: लता मंगेशकर भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में स्वर की देवी है: जगद्गुरू परमंहस आचार्य
Thu, Aug 18, 2022
जगतगुरु परमहंस आचार्य को मथुरा जाने के ऐलान से अयोध्या प्रशासन हुई सतर्क
अयोध्या। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य के श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा जाने के ऐलान के मद्देनजर अयोध्या प्रशासन हुई सतर्क परमहंस महाराज के मंदिर पर बढ़ाई गई फोर्स। कुछ दिन पूर्व परमहंस महाराज ने अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि के तर्ज पर काशी और मथुरा को मुक्त कराने का ऐलान किया था और कहा था कि भगवान श्री कृष्ण के जन्माष्टमी पर वह मथुरा जाएंगे जहां पूजन अर्चन करने के बाद कृष्ण जन्म भूमि की मुक्ति का ऐलान करेंगे और वही सेवा काशी विश्वनाथ पहुंचेंगे जहां आदिदेव विश्वेश्वर भगवान के मुक्ति के लिए पूजन करेंगे और साथ ही साथ भारत में आए आक्रांताओं द्वारा तोड़े गए हिंदू धार्मिक 4 हजार मंदिरों को भी मुक्त कराएंगे। जन्माष्टमी के 1 दिन पहले गुरुवार को 11 बजे परमहंस महाराज अयोध्या से पूछ करते उसके पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं जिससे वह अयोध्या से बाहर मथुरा ना जा सके। साथ ही जगद्गुरू परमहंस आचार्य ने अयोध्या धाम के नया घाट चौराहे का नाम बदलकर स्वर सामग्री भारत रत्न लता मंगेशकर के नाम पर किए जाने पर सरकार की सराहना की और कहा कि लता मंगेशकर भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में स्वर की देवी के रूप में पूजी जाती थी इसलिए उनके नाम पर बन है चौराहे का विरोध नहीं करना चाहिए अयोध्या में जलवान पुरा है गोडियाना है धर्म कांटा है मुगलपुरा है इन नामों का विरोध होना चाहिए और अयोध्या में इनकी कोई जगह नहीं होनी चाहिए बल्कि स्थानों का नाम महापुरुषों धर्म आचार्यों के नाम पर कर देना चाहिए।
: प्रवेश द्वार पर लगे जगतगुरु रामानंदाचार्य की प्रतिमा : महंत संजय दास
Thu, Aug 18, 2022
रामानंदाचार्य भगवान हमारे सम्प्रदायाचार्य है अयोध्या में उनकी दिव्य भव्य प्रतिमा व चौराहा बनना चाहिए, इसके लिए तन, मन व धन से हम सब तैयार
कहा, रामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग का नाम भी भगवान रामानंदाचार्य जी के नाम से हो
अयोध्या। सिद्ध पीठ हनुमान गढ़ी के श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के शिष्य संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने बताया कि अयोध्या का प्रदेश द्वार है नया घाट। अयोध्या में किसी भी मार्ग से कोई आए लेकिन उसे एक बार नया घाट जाना ही पड़ता है इसलिए रामानंदाचार्य भगवान हमारे सम्प्रदायाचार्य है अयोध्या में उनकी दिव्य भव्य प्रतिमा व चौराहा बनना चाहिए। इसके लिए तन, मन व धन से हम सब तैयार है। रामानंदाचार्य भगवान प्रतिमा अयोध्या के प्रवेश द्वार को सुशोभित करेगी। इसलिए प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से संत समाज यही मांग करता है कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य भगवान के नाम से चौराहा हो और वहां पर उन्हीं की मूर्ति लगाई जाए। महंत संजय दास ने कहा लता मंगेशकर जी भारत रत्न है आदरणीया है उनकी प्रतिमा कही और लगाई जाये अयोध्या के प्रवेश द्वार नयाघाट पर पूज्य आदि जगदगुरु स्वामी रामानंदाचार्य जी की प्रतिमा लगें,साथ ही महंत संजय दास ने कहा कि रामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग का नाम भी भगवान रामानंदाचार्य जी के नाम से होना चाहिए।महंत संजय दास ने कहा कि जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वयं राम के अवतार थे।
: लता मंगेशकर के नाम से बन रहे चौराहे का संतों ने जताया विरोध
Thu, Aug 18, 2022
सीएम योगी के योजना के विरोध में संतों हुई बैठक,संतों का आरोप मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे अधिकारी
