: बैदरापुर गोशाला के पास मवेशियों के मिले कई कंकाल, मचा हड़कम्प
Mon, Sep 12, 2022
कंकाल खरीद- बिक्री से जुड़े पांच लोग हिरासत में, एसडीएम ने शुरू करवाई जांच
हाजी फिरोज खान गब्बर ने भाजपा सरकार को गौ सेवा पर उठाया सवाल - कहा, भाजपा हर बात पर सिर्फ राजनीति करती है
सोहावल। सोहावल क्षेत्र अंतर्गत बैदरापुर गोशाला के पास भारी मात्रा में मृत मवेशियों के कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस कंकाल की खरीद और बिक्री के धंधे से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जबकि मामले की जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात एसडीएम सोहावल ने कही है।
रविवार दोपहर बाद बैदरापुर पशु आश्रय स्थल के पास मृत मवेशियों के कंकाल को कुछ लोग एक वाहन पर लादकर ले जाने वाले थे। इसकी भनक मीडिया कर्मियों को लग गई। इस दौरान वाह्य जनपद के मीडिया कर्मी पहुंच कर वीडियो बनाने लगे। इसके बाद गोशाला संचालकों सहित गांव में हलचल मच गया। हालांकि गोशाला के पास वाहन में भरे मृत मवेशियों के कंकाल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ थाना प्रभारी रौनाही अक्षय कुमार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान मृत मवेशियों के कंकाल की खरीद और बिक्री से जुड़े पांच लोगों को पुलिस पकड़ कर थाने पर ले आई। जबकि ममाले की जानकारी मिलने पर एसडीएम सोहावल मनोज श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय लेखपाल को भेजकर मामले की जांच पड़ताल भी शुरू करवा दिया है। स्थानीय लोग दबी जुबान यह सवाल उठा रहे थे कि गोशाला के मृत मवेशियों को दफनाने के बजाय कौवे और कुत्तों के लिए छोड़ रखा जाता है। बाद में कंकाल को बेच दिया जाता है। जबकि मृत मवेशियों को गोशाला में दफनाने का शासनादेश है।
समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय नेता बीकापुर विधानसभा प्रत्याशी हाजी फिरोज खान गब्बर ने यह आरोप लगाया कि गोशाला की देखभाल में भी लापरवाही बरतते हैं। इस वजह से खान पान और सेवा के अभाव गोवंशीय मवेशियों की गोशाला में मौत हो जाती है। मवेशियों के मृत शरीर का अंतिम संस्कार भी ठीक तरह से नहीं होता। पक्षी और कौवे नोंचकर खाते हैं। बाद में गोशाला में पड़े मृत मवेशियों के कंकाल बेचने का भी धंधा होता है।गब्बर ने भाजपा सरकार को गौ सेवा पर सवाल उठाया। कहा भाजपा सरकार हर बात पर सिर्फ राजनीति करती है।
हालांकि गोशाला के पास पिकप पर भारी मात्रा में कंकाल मिलने से क्षेत्र में हलचल मच गयी है। एसडीएम सोहावल मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए बीडीओ सोहावल और पशु चिकित्साधिकारी को जांच सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि कंकाल गोशाला के मवेशियों के हैं। इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। जांच पड़ताल करवाई जा रही है।
: गुरु और शिष्य की परंपरा आज भी संतो की उदासीन परंपरा में संरक्षित
Mon, Sep 12, 2022
बाबा संगत बक्स उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली में गुरु पर्व महोत्सव सादगी के साथ शुरु
20 को गुरु पर्व का मुख्य उत्सव, धर्म ध्वजा का होगा विशेष पूजन व आश्रम में समाधिस्थ महापुरुषों को दी जायेगी श्रद्धांजलि
अयोध्या। गुरु और शिष्य की परंपरा आज भी संतो की उदासीन परंपरा में संरक्षित है। वैसे तो पूरी राम नगरी अयोध्या में गुरु शिष्य की परंपरा अपने रस की सुगंध से महकती रहती है लेकिन त्याग तपस्या की प्रमुख सिद्ध पीठ बाबा संगत बक्स उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली में प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष के अवसर पर अपने गुरु स्मृति में समारोह से गुंजायमान होती रहती है। प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में अपने गुरुओं को नमन करने इस परंपरा से जुड़े हजारों शिष्य देश के कोने-कोने से आश्रम में पहुंचते थे और नमन करते थे। उदासीन ऋषि आश्रम के युवा महंत डॉ भरत दास जी महाराज ने बताया गुरु पर्व मनाया जा रहा है जिसमें 12 सितंबर से ही श्रीमद् भागवत महापुराण का पाठ प्रारंभ कर दिया गया जिसका पारायण 18 सितंबर को होगा। उन्होंने बताया कि 200 वर्ष पहले भजनानंदी सिद्ध संत संगत बक्स बाबा ने इस आश्रम की स्थापना की थी और देश के कोने कोने में उनके शिष्य थे और वह सभी लोग गुरु पर्व के अवसर पर आश्रम में आकर के गुरु भगवान को नमन करते थे। संगत बाबा के साथ आश्रम से जुड़े सभी यशस्वी संतो को याद किया जाएगा।
