: स्वामी नारायण मंदिर में गणपति बप्पा मोरिया की मची धूम
Thu, Sep 1, 2022
रामनगरी के स्वामी नारायण मंदिर में गणेश उत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ, हुई महाआरती
नर नारायण देव गादीपति आचार्य मोटा महाराज ने मानवता व अध्यात्म का संदेश देने वाले स्वामी नारायण सम्प्रदाय के बारे में लोगो को रुबरु कराया: अखिलेश्वर शास्त्री
अयोध्या। बुधवार से रामनगरी गणेशोत्सव में मगन हो गई। भगवान राम की नगरी में पार्वती पुत्र गणेश के जन्मोत्सव का श्रीगणेश हुआ। रामनगरी में स्वामी नारायण संप्रदाय के आद्य संस्थापक घनश्याम महाराज की बाल्य स्थली स्वामीनारायण मंदिर रायगंज में प्रथमेश विराजमान हुए तो गणपति बप्पा मोरया के जयकारे के साथ पूजन आरंभ हो गया। बाल गणेश की प्राकट्य की बेला पर पूजन-स्तवन और शत-शत नमन करते भक्तों का मन भक्ति में रमा रहा। गणपति बप्पा दरबार में भक्तों ने शीश झुकाया। मंदिर के महंत अखिलेश्वर दास शास्त्री के अध्यक्षता में भगवान गणेश का भव्य श्रृंगार, पूजन एवं आरती के विधान संपादित किए गए। मंदिर के महंत शास्त्री अखिलेश्वर दास जी महाराज ने कहा कि यह महोत्सव जल झूलनी एकादशी तक चलेगा। जल झूलनी एकादशी को मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकलेगी जो भगवान गणेश जी की पालकी व विराजमान ठाकुर जी की पालकी के साथ निकलेगी। मां सरयू नदी पर भगवान को नौका विहार कराके प्रसाद वितरण होगा। इसके बाद भगवान गणेश जी का विसर्जन होगा। इसके बाद विराजमान ठाकुरजी की पालकी पुनः मंदिर वापस आएगी।
ज्ञातव्य हो स्वामी नारायण सम्प्रदाय का स्वर्णिम इतिहास बिना नर नारायण देव गादीपति आचार्य मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद के बिना सम्भव ही नही है। महाराज तेजेन्द्र प्रसाद जी ने स्वामी नारायण सम्प्रदाय का डंका न सिर्फ भारत अपितु पूरी दुनिया में बजाया है। मानवता व अध्यात्म का संदेश देने वाले स्वामी नारायण सम्प्रदाय के बारे में लोगो को रुबरु कराया। गुजरात के गलियों गलियो में घर घर जाकर भगवान स्वामी नारायण जी की महिमा का गुणगान कर लोगो को सम्प्रदाय से जोड़ा। आज वर्तमान में उनके बेटे नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज उनकी विरासत को समेटे हुए सम्प्रदाय को आगे बढ़ा रहे है। अयोध्या के समीप गोंडा की अलख गुजरात तक पहुंच कर पूरी दुनिया को मानवता व अध्यात्म का संदेश देने वाले स्वामी नारायण सम्प्रदाय के आराध्यदेव बाल स्वरूप घनश्याम प्रभु की जन्मस्थली छपिया से 60 किलोमीटर दूर रामनगरी अयोध्या में नूतन भव्य भवन का निर्माण है जो स्वामी नारायण मंदिर रायगंज के नाम से सुप्रसिद्ध है।
: विशुद्ध चित्त ही वसुदेव है और देवकी निष्काम भक्ति: राधेश्याम शास्त्री
Thu, Sep 1, 2022
मन ही हमारे बंधन और मोक्ष का कारण है: गोपाल कृष्ण
जानकी महल ट्रस्ट में व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा कर रहे वृंदावन धाम से पधारे गोपाल कृष्ण
अयोध्या। आध्यात्मिक योग मोक्ष का साधन है। मन ही हमारे बंधन और मोक्ष का कारण है। जब संत पुरुषों का संग होता है तो मन सतोगुण संयुक्त होकर भगवत चिंतन करता है जो ही मुक्तिका कारण भी बन जाता है।
उक्ताशय के उद्गार रामनगरी के जानकी महल ट्रस्ट में आयोजित श्रीमद् भागवत महोत्सव के तृतीय दिवस वृंदावन धाम से पधारे प्रख्यात कथावाचक गोपाल कृष्ण महाराज जी ने भागवत कथा में कपिल भगवान व माता देवहूति प्रसंग का वर्णन करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब कर्म अथवा यज्ञ का उद्देश्य परमेश्वर के लिए होता है तो वह सफल होता है। कर्मों के उपभोक्ता तो वास्तव में ईश्वर ही है वही हमें कर्म फल प्रदान करते हैं। मनुष्य को अपने माता पिता, गुरु व अपने श्रेष्ठ का अपमान नहीं करना चाहिए। गुरु ज्ञान का दाता है, जो जीवन को परम लक्ष्य परमात्मा से मिलाता है। गोपाल कृष्ण जी ने कहा कि मनुष्य का जीवन अद्भुत है। एक बार ही मिलता है। मनुष्य ने जीवन को रसिकता के साथ जीना चाहिए। जीवन के प्रत्येक क्षण को अमूल्य मानकर उसका महत्तम आनंद उठाना, जीवन को सार्थक बनाता है। आनंद ईश्वरस्वरुप होता है। इसलिए दुखों को ज्यादा देर अपने मन में संजोये नहीं रखना चाहिए। यह महोत्सव पूज्य राधेश्याम शास्त्री जी महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा है।
