: कबीर के रास्ते पर चलकर ही प्राप्त होगा वैश्विक मानवतावाद
Thu, Oct 6, 2022
तीन दिवसीय कबीर मेला व सत्संग समारोह का हुआ समापन
अयोध्या। कबीर मंदिर जियनपुर में हर वर्ष की भांति इस बार भी मंदिर के संस्थापक सद्गुरु रामसूरत साहब एवं निर्माणकर्ता उदार साहब की स्मृति में तीन दिवसीय कबीर मेला एवं सत्संग समारोह आयोजित किया गया। बृहस्पतिवार को महोत्सव का समापन सत्र संतों के प्रवचन एवं भजन के साथ संपन्न हुआ। कबीर मंदिर के संस्थापक उपाध्यक्ष वरिष्ठ संत निहाल साहेब की अध्यक्षता में आयोजित समापन सत्र के मुख्य अतिथि काठमांडू नेपाल स्थित कबीर आश्रम के महंत आचार्य संतोष साहेब रहे। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित संतों एवं भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य संतोष साहेब ने कहा कि संत शिरोमणि कबीर साहेब ने अपने संदेशों में 5 सौ वर्ष पूर्व जो बातें कही थी उसकी प्रासंगिकता सार्थकता एवं महत्ता आज भी कम नहीं हुई है। वह एक युग दृष्टा क्रांतिकारी संत थे जिन्होंने सर्व समाज की शांति प्रगति एवं खुशहाली के लिए सार्वभौमिक जीवन मंत्र दिए हैं। कबीर के रास्ते पर चलकर ही वैश्विक मानवतावाद का उत्कृष्ट स्वरूप प्राप्त किया जा सकता है। समापन समारोह में पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य बौद्ध अरविंद सिंह पटेल, कबीर मंदिर समिति के मंत्री विवेक ब्रह्मचारी, संत रामप्रकाश दास, भुवनेश्वर दास, युवराज दास, राम लाल दास, कबीर आश्रम बोहारा छत्तीसगढ़ से आए रविंद्र दास, राधेश्याम दास, डॉ जितेंद्र राव, केजीएमयू आदि प्रमुख लोगों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य निर्मल कुमार वर्मा ने किया कार्यक्रम के प्रारंभ में मंदिर समिति के अध्यक्ष महंत उमाशंकर ने सभी संतो एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर राम अभिलाष वर्मा, अमरनाथ यादव, एडवोकेट बालकिशन पाल सुनील कुमार वर्मा वरिष्ठ पत्रकार पंवन पांडे अमरनाथ वर्मा, भानु प्रताप सिंह, बलराम वर्मा, कृष्णा प्रसाद वर्मा, विनोद कुमार, संत शील दास, सोनू, श्याम मूर्ति यादव एडवोकेट आदि प्रमुख गणमान्य जन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
: विजयदशमी को अयोध्या से रवाना होगी श्रीराम दिग्विजय रथयात्रा
Mon, Oct 3, 2022
रामराज्य रथ यात्रा नेपाल से होते हुए 27 राज्य के 15000 किमी की दूरी 60 दिनों में तय करेगी
अयोध्या। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस बार यूनाइटेड सोवियत की श्री रामदास मिशन संस्था विजयदशमी 5 अक्टूबर को अयोध्या से श्रीराम दिग्विजय रथयात्रा निकालेगी। यह रथ यात्रा पड़ोसी देश नेपाल से होते हुए कुल 27 राज्य के 15 हजार किलोमीटर की दूरी 60 दिनों में तय करेगी और गीता जयंती पर वापस अयोध्या लौट यात्रा का समापन होगा।
यात्रा का उद्घाटन मंगलवार की शाम 4 बजे श्रीराम सत्संग भवन, संत तुलसीदास योग एवं प्राकृतिक चिकित्सालय परिसर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास के हाथों होगा। जिसमें ट्रस्ट महासचिव चंपत राय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।