: श्रीमद् भागवत कथा मुक्तिदायिनी है: आचार्य स्वामी हरितीर्थ
Sat, Dec 18, 2021
श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा यज्ञ श्री गुरु महाराज की कृपा से हर वर्ष दिसंबर में तीर्थों में होता है:ज्ञान हरि महाराज
शोभायात्रा में शामिल संत साधक
शोभायात्रा में शामिल संत साधक
वृदांवन चित्रकूट नैमिषारण्य बद्रीनाथ व हरिद्वार के बाद इस बार रामनगरी में हो रहा भव्य आयोजन
अयोध्या। वैष्णो सनातन नगरी अयोध्या के बाईपास स्थित सूर्या पैलेस में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए मूल जगतगुरु आचार्य डा स्वामी हरितीर्थ हरिदास जी महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण सभी ग्रंथों का सार है। भागवत पुराण को मुक्ति ग्रंथ कहा गया है। इसकी कथा सुनना और सुनाना दोनों ही मुक्तिदायिनी हैं और आत्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाती है। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी तीसरे व्यक्ति को कथा सुनने के लिए प्रेरित करता है तो पहले व्यक्ति को इस बात का भी पूरा फल मिलता है। उन्होंने कहा कि गुरु वशिष्ट व महर्षि विश्वामित्र के प्रसंग के माध्यम से श्रोताओं को बताया कि कथा सुनने का फल सभी पुण्यों, तपस्या व सभी तीर्थों की यात्रा के फल से भी कहीं बढ़कर है। भागवत कथा का आयोजन करने तथा सुनने के अनेक लाभ हैं। इसे आयोजित कराने तथा सुनने वाले व्यक्तियों-परिवारों के पितरों को शांति और मुक्ति मिलती है।
कथा शुभारंभ के पहले आचार्य ज्ञानहरि जी महाराज के संयोजन में वृंदावन परवल से पधारे भक्तों द्वारा मां सरयू के तट से कलश यात्रा निकाली गई और कलश यात्रा के समापन के बाद व्यासपीठ का विधिवत पूजन अर्चन किया गया। भक्तों ने गुरु महाराज की आरती उतारी। ज्ञान हरि महाराज ने बताया कि श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा यज्ञ श्री गुरु महाराज की कृपा से दिसंबर माह में भक्तों के साथ सभी तीर्थ स्थल में कथा की जा रही है। इस बार अयोध्या में यह कथा 18 से 24 दिसंबर तक दिन में 2 से 5 तक चलेगी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व वृदांवन चित्रकूट नैमिषारण्य बद्रीनाथ हरिद्वार में भी दिसंबर माह में कथा का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कथा श्रवण से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
: काशी के बाद रामनगरी में जनप्रतिनिधियों का होगा जमावड़ा
Fri, Dec 17, 2021
रामनगरी में देश भर से आ रहे मेयर का होगा ऐतिहासिक स्वागत: ऋषिकेश उपाध्याय
भाजपा शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का अयोध्या दौरे के बाद अब देशभर के 50 मेयर भगवान श्री रामलला के दरबार में लगायेंगे हाजिरी
अयोध्या। भाजपा शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का अयोध्या दौरे के बाद अब देशभर के 50 मेयर भगवान श्री रामलला का दर्शन करने अयोध्या पहुंच रहे हैं। 18 दिसंबर को सभी मेयर एक साथ माँ सरयू के आरती पूजन कर राम मंदिर निर्माण के कार्यों को भी देखेंगे। जिसको लेकर रामनगरी अयोध्या में भव्य स्वागत किये जाने की तैयारी की गई है।काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर उद्घाटन में देश भर के जनप्रतिनिधियों का आगमन के बाद भगवान श्री रामलला के दर्शन भी कर रहे हैं। पूर्व में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में 8 प्रदेशों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे पर रहे। और अब देश भर के महानगरों के महापौर भी श्री रामलला का दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। 17 दिसंबर को देर शाम सभी महापौर अयोध्या के पंचशील होटल पहुंचेंगे। और 18 दिसंबर को सुबह सरयू आरती कर हनुमानगढ़ी व रामलला के दरबार में दर्शन पूजन करेंगे जिसके बाद परिसर में चल रहे मंदिर निर्माण की तैयारियों को भी देखेंगे।अयोध्या नगर निगम के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा काशी विश्वनाथ के कॉरिडोर का उद्घाटन किया है। जिसमें देशभर के हमारे भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए और वह दो दिन पूर्व अयोध्या में थे। इस संबंध में 17 दिसंबर को वहां मेयर कॉन्फ्रेंस है। इस कार्यक्रम के पश्चात 18 दिसंबर को देश भर से मेयर आये है। वह अयोध्या में भगवान रामलला का दर्शन करेंगे। नगर निगम और अयोध्या के नागरिक यहां के स्वागत के लिए तैयार हैं यहां पर सभी महापौर का भव्य स्वागत किया जाएगा। वही कहा कि अयोध्या के सौभाग्य का विषय है जो माननीय मोदी जी ने भारत के सभी तीर्थ क्षेत्रों का आज आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव लौट आया है इस उद्देश्य से देश भर से आने वाले अतिथियों का स्वागत किया जाएगा। वहीं बताया कि अयोध्या में राम जन्मभूमि, हनुमान गढ़ी, सरयू जी पर आरती पूजन करेंगे। उसके बाद पुनः वापस काशी जाएंगे अयोध्या आने वाले मेयरों की संख्या 50 होगी।
: दो संस्कृतियों का होगा संगम, जिससे दुनिया हमारी सर्वश्रेष्ठ संस्कृति को समझ सके: महंत अवधेश दास
Fri, Dec 17, 2021
सिद्धपीठ बड़ा भक्त माल मंदिर में 19 वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन का होगा 2 दिवसीय आयोजन जिसमें कवि सम्मेलन गोष्ठी और साहित्य सम्मान का होगा समागम
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन का आयोजन सिद्ध पीठ बड़ा भक्तमाल के प्रांगण में होगा। अवध की धरती पर मैथिली साहित्य के विद्वान होंगे इकट्ठा संवैधानिक अधिकार दिवस के रूप में 19 वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन में कवि सम्मेलन गोष्ठी और साहित्य सम्मान का होगा आयोजन। मैथिली सम्मेलन के द्वारा अयोध्या और मिथिला के संबंधों को भी दिया जाएगा नया आयाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित देश के कई हस्तियों को मैथिली सम्मेलन में किया गया है आमंत्रित।बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश कुमार दास ने बताया कि 22 व 23 दिसंबर को अयोध्या में दो संस्कृतियों का संगम होगा जिससे दुनिया हमारी सर्वश्रेष्ठ संस्कृति को समझ सकेगी। उन्होंने बताया कि माता जानकी मिथिला की है और प्रभु श्री राम अवध क्षेत्र अयोध्या के इसलिए अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन अयोध्या में हो रहा है इससे इसका और महत्व बढ़ जाता है। कार्यक्रम आयोजन के महासचिव डॉक्टर बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया कि महंत कौशल किशोर दास जी की अध्यक्षता में कौशलेंद्र कथा मंडप में 22 व 23 दिसंबर को 19वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मैथिली एवम् मैथिलक विषय पर केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय गोष्ठी का आयोजन होगा इसके साथ ही कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संविधान में आठवीं अनुसूची में सम्मिलित विभिन्न भाषा में उत्कृष्ट योगदान और बेहतर प्रदर्शन करने वालों व्यक्तियों को मिथिला रतन से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय झा , जिवेश मिश्र पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राजनीतिक हस्तियों को भी मिथिला सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है।