बृजभूषण की अयोध्या से बार-बार कटियार की दावेदारी बताने से भाजपा में : राम मंदिर आंदोलन के नेता व पूर्व सांसद विनय कटियार को गुजरात लाबी ने जिस तरह राजनीतिक हाशिए पर ढकेला है, लगता है कि अब
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Wed, Feb 4, 2026
बृजभूषण की अयोध्या से बार-बार कटियार की दावेदारी बताने से भाजपा में घबराहट
अयोध्या : राम मंदिर आंदोलन के नेता व पूर्व सांसद विनय कटियार को गुजरात लाबी ने जिस तरह राजनीतिक हाशिए पर ढकेला है, लगता है कि अब उनका वनवास से निकलने का समय आने वाला है। बार-बार पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह जिस तरह अयोध्या में उनकी पहले दावेदारी बताते हुए उनको वाकओवर दिलाने में लगे हैं, उससे लगता है कि कोई ना कोई खिचड़ी दोनों के बीच पक रही है। कटिहार के चुनाव की घोषणा की बात जिस तरह उनका सजातीय वोटर की लामबंदी ने भाजपा की बेचैनी को बढ़ाया है। दोनों पूर्व सांसदों के बीच की चुनावी डिजाइन अभी सामने नहीं आई है। लोकसभा चुनाव के तीन वर्ष से ज्यादा बाकी होने से उसे 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ा जाने लगा है।
दिलचस्प है कि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के उनके बारे में अयोध्या से किये जा रहे दावे को कटियार खारिज नहीं करते। शिवरात्रि पर सिंधी सभा के आयोजन में उनको मुख्य अतिथि बनाया गया है। धीरे-धीरे उनकी बढ़ती सक्रियता से भाजपा के क्षत्रपों का परेशान होना स्वाभाविक है। यही पहले उनके मुकाबले पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की दावेदारी को अयोध्या से आगे करने को हवा देने में लगे थे। ऐसी जानकारी मिलते ही अयोध्या से दावेदारी को पहले विनय कटियार की बता उन्होंने उठती चुनावी लपटों को विराम लगा दिया। अयोध्या व गोंडा के बीच में सरयू नदी का ही फासला है। कटियार भी पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की तरह सैफई परिवार के प्रति नरम हैं। मुलायम सिंह यादव को बड़ा भाई व अखिलेश यादव को परिवार का सदस्य बताते हैं। ब्रेकिंग यूट्यूब' नमक यूट्यूबर के इंटरव्यू में यह सब बातें सैफई परिवार के लिए बोली हैं। यह भी कहा है कि राजनीति के दो विरोधी मुलायम सिंह यादव व कल्याण सिंह उनके आवास पर एक साथ आते थे, दोनों का सम्मान वह बड़े भाई की तरह करते रहे। ठीक ऐसी ही भाषा में नरमी पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव के प्रति है। इसी से अंदर खाने भाजपा नेता परेशान हैं कि इसके पीछे कौन है। उनका मानना है कि जरूर कोई ना कोई ऐसा राजनीतिक शख्स है जिसके दिमाग में विनय कटियार व बृजभूषण शरण सिंह को एक साथ लाकर अयोध्या व देवीपाटन मंडल में 2027 के विधानसभा के चुनाव भाजपा के जीत की डिजाइन को बिगाड़ना है। देवीपाटन मंडल को पूर्व सांसद बृजभूषण भूषण शरण सिंह के प्रभाव वाला माना जाता है। महिला पहलवानों के विवाद के बवंडर के बीच भारतीय जनता पार्टी को पुत्र करण भूषण को उम्मीदवार बनाने के लिए मजबूर होना। करण अब पिता की सीट कैसरगंज से लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। बृजभूषण शरण सिंह 2029 में लोकसभा चुनाव लड़ने का दावा करते हैं। इस दावे के बाद विनय कटियार भी अयोध्या से लड़ने को कह चुके हैं। नंदिनी नगर में राष्ट्रकथा के सफल आयोजन की भाग पूर्व सांसद का विनय कटिहार के प्रति दिए जा रहे बयान ने अटकलें को पंख लगाया है।
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