19 सितंबर को राम चरित मानस पाठ शुरु होगा जिसका समापन 20 को होगा। इसके साथ ही धर्म ध्वाजा का विशेष पूजन व आश्रम में समाधिस्थ महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी जायेगी। गुरु पर्व का समापन 22 सितंबर को आयाराम अखाड़े में भंडारे के साथ होगा।
: जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से तपस्वी छावनी के महंथी विवाद का हुआ पटाक्षेप
Sun, Sep 11, 2022
साकेतवासी महंत सर्वेश्वर दास महाराज का संयुक्त रुप से 12 सितंबर को होगा तेरहवीं भंडारा, महंत पद का निर्णय न्यायालय पर छोड़ा
अयोध्या। 30 अगस्त से आचार्य पीठ तपस्वी छावनी में चल रहा महंथी के विवाद जिला प्रशासन के पहल पर हुआ पटाक्षेप। सभी अटकलों पर लगा विराम दोनों पक्ष साकेत वासी महंत सर्वेश्वर दास महाराज का संयुक्त रुप से 12 सितंबर को करेंगे तेरहवीं का भंडारा महंत पद का निर्णय न्यायालय पर छोड़ा गया। डीएम नीतीश कुमार ने बताया कि अयोध्या के संतो के पहल से विवाद को सर्वसम्मति से हल कर लिया गया है। 12 तारीख को सभी लोग मिलकर के महाराज जी के तेरहवीं पर भंडारा करेंगे इस पर कोई बात विवाद नहीं होगा। एसएसपी प्रशांत वर्मा ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था जैसे पहले थी वैसे चलती रहेगी दोनों पक्षों के सहमति से सभी काम होंगे कोई विवाद होने की संभावना नहीं है फिर भी सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रहेगी।
परमहंस आचार्य ने बताया की पूज्य साकेत वासी महंत सर्वेशर दास के साकेत वास के उपलक्ष्य में 12 तारीख को भंडारा सुनिश्चित हुआ है जो हमारे और दिलीप दास महाराज के सहयोग से संपन्न होगा महंती का निर्णय न्यायालय पर छोड़ दिया गया है जो न्यायालय निर्णय लेगा वह हम लोगों को सर्वमान्य होगा। उन्होंने कहा कि हमारे बीच जो थोड़ी बहुत मतभेद था उसको समाप्त कर लिया गया है अब कोई विवाद नहीं है मैं सभी संतो के चरणों में दंडवत करते हुए क्षमा मांगता हूं कि अगर मन क्रम वचन से मुझसे कुछ भूल हो गई हो या मैंने अपशब्द कहा हो तो मुझे क्षमा करें और सभी लोग आपसी सहयोग से भंडारे को संपन्न कराएं।
जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद के महंत दिलीप दास महाराज ने बताया कि कोई भी किसी प्रकार का मतभेद नहीं है 200 महंतों के बीच भंडारा संपन्न होगा और आपसी मतभेद को समाप्त कर लिया गया है हमारे बीच में अब कोई विवाद नहीं है जो भी न्यायालय में में निर्णय होगा वह मान्य होगा। जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया कि अयोध्या के सभी संतो महंतों के सुझाव से और आपसी सहमति से निर्णय लिया गया जो सभी को सर्वमान्य है और 12 सितंबर को सभी की उपस्थिति में भंडारा होगा। उन्होंने कहा कि मैं जिला प्रशासन का भी धन्यवाद देता हूं जो इतनी सूझबूझ के साथ समस्या का हल कराया और सभी पूज्य संतों महंतों को भी मैं धन्यवाद देता हूं कि आपसी सहमति से सारे काम संपन्न होंगे।इस मौके पर हनुमानगढ़ी के महंत माधव दास,संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास, मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, विन्दुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य की शिष्य मंगल पीठाधीश्वर कृपालु राम भूषण दास, महंत बलराम दास, हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डॉक्टर महेश दास,महंत डॉ रामानंद दास, वैद्य मंदिर के महंत राजेंद्र दास, खाक चौक के श्री महंत बृजमोहन दास, संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास, हनुमानगढ़ी के महंत नंदराम दास, पुजारी हेमंत दास, मामा दास, अभिषेक दास सहित दर्जनों संत महंत उपस्थित रहे।