: श्री अखिल भारतीय पंचरामानंदीय निर्वाणी अनी अखाड़ा उतरा परमहंस महाराज के समर्थन में
Mon, Sep 5, 2022
एकबार फिर आद्यजगद्गुरू रामानन्दाचार्य चौराहे, मार्ग व भव्य मूर्ति के लिए महंत संजय दास ने भरी हुंकार
संत समाज के मान सम्मान व स्वाभिमान के लिए हनुमानगढ़ी सदैव तैयार
अयोध्या। श्री अखिल भारतीय पंचरामानंदीय निर्वाणी अनी अखाड़ा उतरा परमहंस महाराज के समर्थन में। साेमवार काे अखाड़ा के सैंकड़ाे संत-महंत व नागातीत साधु तपस्वी छावनी आश्रम पहुंचे। जहां उन्हाेंने परमहंसाचार्य काे अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर धर्मसम्राट श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के उत्तराधिकारी शिष्य संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि सर्वेश्वर दास महाराज के महंताई के समय भी विवाद हुआ था उस समय हनुमानगढ़ी के सभी नागा एकमत होकर के आचार्य पीठ तपस्वी छावनी का महंत बनाया था आज उनके ना रहने पर एक बार फिर वही विवाद उठ खड़ा हुआ है जिसमें सभी पंच रामानंदी निर्वाणी अनी अखाड़ा के संत महंत एकमत होकर के तपस्वी छावनी के महंत बनाने का परमहंस महाराज का समर्थन करते हैं क्योंकि वह संत हैं और निश्चित ही आश्रम की व्यवस्था को सही रूप से संचालित करेंगे। महंत संजय दास ने कहा कि जगद्गुरू रामानन्दाचार्य हमारे सम्प्रदायाचार्य है। उनके नाम पर अयोध्या में भव्य चौराहा व उनकी दिव्य प्रतिमा स्थापित हो साथ ही रोड का नाम भी भगवान रामानन्दाचार्य जो के नाम से हो उसका सभी साधु संतों ने एकसुर में समर्थन किया।
महंत माधव दास महाराज ने कहा कि तपस्वी छावनी आचार्य पीठ है और हमारा गुरु घर आना है हमारा तड़ से पारिवारिक संबंध है इसीलिए इस पीठ का महंत नियुक्त करने का अधिकार हनुमानगढ़ी को है और आज सभी संत एक साथ परमहंस दास को तपस्वी छावनी का पीठाधीश्वर महंत बनाने का समर्थन करते है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने कहा कि मैं सभी संतो का सम्मान करता हूं और अगर अतीत में मुझसे कोई भूल हुई है तो मैं उसके लिए क्षमा प्रार्थी भी हूं मैं यह आश्वासन देता हूं कि गौ सेवा संत सेवा विद्यार्थी सेवा निरंतर आश्रम में चलता रहेगा और हिंदू राष्ट्र के लिए जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी महाराज के द्वारा बनाए गए सिद्धांतों का पालन करते हुए वैष्णो धर्म का पालन करते हुए देश के और वैष्णो समाज के लिए लड़ता रहूंगा और संत समाज जो कहेगा उसका शत-प्रतिशत पालन करूंगा। कार्यक्रम का संचालन हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य गद्दी नशीन महंत प्रेमदास जी महाराज के शिष्य महंत डॉ महेश दास ने किया। इस मौके पर हरिद्धारी पट्टी के महंत मुरलीदास, महंत बलराम दास,महंत नंदराम दास, महंत सत्यदेव दास, महंत इन्द्रदेव दास, महंत सरोज दास, राजेश पहलवान, मामा दास, मनीराम पहलवान, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास सहित सैकड़ों नागा साधु संत उपस्थित रहे।
: उदासीनाचार्य आत्मनिष्ठ दृढ़ संकल्प योग साधाना व पारदर्शिता के धनी: डा भरत दास
Mon, Sep 5, 2022
श्रीचंद्र भगवान ने भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिये शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर तथा गणपत्य मतावलंवियों को संगठित कर पंचदेवोपासना की प्रतिष्ठा की
संगत उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली मंदिर सनातन धर्म की धरोहर
श्रीचंद्र भगवान का 528वां प्रकाशोत्सव सादगीपूर्ण माहौल मे मनाया गया
अयोध्या। उदासीन संप्रदाय के संस्थापक भगवान श्री चंद्र जी का पूरा जीवन सनातन धर्म के प्रचार व प्रसार में समर्पित रहा। उनके द्वारा उदासीन आश्रमों का शिलान्यास करके सनातन धर्म को नई गति देने का प्रयास किया गया। अयोध्या में स्थापित संगत उदासीन ऋषि आश्रम जो कि सनातन धर्म की धरोहर हैं। यहां पर सनातन परंपरा को प्रफुल्लित धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन गुरुकुल प्रथा को जीवित रखने व समाज की सेवा के कार्य किए जा रहे है। 5 सितंबर यानी आज सोमवार को भगवान श्री चंद्र जी का 528वां जयंती महोत्सव मनाया गया। बाबा संगत बक्स जी की तपोस्थली उदासीन ऋषि आश्रम के युवा महंत डॉ भरत दास जी महाराज ने बताया कि श्री चंद्र भगवान का प्रकाशोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सबसे पहले आश्रम की परंपरा के अनुसार अभिषेक पूजन अर्चन किया गया।