पीएम मोदी व सीएम योगी को पत्र भेज कर देंगे जानकारी
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के मुख्य प्रवेश मार्ग नया घाट चौराहे को लता मंगेशकर के नाम से बनाए जाने की योजना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा स्वीकृति दिए जाने के बाद कार्य शुरू होते ही अयोध्या कि साधु-संतों योजना का विरोध कर रहे हैं। संतों की माने तो अयोध्या सनातन नगरी है। इसलिए नया घाट चौराहे को जगद्गुरु रामानंदाचार्य के नाम से बनाया जाए। वहीं सन्तो ने इस योजना का विरोध करते हुए बोर्ड न लगाने व उद्घाटन नही होने देने की भी चेतावनी दे दी है।
अयोध्या भव्य मंदिर निर्माण चल रहा है और केंद्र व राज्य सरकार के करोड़ों की योजनाओं से अयोध्या सजाई व सवारी जा रही है इसी क्रम में भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के नाम से नया घाट चौराहे का नामकरण कर 40 फीट ऊंची वीणा लगाने का कार्य विकास प्राधिकरण कर रहा है।जिसका दीपोत्सव में उद्घाटन भी होना है। इसी के विरोध में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज के मंदिर मणिराम दास छावनी में संतों की बैठक हुई जिसमें एक स्वर से अयोध्या के सभी संतो महंतों लता मंगेशकर चौराहे का विरोध किया और जगद्गुरु रामानंदाचार्य भगवान के नाम से चौराहे का नामकरण कर मूर्ति लगाई जाए और राम जन्मभूमि तक जाने वाले मार्ग को उन्हीं के नाम से किया जाए ऐसा प्रस्ताव रखा और कहा की लिखित रूप में यूपी के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को प्रार्थना पत्र भी सौंपेंगे और 2 दिन के अंदर योगी आदित्यनाथ से मिलकर चौराहे का नाम जगद्गुरु रामानंदाचार्य भगवान के नाम पर करने का प्रस्ताव देंगे।
मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि अयोध्या का प्रवेश द्वार नया घाट है और जो भी व्यक्ति अयोध्या आता है वहां निश्चित जाता इसलिए उसका नाम जगतगुरु रामानंदाचार्य भगवान के नाम पर ही रखा जाये दूसरा नाम स्वीकार नहीं। श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास महाराज ने कहा कि अगर सरकार ना बनवाना चाहे तो संत अपने पैसे से चौराहे का निर्माण करेंगे और जगतगुरु रामानंदाचार्य भगवान के नाम से सत्संग भवन भी बनाएंगे। डॉ रामानंद दास महाराज ने कहा कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य भगवान स्वयं राम जी के अवतार थे और अयोध्या रामानंदी संतो की है इसलिए अयोध्या और किसी को स्वीकार नहीं करेगी। तेरा
भाई त्यागी खाक चौक के श्री महंत बृजमोहन दास महाराज ने कहा कि रामानंद भगवान की मूर्ति संतो के आदेशानुसार मैं बनवाकर दूंगा।
नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री को संतो की बात को सुनना होगा और रामानंद भगवान के नाम से चौराहे का उद्घाटन होगा। मंगल पीठाधीश्वर कृपालु राम भूषण दास महाराज ने कहा कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर की मूर्ति अयोध्या में कहीं भी लगाई जा सकती है लेकिन सरयू तट के मुहाने पर भगवान रामानंद भगवान की मूर्ति और चौराहा ही स्वीकार है। राम महल वैदेही भवन के महंत रामजीशरण ने कहा कि नयाघाट अयोध्या जी का मुख्य मार्ग है। मां सरयू जाने वाले इसी रास्ते से जाते है और कोई भक्त जब अयोध्या आता है तो इसी रास्ते से आता है। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य भगवान का प्रतिमा वचौराहे पर लगना चाहिए और उनके नाम से चौराहे को सजाना चाहिए।सरकार को इस बात की गम्भीरता समझनी होगी। अधिकारी योगी जी को गुमराह कर रहे है।करतलिया बाबा आश्रम के महंत बाल योगी रामदास ने कहा कि सरकार को अपने प्रस्ताव को बदलकर संतो की बात मानते हुए नया घाट चौराहे का नामकरण रामानंद भगवान के नाम से कर देना चाहिए। इस अवसर पर महंत बलराम दास हनुमानगढ़ी, महामंडलेश्वर गिरीश दास महामंडलेश्वर अवधेशानंद महाराज अधिकारी छविराम दास महंत कमला दास रामायणी महंत अंजनी शरण महंत राम जी शरण सहित अन्य लोग मौजूद रहे।