की सेवा करके जाते हैं। हनुमान बाग के वैष्णो माता मंदिर में महंत जगदीश दास महाराज के सानिध्य में सेवा पूजा होती हैं। मंदिर में राम दरबार, हनुमानजी का मुख्य दरबार, शिवजी, भगवती, गणेश जी का मंदिर बना हुआ है। मंदिर में लक्ष्मी माता का भव्य मंदिर निर्माणाधीन है। मंदिर पर सुबह से ही भक्त श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी नजर आई। घंटे घड़ियालों के मंगल ध्वनि के बीच सुबह से ही कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन किया।हनुमान बाग की ऐसी पौराणिक मान्यता है कि यहां पर मांगी हुई हर मुराद पूरी होती है।
महंत जगदीश दास महाराज कहते है कि नवरात्र में मंदिर में विशेष पूजा होती है। मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है। मंदिर में इन दिनों जाप होता है। यहां सच्चे मन से पूजा करने वालों की मुराद पूरी होती है। महंत जी कहते है कि सनातन धर्म को मानने वाले माता वैष्णो देवी की महिमा गाते नहीं थकते हैं। हमारे धर्मशास्त्रों में कलयुग में लोगों के कष्ट हरने के लिए देवी-देवताओं के नामजप के साथ-साथ कथाएं भी बेहद उपयोगी बताई गई हैं। स्थान और काल में भेद की वजह से कथाओं में भी कुछ अंतर पाए जाते हैं। मंदिर की व्यवस्था में पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री लगे हुए है।
: सेवा भाव जाति पाति से ऊपर उठ कर करना ही परम उद्देश्य: महंत संजय दास
Tue, Sep 27, 2022
संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष हनुमानजी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास का सादगी से मना जन्मदिन
हनुमान बाग मंदिर में महंत जगदीश दास की अगुवाई में मना पुजारी हेमंत दास का जन्म दिवस, हुआ विशाल भंडारा
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के शिष्यसंकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास का जन्मदिन बहुत ही सादगी से मनाया गया। हनुमानजी के पुजारी हेमंत दास के जन्मदिन पर सुबह से ही संत साधक बधाई देने पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास ने बधाई देते हुए कहा कि लोगों की सेवा करके अपने गुरु की यश कीर्ति बढ़ाये यही आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि आज हम सभी पर पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद है। राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि हमारी सेना का मुख्य उद्देश्य लोगो की सेवा करना है। सेवा भाव जाति पाति से ऊपर उठ कर करना ही परम उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि हमारे गुरुदेव के आशीर्वाद से आज संकट मोचन सेना से बहुत बढ़े पैमाने पर लोग जुड़ रहे है। राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष पुजारी हेमंत दास ने कहा कि लोगो की सेवा करना हमने अपने पूज्य गुरुदेव से सीखा है।
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज व कार्यवाहक अध्यक्ष हनुमानजी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास जी निरंतर उत्तरोत्तर अयोध्या में सेवा का कार्य करते रहे है। इन दोनों गुरु भाईयों का जन्मोत्सव सेवा महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है वह बहुत ही सराहनीय है और मैं आशा करता हूं की निरंतर यह सेवा का कार्य अयोध्या की धरती से पूरे भारत में चलता रहेगा।
तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरू परमहंस आचार्य पुजारी हेमंत दास को बधाई दी। बधाई देते हुए जगद्गुरू परमहंस आचार्य ने कहा सनातन धर्म की ध्वज पताका फहराने में हनुमानगढ़ी के संतो का विशेष योगदान रहा है। इस मौके पर बधाई देने वाले में जगद्गुरू राम दिनेशाचार्य, महंत माधव दास,महंत अजीत दास, महंत कृपालु रामभूषण दास, महंत बलराम दास, महंत सत्यदेव दास, महंत महेश दास, सुमित भूषण सिंह, महंत बालयोगी रामदास, लोकप्रिय सांसद बृजभूषण शरण सिंह के अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी, संकट मोचन सेना के जिलाध्यक्ष अभिषेक दास, गद्दी नशीन के शिष्य मामा दास, प्रेममूर्ति कृष्ण कांत दास, अभय दास, अंकित दास, राजू जी, शिवम श्रीवास्तव, भोलू भाई, सुनील दास, रोहित शास्त्री, देवव्रत पाण्डेय, विकास गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।