श्री दास ने बताया की उदासीनाचार्य भगवान श्री चंद्र जी महाराज का जन्म प्रादुर्भाव भाद्रपद शुक्ल नवमी विक्रम संवत 1551 में माता सुलक्ष्णा के गर्भ से गुरु नानक जी के पुत्र के रूप में जन्म लिया था।।श्री चंद्र जी महाराज आत्मनिष्ठ दृढ़ संकल्प योग साधाना व पारदर्शिता के धनी थे। भगवान श्री चंद्र महाराज ने जन कल्याणार्थ अनेक रचनाएं की हैं। श्री भरत दास जी महाराज ने बताया की अयोध्या में श्री चंद्र भगवान की ही प्रेरणा से पूरा आश्रम पुष्पित पल्लवित हो रहा है और आज उनकी 528 वी जयंती उत्सव मनाया जा रहा है। महंत डा भरत दास ने कहा कि श्रीचंद्र भगवान ने भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिये शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर तथा गणपत्य मतावलंवियों को संगठित कर पंचदेवोपासना की प्रतिष्ठा की। उन्होंने कहा कि उदासीनाचार्य जी वैदिक कर्मकाण्ड के पूर्ण समर्थक थे। उन्होनें ज्ञान-भकित के समुच्चय सिद्धांत को प्रतिपादित किया। उन्होनें करामाती फकीरों, सूफी संतों, अघोरी तांत्रिकों और विधर्मियों को अपनी अलौकिक सिद्धियों और उपदेशों से प्रभावित कर वैदिक धर्म की दीक्षा दी। बाह्माडम्बर, मिथ्याचार अवैदिक मत-मतान्तरों, पाखंडों का खंडन कर श्रुति-स्मृति सम्मत आचार-विचार की प्रतिष्ठा की। भावात्मक एवं वैचारिक धरातल पर जीव मात्र की एकता का प्रतिपादन किया। जाति-पांति, ऊँच-नीच, छोटे-बड़े के भेदभाव को समाप्त कर मानव मात्र की मुकित की राह दिखाई।
: मुलायम सिंह यादव शिक्षक सम्मान से नवाजे गये पांच शिक्षक
Sun, Sep 4, 2022
डॉ. करुणेश तिवारी, डॉ. त्रिलोकी यादव, रामनिहोर, अख्तर बानो व प्रीति सिंह को किया गया सम्मानित
अयोध्या। समाजवादी पार्टी कार्यालय गुलाबाड़ी पर शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर समाजवादी शिक्षक सभा द्वारा जिले के पांच शिक्षकों को मुलायम सिंह यादव शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। सम्मानित होने वालों में झुनझुनवाला पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. करुणेश तिवारी, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय शारीरिक शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. त्रिलोकी यादव, राजकीय इंटर कॉलेज के उप प्रधानाचार्य रामनिहोर, मुमताज नगर कम्पोजिट विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती अख्तर बानो, प्राथमिक विद्यालय बाहरपुर तारुन की प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्रीमती प्रीति सिंह को माला, अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर भेंट किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव ने कहा कि शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर 5 शिक्षकों को सम्मानित करने का काम विगत कई वर्षों से चला रहे। पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन व शिक्षक सभा के निवर्तमान जिला अध्यक्ष दान बहादुर सिंह को बधाई देते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव शिक्षक सम्मान देकर पूरे प्रदेश में शिक्षकों का मान-सम्मान बढ़ाने का काम किया है। कई ऐसे शिक्षक को सम्मान मिला है जोकि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित हो चुके। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ऐसे नेता हैं जिन्होंने रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा पर सबसे ज्यादा काम किया है। सम्मान संस्थापक पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अपने कार्यकाल में शिक्षक, शिक्षा, बेरोजगारी, नौजवान, दलित, मजदूर, किसान, अगड़ा- पिछड़ा, अल्पसंख्यक सहित सभी के लिए जो कल्याणकारी काम किया है प्रदेश की जनता आज भी याद कर रही हैं। नेताजी ने शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों का सबसे ज्यादा सम्मान किया है उसको शिक्षक आज भी याद करते हैं। ऐसे नेता के नाम से शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर 5 शिक्षकों को मुलायम सिंह यादव शिक्षक सम्मान देकर मुझे और समाजवादी परिवार को गौरवान्वित महसूस होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आयोजक समाजवादी शिक्षक सभा निवर्तमान जिला अध्यक्ष दान बहादुर सिंह ने सभी अतिथियों के साथ आए हुए शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन द्वारा चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम से शिक्षकों में भी उत्साह का माहौल रहता है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सभा के निवर्तमान जिला महासचिव डॉ. घनश्याम यादव ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक जयशंकर पाण्डेय, नि. जिलाध्यक्ष गंगासिंह यादव, नि. महानगर अध्यक्ष श्यामकृष्ण श्रीवास्तव, वरिष्ठ नेता छेदी सिंह, नि. महासचिव बख्तियार खान, नि. महानगर महासचिव हामिद जाफर मीसम,, राम अचल यादव, छोटेलाल यादव, अमृत राजपाल, रामलखन यादव, ओपी पासवान, सरोज यादव, अर्पणा जायसवाल, अवधेश यादव, संजीत सिंह, गौरव पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, शहबाज लकी आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।