श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में श्रीकृष्ण नंद महोत्सव प्रसंग पर पूज्य राधेश्याम शास्त्री जी महाराज ने कहा कि विशुद्ध चित्त ही वसुदेव है और देवकी निष्काम भक्ति। इन दोनों के मिलन होने पर भगवान कृष्ण का जन्म होता है। जब बुद्धि ईश्वर का अनुभव करती है, तब संसार के सारे विषय बंधन टूट जाते है। जो भगवान को अपने मष्तक पर विराजमान करता है, उसके लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते है। कथा के शुभांरभ पर व्यासपीठ का पूजन आयोजक गीता देवी, कमला देवी, गिरवरलाल मोदी एवं समस्त मोदी परिवार करैरा ने किया। इस अवसर पर कन्हैयालाल पोद्दार, गोपाल जी पोद्दार सहित बड़ी संख्या में कथा प्रेमी मौजूद रहें।
: नाका हनुमानगढ़ी में रघुपति लड्डू प्रसादम् काउन्टर खुला
Thu, Sep 1, 2022
पौराणिक पीठ हनुमानगढ़ी नाका में शुद्ध गाय घी का चढेगा प्रसाद
अयोध्या। गणेश चतुर्थी की पावन बेला में बुद्धवार की रात्रि में अयोध्या के प्रसिद्ध सिद्ध पौराणिक पीठ हनुमानगढ़ी नाका मंदिर में अयोध्या प्रमण्डल के आयुक्त नवदीप रिनवा ने रघुपति लड्डू का श्रीगणेश किया। रघुपति लड्डू तिरूपति के कुशल कारीगरों द्वारा अयोध्या के अमावा राम मंदिर में
बनाया जाता है। अपनी पूर्ण शुद्धता एवं बेजोड़ स्वाद के कारण यह पिछले एक साल में भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है।किन्तु श्रीरामजन्मभूमि के पास अमावा राम मंदिर के होने कारण वहां तक लोगो का पहुँच पाना मुश्किल होता था। अतः अयोध्या के बाहर रघुपति लड्डू प्रसाद के सुलभ होने की जरूरत महसूस की जा रही थी।
सिद्ध पौराणिक पीठ हनुमानगढ़ी नाका के महंत श्री रामदास महाराज जो हर चीज में शुद्धता एवं सात्विकता
के समर्थक है। अतः वे इसके लिए आगे आए और उन्होनें अपने मंदिर में शुद्ध गाय घी का प्रसाद चढे, इस भावना से प्रेरित होकर अमावा मंदिर ट्रस्ट निखिल भारतीय तीर्थ विकास समिति को रघुपति लड्डू प्रसादम् का काउन्टर खोलने का स्थान दिया और आयुक्त नवदीप रिनवा ने इसका उद्घाटन किया। अपने स्वागत भाषण में महंत रामदास महाराज ने किशोर कुणाल और उनके द्वारा संचालित पटना के मंदिरों एवं अस्पतालों की भूरि भूरि प्रशंसा की तथा यह कहा की उनके मंदिर में शुद्ध गाय घी का बना रघुपति प्रसाद चढेगा। आयुक्त नवदीप रिनवा ने बताया कि हाल ही में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के स्थायी ट्रस्टी के परासरन के साथ अमावा मंदिर गए थे और वहां उन्होने देखा कि राम रसोई में बहुत सारे लोग भोजन कर रहे थे। अमावा मंदिर ट्रस्ट के सचिव किशोर कुणाल ने बताया कि अमावा मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों में के. परासरन तथा रामायण सीरियल के निर्माता निर्देशक स्व रामानन्दसागर तथा सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायधीश के वेंकटस्वामी थे। उन्होनें यह भी बताया कि रघुपति लड्डू की यात्रा कैसे पटना पहुँची और वहां से अयोध्या में आगमन हुआ। पटना हनुमान मंदिर में महीने में औसतन सवा लाख किलो लड्डू बिकता है और उसकी बचत से अयोध्या में राम रसोई चलती है, जिसमें औसतन प्रतिदिन ढाई हजार व्यक्ति निःशुल्क भोजन करते है। श्री रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने भी अमावा मंदिर के सत्कार्यो एवं रघुपति लड्डू की प्रशंसा की। मंच का संचालन अमावा मंदिर के ट्रस्टी धनुष वीर सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अतुल सिंह ने किया। इस अवसर पर बहुत वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी तथा शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।