यह जानकारी देते हुए सोमवार को रथ यात्रा के संरक्षक महंत कमलनयन दास और सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि तैयारियां पूरी हो गई हैं। आकर्षक राम मंदिर मॉडल रूपी रथ रामनगरी अयोध्या पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में मिशन और केएनएचए तथा हिंदू एैक्य वेदी केरल के संस्थापक जगतगुरु सत्यानंद सरस्वती, विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय संत समिति के सहयोग से वर्ष 2019 में रामेश्वरम से अयोध्या तक, वर्ष 2018 में अयोध्या से रामेश्वरम तक रामराज्य यात्रा और 1991 में उडुपी के मूकंबिका देवी मंदिर से कन्याकुमारी तक राम रथ यात्रा निकाली जा चुकी है। श्रीराम की दिग्विजय यात्रा के माध्यम से सरकार से इंडिया को भारत घोषित करने भारतीय शिक्षा में रामायण तथा असली इतिहास को शामिल करने की मांग की जाएगी। दिग्विजय यात्रा को अश्वमेघ यज्ञ की तर्ज पर विश्व कल्याण के लिए किया जा रहा है। विजयदशमी से गीता जयंती के बीच आयोजित इस रामराज्य रथ यात्रा के लिए समिति का गठन कर लिया गया है और तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस मौके पर विहिप के राजेंद्र सिंह पंकज व प्रान्तीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा मौजूद रहें।
: सज कर तैयार हुआ 108 कुण्डीय अद्वितीय श्रीराम मंत्र महायज्ञ स्थल
Mon, Oct 3, 2022
बुधवार से होगा रामभक्तों का महाकुंभ, जुटेंगे लाखों रामभक्त,13 करोड़ षड़ाक्षर श्रीराम मंत्र से गुंजायमान होगी रामनगरी
5 को बैड बाजे हाथी घोड़े के मध्य 2 दर्जन रथों के साथ 1 लाख रामभक्तों की निकलेगी भव्य कलश यात्रा
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या में बुधवार से प्रारंभ हो रहा श्रीराम मंत्र महायज्ञ। जिसमें 1 करोड 30 लाख आहूतियां डाली जाएंगी साथ ही 501 जापको द्धारा 13 करोड़ षड़ाक्षर श्री राम मंत्र का जप भी होगा। कार्यक्रम की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
महोत्सव का भव्य शुभारंभ 5 अक्टूबर बुधवार से होगा। जिसमें लाखों रामभक्त सिर पर कलश, पोथी लेकर नाचते गाते निकलेंगे। इस यात्रा की अगुवानी रामनगरी समेत पूरे भारत से आये विशिष्ट संत धर्माचार्य करेंगे।कलश यात्रा में बैड बाजे हाथी घोड़े के मध्य 2 दर्जन रथों पर भवगान के स्वरूप समेत अति विशिष्ट धर्माचार्य विराजमान होकर निकलेंगे। दिव्य यात्रा पर जगह जगह नगर वासी पुष्प वर्षा करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमद जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्रीवल्लभाचार्य महाराज जी कर रहें। महोत्सव के लिए रामबल्लभाकुंज में विशाल 9 मंजिलें का यज्ञ मंडप बनकर तैयार हो गया है। साथ ही जानकी घाट बड़ा स्थान में कथा मंडप भी बनकर तैयार हो गया है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए श्रीमद जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्रीवल्लभाचार्य ने बताया गौरांग महाप्रभु प्रेमावतार हमारे श्री गुरुदेव सरकार श्री रामहर्षण देवाचार्य महराज द्वारा संपन्न श्रीमंत्र राज अनुष्ठान के रजत जयंती समारोह पर यह आयोजन हो रहा। महोत्सव का भव्य शुभारंभ 5 अक्टूबर बुधवार को कलश यात्रा के साथ होगा। जिसमें लाखों रामभक्त शामिल होगे। कार्यक्रम में 11 से 13 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय विश्वस्तरीय विराट संत सम्मेलन होगा। देश के सभी संप्रदाय के सभी धर्माचार्य इस सम्मेलन में उपस्थित होंगे साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक डॉ राजेंद्रदेवाचार्य महाराज की श्रीमद्भागवत महापुराण कथा श्री रामचरितमानस का पाठ श्रीमद् बाल्मीकि रामायण व प्रेम रामायण का पाठ और वृंदावन की प्रसिद्ध चैतन्य महाप्रभु की लीला भी होगी।