Sunday 23rd of August 2026

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बीके बहनों ने बड़े भक्तमाल मंदिर पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज को रक्षासूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद लिया

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झूलनोत्सव मनोरंजन का उत्सव नहीं आध्यात्मिक आनंद का उत्सव: महंत अवधेश दास

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गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

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बड़े भक्तमाल मंदिर में झूलन महोत्सव का छाया उल्लास  : झूलनोत्सव मनोरंजन का उत्सव नहीं आध्यात्मिक आनंद का उत्सव: महंत अवधेश दास

बड़े भक्तमाल मंदिर में झूलन महोत्सव का छाया उल्लास 

झूलनोत्सव मनोरंजन का उत्सव नहीं आध्यात्मिक आनंद का उत्सव: महंत अवधेश दास

अयोध्या। सखी झूलन पधारो झुकी आए बदरा,झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,घिर आये बदरा,साजो सकल श्रृंगार नैना सारों कजरा जैसे मधुर पदों से अयोध्या में गूंज रहा है ऐसी मनमोहन धुन मन को मंत्र मुग्ध कर रही है मौका है झूलन महोत्सव भगवान श्री रामलला की जन्मस्थली अयोध्या में मणिपर्वत मेले से झूलन महोत्सव का प्रारंभ हो जाता है और उत्सव का आनंद पूरे अयोध्या में दिखाई देने लगता दूर-दूर से आए श्रद्धालु मंदिरों में जाकर के इन मंत्र मुग्ध करने वाले पदों में खो जाते हैं। अयोध्या की प्रतिष्ठित पीठ श्री बड़े भक्तमाल में बड़े महंत कौशल किशोर दास महाराज के सानिध्य में वर्तमान पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास जी महाराज के संयोजन में झूलनोत्सव का शुभारंभ मणिपर्वत हरियाली तीज से हो गया मंदिर परिसर से ठाकुर जी की भव्य झांकी निकाली गई झांकी मणि पर्वत पहुंची जहां पर ठाकुर जी को झूला झुलाया गया और उसके उपरांत मंदिर में ठाकुर जी झूले पर विराजमान हुए उनको पद गाकर के रिझाया गया और इस क्षण को देखकर मंदिर परिसर में उपस्थित सैकड़ो की संख्या में भक्त विभोर हो गए।

   महंत अवधेश कुमार दास महाराज ने बताया कि झूलनोत्सव मनोरंजन का उत्सव नहीं आध्यात्मिक आनंद का उत्सव क्योंकि राघवेंद्र सरकार इस चराचर जगत में व्याप्त हैं अगर वह ना चाहे तो उनको पदों से कौन से कौन रिझा सकता है, लेकिन भगवान के भक्त ऐसे हैं भक्तों की इच्छा के लिए ठाकुर जी कुछ भी कर सकते हैं यही कारण है की भक्त ठाकुर जी की आत्मा है और भक्त अपने आराध्य को हर समय हर परिस्थिति में अनुकूल सुख देना चाहता है तो यह झूलनोत्सव आध्यात्मिक आनंद का उत्सव है इसमें संत महात्मा अपने प्रभु को आनंद प्रदान करने के लिए इस उत्सव को मानते हैं इसका अपने आप में बड़ा महत्व है बड़े भक्तमाल मंदिर में हरियाली तीज से प्रारंभ हुआ यह उत्सव श्रावण मास की पूर्णिमा तक चलेगा जिसमें पूरे देश के कोने-कोने से आने वाले कलाकार अपनी कला से सभी को सुख पहुंचाएंगे। मंदिर में इन दिनों रामकथा की अमृत वर्षा हो रही है। व्यास पीठ से दिव्य मुरारी बापू कथा कह रहे हैं। इसका संयोजन महंत धनश्याम दास कर रहे।

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