मानवता व अध्यात्म का संदेश दे रहा स्वामी नारायण सम्प्रदाय : भगवान स्वामीनारायण द्वारा रचित शिक्षापत्री के 200 वर्ष पूर्ण होने के समैयो महोत्सव का हुआ अनूठा व ऐतिहासिक कार्यक्रम
बमबम यादव
Mon, Feb 2, 2026
मानवता व अध्यात्म का संदेश दे रहा स्वामी नारायण सम्प्रदाय
भगवान स्वामीनारायण द्वारा रचित शिक्षापत्री के 200 वर्ष पूर्ण होने के समैयो महोत्सव का हुआ अनूठा व ऐतिहासिक कार्यक्रम
पीएम मोदी वीडियो काल से तो गृहमंत्री अमित शाह कार्यक्रम में हुए शामिल
नर नारायण देव गादीपति आचार्य धर्म धुरंधर कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज विरासत को समेटे हुए सम्प्रदाय को बढ़ा रहे आगेः महंत शास्त्री नारायण बल्लभ स्वामी
कहा, शिक्षापत्री के रूप में भगवान स्वामी नारायण ने हमें जीवन का अनमोल मार्गदर्शन दिया
अयोध्या। स्वामी नारायण सम्प्रदाय का स्वर्णिम इतिहास बिना नर नारायण देव गादीपति आचार्य मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद सम्भव ही नही है। महाराज तेजेन्द्र प्रसाद ने स्वामी नारायण सम्प्रदाय का डंका न सिर्फ भारत अपितु पूरी दुनिया में बजाया है। मानवता व अध्यात्म का संदेश देने वाले स्वामी नारायण सम्प्रदाय के बारे में लोगो को रुबरु कराया। आज वर्तमान में उनके बेटे नर नारायण देव गादीपति धर्म धुरंधर आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज उनकी विरासत को समेटे हुए सम्प्रदाय को आगे बढ़ा रहे है। श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में स्वामी नारायण जी महाराज का मंदिर भी अपने सेवा भाव के लिए सुविख्यात है। अयोध्या में स्वामी नारायण संप्रदाय के आद्य संस्थापक घनश्याम महाराज की बाल्यावस्था श्री स्वामीनारायण मंदिर मे बीता था। स्वामी नारायण मंदिर रायगंज के महंत शास्त्री नारायण बल्लभ स्वामी महाराज ने कहा कि भगवान स्वामीनारायण द्वारा रचित शिक्षापत्री के 200 वर्ष पूर्ण होने के समैया के उत्सव अवसर पर गांधीनगर जिले के अडालज में शामिल हुए।
समैयो महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश का प्रसारण कर सभी हरि भत्तों को शुभकामनाएं भी दी गईं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को पावन आशीर्वाद परम पूज्य आचार्य मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद जी का रहा तो अध्यक्षता नर नारायण देव गादीपति आचार्य धर्म धुरंधर कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज जी ने किया। कार्यक्रम में प्रतिदिन लाखों हरिभक्त शामिल हो रहें तो। उन्होंने कहा कि भगवान स्वामीनारायण द्वारा रचित पवित्र ग्रंथ शिक्षापत्री के 200 वर्ष पूर्ण होने के समैयो महोत्सव का बड़ा ही अनूठा व ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ। जिसमें देश के गृह मंत्री अमित शाह व गुजरात के मुख्यमंत्री शामिल हुए। कार्यक्रम में वीडियो काल के जरिए पीएम मोदी ने संदेश देते हुए कहा आज हम सब एक विशेष अवसर के साक्षी बन रहे हैं। भगवान स्वामी नारायण की शिक्षापत्री के 200 साल, द्विशताब्दी समारोह का ये अवसर, हम सबका सौभाग्य है कि इस पावन पर्व के हम सब सहभागी बन रहे हैं। इस पुण्यकाल में, मैं आप सभी संतों को नमन करता हूं। मैं भगवान स्वामी नारायण के करोड़ों अनुयायियों को द्विशताब्दी महोत्सव की बधाई देता हूं। भारत, ज्ञानयोग के लिए समर्पित रहा है। हजारों साल पुराने वेद, आज भी प्रेरणा है।ऋषि-मुनियों ने तत्कालीन समय के अनुरूप, वेदों के प्रकाश में उस समय की व्यवस्थाओं को निरंतर विकसित किया। वेदों से उपनिषद, उपनिषदों से पुराण, श्रुति, स्मृति, कथावाचन, गायन, ऐसे विविध आयामों से हमारी परंपरा सामर्थ्यवान होती रही।
समय की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग कालखंड में महात्मा, ऋषि, मनिषियों ने इस परंपरा में नए-नए अध्याय जोड़ें। हम सभी जानते हैं, भगवान स्वामी नारायण के जीवन के प्रसंग, लोकशिक्षा, लोकसेवा से जुड़े रहे हैं। इसी अनुभव को उन्होंने सरल शब्दों में समझाया। शिक्षापत्री के रूप में भगवान स्वामी नारायण ने हमें जीवन का अनमोल मार्गदर्शन दिया। भगवान स्वामी नारायण का जीवन, साधना के साथ-साथ सेवा की भी प्रतिमूर्ति था। आज उनके अनुयायियों द्वारा समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा के कितने ही अभियान चल रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रकल्प, किसान कल्याण के संकल्प, जल से जुड़े अभियान, ये वास्तव में सराहनीय हैं। आप सभी संतजनों को, हरि भक्तों को, समाज सेवा के प्रति अपने दायित्वों का निरंतर विस्तार करते देखना बहुत प्रेरणादायी होता है।
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